tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 22 सितंबर 2082

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 07:05 तक

फिर प्रतिपदा · 03:30 बुध तक

यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं कारण जानें

त्योहार

शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना

घटस्थापना मुहूर्त
06:02⁠–⁠08:27
प्रातःकाल 06:02⁠–⁠08:27

शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना मंगल 22 सितंबर को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं। मंगल 22 सितंबर क्यों?

शारदीय नवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

व्रत

अमावस्या

अमावस्या मंगल 22 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। मंगल 22 सितंबर क्यों?

अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:26 06:02 18:08अगला सूर्योदय 06:01 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:02–07:32रोगअशुभ
  • 07:32–09:03उद्वेगअशुभ
  • 09:03–10:34चरसामान्य
  • 10:34–12:05लाभशुभ
  • 12:05–13:36अमृतगुलिक काल में
  • 13:36–15:07कालअशुभ
  • 15:07–16:38शुभराहु काल में
  • 16:38–18:08रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:08–19:37कालअशुभ
  • 19:37–21:06लाभशुभ
  • 21:06–22:36उद्वेगअशुभ
  • 22:36–00:05 बुधशुभ
  • 00:05–01:34 बुधअमृतशुभ
  • 01:34–03:03 बुधचरसामान्य
  • 03:03–04:32 बुधरोगअशुभ
  • 04:32–06:01 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 22 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:26–05:14, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:02–07:32
  • उद्वेग, अशुभ, 07:32–09:03
  • चर, सामान्य, 09:03–10:34
  • लाभ, शुभ, 10:34–12:05
  • अमृत, शुभ, 12:05–13:36
  • काल, अशुभ, 13:36–15:07
  • शुभ, 15:07–16:38
  • रोग, अशुभ, 16:38–18:08
  • काल, अशुभ, 18:08–19:37
  • लाभ, शुभ, 19:37–21:06
  • उद्वेग, अशुभ, 21:06–22:36
  • शुभ, 22:36–00:05 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:05–01:34 बुध
  • चर, सामान्य, 01:34–03:03 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:03–04:32 बुध
  • काल, अशुभ, 04:32–06:01 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:27–09:15, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:03–10:34, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:41–12:29, शुभ
  • गुलिक काल, 12:05–13:36, अशुभ
  • राहु काल, 15:07–16:38, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 22:53–23:41, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:26–05:13 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में शारदीय नवरात्रि मंगल 22 सितंबर को क्यों है?

शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना मंगल 22 सितंबर को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं।

अमावस्या प्रतिपदा 06:02 07:05 05:00 06:00 08:00 09:00 10:00 मंगल 22 सितंबर स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 06:02–08:27
प्रतिपदा 06:02 07:05 05:00 09:00 मंगल 22 सितंबर स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 06:02–08:27 अमावस्या 07:05 तक
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

घटस्थापना प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा मंगल 22 सितंबर को 07:05 से बुध 23 सितंबर को 03:30 तक है, इसलिए वह केवल मंगलवार के प्रातःकाल (06:02–08:27) को छूती है।

शारदीय नवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

Ipameri में अमावस्या मंगल 22 सितंबर को क्यों है?

अमावस्या मंगल 22 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 सोम 21 सितंबर सूर्योदय 06:02
चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 सोम 21 सितंबर सूर्योदय 06:02
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या सोम 21 सितंबर को 10:26 से मंगल 22 सितंबर को 07:05 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 22 सितंबर के सूर्योदय (06:02) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़

मंगल 22 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 359.4° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 359.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 359.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:02। चतुर्दशी उससे पहले 10:26 सोम पर समाप्त हुई। अमावस्या 07:05 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 7 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

प्रतिपदा क्षय क्यों है?

प्रतिपदा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता।

अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया मंगल 22 सितंबर सुबह बुध 23 सितंबर सुबह Ipameri UTC−3 07:05 03:30 06:02 अमावस्या 06:01 द्वितीया प्रतिपदा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया मंगल 22 सितंबर सुबह बुध 23 सितंबर सुबह Ipameri UTC−3 07:05 03:30 06:02 अमावस्या 06:01 द्वितीया प्रतिपदा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 07:05 को शुरू हुई और 03:30 बुध को समाप्त, 06:02 और 06:01 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को अमावस्या है और बुधवार को द्वितीया: प्रतिपदा यहाँ क्षय तिथि है।

मंगल 22 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:26–05:14

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:26–05:14।

सूर्यास्त 18:08 सोम सूर्योदय 06:02 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 21 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:08 सोम सूर्योदय 06:02 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 21 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 21 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:08 सोम से सूर्योदय 06:02 तक थी, 11 घं 54 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 22 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:41–12:29

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:41–12:29।

मंगल 22 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:27–09:15

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:27–09:15, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:53–23:41।

मंगल 22 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:53–23:41

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:27–09:15, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:53–23:41।

सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:02 से 18:08, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:27–09:15 और 22:53–23:41।

मंगल 22 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:02–07:32 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:02 से 18:08, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:08 से 06:01 बुध, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 22 सितंबर को राहुकाल कब है? 15:07–16:38

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:07–16:38।

मंगल 22 सितंबर को यमगंड कब है? 09:03–10:34

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:03–10:34।

मंगल 22 सितंबर को गुलिक काल कब है? 12:05–13:36

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:05–13:36।

सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:02 से 18:08 तक है, 12 घं 6 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 22 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:02

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 18:08, 12 घं 6 मि का दिन।

मंगल 22 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:08

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 18:08, 12 घं 6 मि का दिन।

सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:31
सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:31
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 22 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 154.2° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराफाल्गुनी चंद्रमा 154.2° अगला: हस्त पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराफाल्गुनी चंद्रमा 154.2° अगला: हस्त पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 153°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 15:17 को निकलेगा, हस्त में।

मंगल 22 सितंबर को कौन सा योग है? शुक्ल

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 309° थे: शुक्ल।

सूर्य 154.8° + चंद्रमा 154.2° = 309.0° शुक्ल 306°40′–320°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 154.8° + चंद्रमा 154.2° = 309.0° शुक्ल 306°40′–320°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 154.8° + 154.2° = 309°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 22:29 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।

मंगल 22 सितंबर को कौन सा करण है? नाग

सूर्योदय पर बढ़त 359.4° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।

सूर्य अमावस्या 0° 359.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 359.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 20:48 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 07:05 तक है।

मंगल 22 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:02, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:02 से 06:01 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 22 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 23 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 22 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

मंगल 22 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।

अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन भाद्रपद कृष्ण शुक्ल मंगल 22 सितंबर अमावस्या 23 अग॰ पूर्णिमा 7 सित॰ अमावस्या 22 सित॰ पूर्णिमा 6 अक्टू॰
अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन भाद्रपद कृष्ण शुक्ल मंगल 22 सितंबर अमावस्या 23 अग॰ पूर्णिमा 7 सित॰ अमावस्या 22 सित॰ पूर्णिमा 6 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 22 सितंबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।

मंगल 22 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2139 · शक 2004

विक्रम संवत 2139 29 मार्च 2082 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2082 06:06 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 22 सितंबर सूर्य 154.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2082 06:06 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 22 सितंबर सूर्य 154.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2082, 06:06 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 170.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2139 गिनता है; शक संवत 2004।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 22 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:31

चंद्रमा यहाँ 18:31 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:31
सूर्योदय 06:02 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:31
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 18:31 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।