Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 31 जुलाई 2080
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा बुध 31 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। बुध 31 जुलाई क्यों?
पूर्णिमा: Ipameri में हर तारीख़31 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 31 जुलाई
- 04:57–05:48ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:39 से
- 06:39–08:04लाभ चौघड़िया
- 08:04–09:29अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:54–12:19शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:34–17:59लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:59 के बाद
- 19:34–21:09शुभ चौघड़िया
- 21:09–22:44अमृत चौघड़िया
-
22:22–00:10 गुरुअमृत कालश्रवण में
- 03:29–05:03 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:57–05:48 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:39–08:04लाभशुभ
- 08:04–09:29अमृतयमगण्ड में
- 09:29–10:54कालअशुभ
- 10:54–12:19शुभगुलिक काल में
- 12:19–13:44रोगअशुभ
- 13:44–15:09उद्वेगअशुभ
- 15:09–16:34चरसामान्य
- 16:34–17:59लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:59–19:34उद्वेगअशुभ
- 19:34–21:09शुभ
- 21:09–22:44अमृतशुभ
- 22:44–00:19 गुरुचरसामान्य
- 00:19–01:54 गुरुरोगअशुभ
- 01:54–03:29 गुरुकालअशुभ
- 03:29–05:03 गुरुलाभशुभ
- 05:03–06:38 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 31 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:57–05:48, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:39–08:04
- अमृत, शुभ, 08:04–09:29
- काल, अशुभ, 09:29–10:54
- शुभ, 10:54–12:19
- रोग, अशुभ, 12:19–13:44
- उद्वेग, अशुभ, 13:44–15:09
- चर, सामान्य, 15:09–16:34
- लाभ, शुभ, 16:34–17:59
- उद्वेग, अशुभ, 17:59–19:34
- शुभ, 19:34–21:09
- अमृत, शुभ, 21:09–22:44
- चर, सामान्य, 22:44–00:19 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:19–01:54 गुरु
- काल, अशुभ, 01:54–03:29 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:29–05:03 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:03–06:38 गुरु
- यमगण्ड, 08:04–09:29, अशुभ
- गुलिक काल, 10:54–12:19, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:56–12:42, अशुभ
- राहु काल, 12:19–13:44, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:57–05:48 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में पूर्णिमा बुध 31 जुलाई को क्यों है?
पूर्णिमा बुध 31 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा मंगल 30 जुलाई को 13:50 से बुध 31 जुलाई को 16:14 तक है, इसलिए वह केवल बुध 31 जुलाई के सूर्योदय (06:39) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 31 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 175.6° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:39। चतुर्दशी उससे पहले 13:50 मंगल पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 16:14 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 16 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 31 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:57–05:48
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:57–05:48।
मंगल 30 जुलाई की रात सूर्यास्त 17:59 मंगल से सूर्योदय 06:39 तक थी, 12 घं 40 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 31 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 11:56–12:42
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:56–12:42।
यहाँ दिन, 06:39 से 17:59, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:56–12:42: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 31 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:39–08:04 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:39 से 17:59, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:59 से 06:38 गुरु, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 31 जुलाई को राहुकाल कब है? 12:19–13:44
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:19–13:44।
बुध 31 जुलाई को यमगंड कब है? 08:04–09:29
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:04–09:29।
बुध 31 जुलाई को गुलिक काल कब है? 10:54–12:19
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:54–12:19।
यहाँ दिन 06:39 से 17:59 तक है, 11 घं 20 मि। इसे 1 घं 25 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 31 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:39
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:39, सूर्यास्त 17:59, 11 घं 20 मि का दिन।
बुध 31 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:59
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:39, सूर्यास्त 17:59, 11 घं 20 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 31 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 279.8° पर था: उत्तराषाढा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 276°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 07:06 को निकलेगा, श्रवण में।
बुध 31 जुलाई को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 383.9° थे, एक चक्कर और 23.9°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 104.1° + 279.8° = 383.9°, एक पूरा चक्कर और 23.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 11:47 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
बुध 31 जुलाई को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 175.6° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 03:02 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 16:14 तक है।
बुध 31 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:39, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:39 से 06:38 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 31 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण (अधिक)
16 जुलाई और 15 अगस्त की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक श्रावण।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 जुलाई 22:22 मंगल से 15 अगस्त 05:14 गुरु तक सूर्य कर्क में रहा; सिंह में वह अमावस्या के बाद 16 अगस्त 19:43 शुक्र को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक श्रावण है, जो श्रावण से पहले आता है।
बुध 31 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण (अधिक) है।
बुध 31 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2137 · शक 2002
विक्रम संवत 2137 21 मार्च 2080 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2080, 09:07 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 127.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2137 गिनता है; शक संवत 2002।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 31 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:58
चंद्रमा यहाँ 17:58 पर उदय होता है।
चंद्रमा 17:58 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।