tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग रवि 28 दिसंबर 2081

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

चतुर्दशी

कृष्ण पक्ष · 02:08 सोम तक

फिर अमावस्या · 01:29 मंगल तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
23:53⁠–⁠00:36 सोम
निशीथ काल 23:53⁠–⁠00:36 सोम

मासिक शिवरात्रि रवि 28 दिसंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। रवि 28 दिसंबर क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:12 05:39 18:50अगला सूर्योदय 05:39 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:39–07:17उद्वेगअशुभ
  • 07:17–08:56चरसामान्य
  • 08:56–10:35लाभशुभ
  • 10:35–12:14अमृतशुभ
  • 12:14–13:53कालअशुभ
  • 13:53–15:32शुभ
  • 15:32–17:11रोगअशुभ
  • 17:11–18:50उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:50–20:11शुभ
  • 20:11–21:32अमृतशुभ
  • 21:32–22:53चरसामान्य
  • 22:53–00:14 सोमरोगअशुभ
  • 00:14–01:36 सोमकालअशुभ
  • 01:36–02:57 सोमलाभशुभ
  • 02:57–04:18 सोमउद्वेगअशुभ
  • 04:18–05:39 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 28 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:55, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 05:39–07:17
  • चर, सामान्य, 07:17–08:56
  • लाभ, शुभ, 08:56–10:35
  • अमृत, शुभ, 10:35–12:14
  • काल, अशुभ, 12:14–13:53
  • शुभ, 13:53–15:32
  • रोग, अशुभ, 15:32–17:11
  • उद्वेग, अशुभ, 17:11–18:50
  • शुभ, 18:50–20:11
  • अमृत, शुभ, 20:11–21:32
  • चर, सामान्य, 21:32–22:53
  • रोग, अशुभ, 22:53–00:14 सोम
  • काल, अशुभ, 00:14–01:36 सोम
  • लाभ, शुभ, 01:36–02:57 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 02:57–04:18 सोम
  • शुभ, 04:18–05:39 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:48–12:40, शुभ
  • यमगण्ड, 12:14–13:53, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:32–17:11, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 17:04–17:57, अशुभ
  • राहु काल, 17:11–18:50, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:13–04:56 सोम

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में मासिक शिवरात्रि रवि 28 दिसंबर को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि रवि 28 दिसंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।

त्रयोदशी 22:00 23:00 00:00 01:00 02:00 03:00 शनि 27 दिसंबर निशीथ काल 23:52–00:36 रवि
त्रयोदशी 22:00 00:00 02:00 शनि 27 दिसंबर निशीथ काल 23:52–00:36 रवि
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी रवि 28 दिसंबर को 03:13 से सोम 29 दिसंबर को 02:08 तक है, इसलिए केवल रविवार की रात का निशीथ काल (23:53–00:36 सोम) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

रवि 28 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 337.3° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 337.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 337.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:39। त्रयोदशी उससे पहले 03:13 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 02:08 सोम को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 16 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में त्रयोदशी क्यों है?

नई दिल्ली में त्रयोदशी है, Ipameri में चतुर्दशी।

त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी अमावस्या रवि 28 दिसंबर सुबह सोम 29 दिसंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 11:43 03:13 10:38 02:08 07:12 त्रयोदशी 07:12 चतुर्दशी 05:39 चतुर्दशी 05:39 अमावस्या
त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी अमावस्या रवि 28 दिसंबर सुबह सोम 29 दिसंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 11:43 03:13 10:38 02:08 07:12 त्रयोदशी 07:12 चतुर्दशी 05:39 चतुर्दशी 05:39 अमावस्या
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 07:12, त्रयोदशी की समाप्ति 11:43 से पहले हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 05:39, त्रयोदशी की समाप्ति 03:13 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।

रवि 28 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:12–04:55

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:12–04:55।

सूर्यास्त 18:49 शनि सूर्योदय 05:39 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 27 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:49 शनि सूर्योदय 05:39 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 27 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 27 दिसंबर की रात सूर्यास्त 18:49 शनि से सूर्योदय 05:39 तक थी, 10 घं 50 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 28 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:48–12:40

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:48–12:40।

रवि 28 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 17:04–17:57

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 17:04–17:57।

सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 05:39 से 18:50, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 17:04–17:57।

रवि 28 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:39–07:17 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:39 से 18:50, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:50 से 05:39 सोम, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 28 दिसंबर को राहुकाल कब है? 17:11–18:50

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 17:11–18:50।

रवि 28 दिसंबर को यमगंड कब है? 12:14–13:53

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:14–13:53।

रवि 28 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 15:32–17:11

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:32–17:11।

सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 05:39 से 18:50 तक है, 13 घं 11 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 28 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:39

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:39, सूर्यास्त 18:50, 13 घं 11 मि का दिन।

रवि 28 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:50

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:39, सूर्यास्त 18:50, 13 घं 11 मि का दिन।

सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:40 चंद्रोदय 04:49 सोम
सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:40 चंद्रोदय 04:49 सोम
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 28 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा

सूर्योदय पर चंद्रमा 229.5° पर था: ज्येष्ठा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° ज्येष्ठा चंद्रमा 229.5° अगला: मूल पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° ज्येष्ठा चंद्रमा 229.5° अगला: मूल पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 226°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 00:07 सोम को निकलेगा, मूल में।

रवि 28 दिसंबर को कौन सा योग है? गण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 481.8° थे, एक चक्कर और 121.8°: गण्ड।

सूर्य 252.3° + चंद्रमा 229.5° = 481.8° एक चक्कर + 121.8° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 252.3° + चंद्रमा 229.5° = 481.8° एक चक्कर + 121.8° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 252.3° + 229.5° = 481.8°, एक पूरा चक्कर और 121.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 00:35 सोम को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।

रवि 28 दिसंबर को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 337.3° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 337.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° विष्टि 336°–342° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 337.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° विष्टि 336°–342° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 14:38 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 02:08 सोम तक।

रवि 28 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 05:39, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:39 से 05:39 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 28 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 30 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 16 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 30 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

रवि 28 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।

अमान्त पौष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल रवि 28 दिसंबर अमावस्या 30 नव॰ पूर्णिमा 16 दिस॰ अमावस्या 30 दिस॰ पूर्णिमा 14 जन॰
अमान्त पौष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल रवि 28 दिसंबर अमावस्या 30 नव॰ पूर्णिमा 16 दिस॰ अमावस्या 30 दिस॰ पूर्णिमा 14 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।

रवि 28 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2138 · शक 2003

विक्रम संवत 2138 9 अप्रैल 2081 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 9 अप्रैल 2081 05:16 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 28 दिसंबर सूर्य 252.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 9 अप्रैल 2081 05:16 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 28 दिसंबर सूर्य 252.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 9 अप्रैल 2081, 05:16 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 257.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2138 गिनता है; शक संवत 2003।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 28 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:49 सोम

चंद्रमा यहाँ 04:49 सोम पर उदय होता है।

रवि 28 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:40

सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:40 चंद्रोदय 04:49 सोम
सूर्योदय 05:39 सूर्यास्त 18:50 सूर्योदय 05:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:40 चंद्रोदय 04:49 सोम
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:40 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:49 सोम पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:40 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:49 सोम पर उदय होगा।