tithika
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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग रवि 1 नवंबर 2076

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

पञ्चमी

शुक्ल पक्ष · 15:15 तक

फिर षष्ठी · 13:45 सोम तक

त्योहार

छठ · संध्या अर्घ्य

संध्या अर्घ्य
18:19
सूर्यास्त 18:19
उषा अर्घ्य
05:32 सोम

छठ · संध्या अर्घ्य रवि 1 नवंबर को है: उस शाम सूर्यास्त पर षष्ठी है। रवि 1 नवंबर क्यों?

छठ: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:03 05:33 18:19अगला सूर्योदय 05:32 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:33–07:09उद्वेगअशुभ
  • 07:09–08:44चरसामान्य
  • 08:44–10:20लाभशुभ
  • 10:20–11:56अमृतशुभ
  • 11:56–13:32कालअशुभ
  • 13:32–15:07शुभ
  • 15:07–16:43रोगअशुभ
  • 16:43–18:19उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:19–19:43शुभ
  • 19:43–21:07अमृतशुभ
  • 21:07–22:32चरसामान्य
  • 22:32–23:56रोगअशुभ
  • 23:56–01:20 सोमकालअशुभ
  • 01:20–02:44 सोमलाभशुभ
  • 02:44–04:08 सोमउद्वेगअशुभ
  • 04:08–05:32 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 1 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:03–04:48, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 05:33–07:09
  • चर, सामान्य, 07:09–08:44
  • लाभ, शुभ, 08:44–10:20
  • अमृत, शुभ, 10:20–11:56
  • काल, अशुभ, 11:56–13:32
  • शुभ, 13:32–15:07
  • रोग, अशुभ, 15:07–16:43
  • उद्वेग, अशुभ, 16:43–18:19
  • शुभ, 18:19–19:43
  • अमृत, शुभ, 19:43–21:07
  • चर, सामान्य, 21:07–22:32
  • रोग, अशुभ, 22:32–23:56
  • काल, अशुभ, 23:56–01:20 सोम
  • लाभ, शुभ, 01:20–02:44 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 02:44–04:08 सोम
  • शुभ, 04:08–05:32 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:30–12:21, शुभ
  • यमगण्ड, 11:56–13:32, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:07–16:43, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:37–17:28, अशुभ
  • राहु काल, 16:43–18:19, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:03–04:48 सोम

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में छठ रवि 1 नवंबर को क्यों है?

छठ · संध्या अर्घ्य रवि 1 नवंबर को है: उस शाम सूर्यास्त पर षष्ठी है।

षष्ठी 17:00 18:00 19:00 20:00 रवि 1 नवंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्यास्त 18:19
षष्ठी 17:00 18:00 19:00 20:00 रवि 1 नवंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्यास्त 18:19
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्यास्त। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

संध्या अर्घ्य सूर्यास्त पर दिया जाता है। षष्ठी रवि 1 नवंबर को 15:15 से सोम 2 नवंबर को 13:45 तक है, इसलिए सूर्यास्त पर वह केवल रवि 1 नवंबर को है, 18:19 पर। छठ · संध्या अर्घ्य का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्यास्त Tithika की परिपाटी है।

छठ: Ipameri में हर तारीख़

रवि 1 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल पञ्चमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 54.9° आगे था: शुक्ल पञ्चमी।

सूर्य अमावस्या 0° 54.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 54.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 48°–60° पाँचवीं है, शुक्ल पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:33। चतुर्थी उससे पहले 16:28 शनि पर समाप्त हुई। पञ्चमी 15:15 को समाप्त होगी, जब बढ़त 60° होगी। बढ़त 27 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

रवि 1 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:03–04:48

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:03–04:48।

सूर्यास्त 18:19 शनि सूर्योदय 05:33 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 31 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:19 शनि सूर्योदय 05:33 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 31 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 31 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:19 शनि से सूर्योदय 05:33 तक थी, 11 घं 14 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 1 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:30–12:21

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:30–12:21।

रवि 1 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:37–17:28

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:37–17:28।

सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:19 सूर्योदय 05:32 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:19 सूर्योदय 05:32 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 05:33 से 18:19, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:37–17:28।

रवि 1 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:33–07:09 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:19 सूर्योदय 05:32 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:19 सूर्योदय 05:32 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:33 से 18:19, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:19 से 05:32 सोम, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 1 नवंबर को राहुकाल कब है? 16:43–18:19

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:43–18:19।

रवि 1 नवंबर को यमगंड कब है? 11:56–13:32

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:56–13:32।

रवि 1 नवंबर को गुलिक काल कब है? 15:07–16:43

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:07–16:43।

सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:19 सूर्योदय 05:32 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:19 सूर्योदय 05:32 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 05:33 से 18:19 तक है, 12 घं 46 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 1 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:33

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:33, सूर्यास्त 18:19, 12 घं 46 मि का दिन।

रवि 1 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:19

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:33, सूर्यास्त 18:19, 12 घं 46 मि का दिन।

सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:19 सूर्योदय 05:32 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:02 चंद्रोदय 09:22
सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:19 सूर्योदय 05:32 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:02 चंद्रोदय 09:22
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 46 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 46 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 1 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? मूल

सूर्योदय पर चंद्रमा 249.8° पर था: मूल, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° मूल चंद्रमा 249.8° अगला: पूर्वाषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मूल चंद्रमा 249.8° अगला: पूर्वाषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 246°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 11:50 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।

रवि 1 नवंबर को कौन सा योग है? सुकर्मा

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 444.7° थे, एक चक्कर और 84.7°: सुकर्मा।

सूर्य 194.9° + चंद्रमा 249.8° = 444.7° एक चक्कर + 84.7° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 194.9° + चंद्रमा 249.8° = 444.7° एक चक्कर + 84.7° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 194.9° + 249.8° = 444.7°, एक पूरा चक्कर और 84.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 19:45 को समाप्त होता है, फिर धृति।

रवि 1 नवंबर को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 54.9° थी: पञ्चमी का दूसरा आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 54.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° बालव 54°–60° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 54.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° बालव 54°–60° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 03:54 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 54° हुई; बालव 15:15 तक है।

रवि 1 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 05:33, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:19 सूर्योदय 05:32 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:19 सूर्योदय 05:32 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:33 से 05:32 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 1 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 27 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 26 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

रवि 1 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल रवि 1 नवंबर पूर्णिमा 12 अक्टू॰ अमावस्या 27 अक्टू॰ पूर्णिमा 10 नव॰ अमावस्या 26 नव॰
अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल रवि 1 नवंबर पूर्णिमा 12 अक्टू॰ अमावस्या 27 अक्टू॰ पूर्णिमा 10 नव॰ अमावस्या 26 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 27 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।

रवि 1 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2133 · शक 1998

विक्रम संवत 2133 3 अप्रैल 2076 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2076 14:48 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 1 नवंबर सूर्य 194.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2076 14:48 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 1 नवंबर सूर्य 194.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2076, 14:48 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 205° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2133 गिनता है; शक संवत 1998।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 1 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:22

चंद्रमा यहाँ 09:22 पर उदय होता है।

रवि 1 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:02

सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:19 सूर्योदय 05:32 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:02 चंद्रोदय 09:22
सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:19 सूर्योदय 05:32 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:02 चंद्रोदय 09:22
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:22 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:02 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:22 पर उदय हुआ; वह फिर 23:02 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।