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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शनि 12 जनवरी 2075

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

दशमी

कृष्ण पक्ष · 07:19 तक

फिर एकादशी · 04:32 रवि तक

यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं कारण जानें

व्रत

षटतिला एकादशी

पारण समय
09:46⁠–⁠18:53 रवि
रवि 13 जनवरी
व्रत आरंभ
05:48

स्मार्त परंपरा में षटतिला एकादशी शनि 12 जनवरी को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव रवि 13 जनवरी को व्रत रखते हैं। शनि 12 जनवरी क्यों?

षटतिला एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:20 05:48 18:53अगला सूर्योदय 05:48 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:48–07:26कालअशुभ
  • 07:26–09:04शुभ
  • 09:04–10:42रोगअशुभ
  • 10:42–12:21उद्वेगअशुभ
  • 12:21–13:59चरसामान्य
  • 13:59–15:37लाभयमगण्ड में
  • 15:37–17:15अमृतशुभ
  • 17:15–18:53कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:53–20:15लाभशुभ
  • 20:15–21:37उद्वेगअशुभ
  • 21:37–22:59शुभ
  • 22:59–00:21 रविअमृतशुभ
  • 00:21–01:43 रविचरसामान्य
  • 01:43–03:05 रविरोगअशुभ
  • 03:05–04:26 रविकालअशुभ
  • 04:26–05:48 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 12 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:20–05:04, शुभ
  • काल, अशुभ, 05:48–07:26
  • शुभ, 07:26–09:04
  • रोग, अशुभ, 09:04–10:42
  • उद्वेग, अशुभ, 10:42–12:21
  • चर, सामान्य, 12:21–13:59
  • लाभ, शुभ, 13:59–15:37
  • अमृत, शुभ, 15:37–17:15
  • काल, अशुभ, 17:15–18:53
  • लाभ, शुभ, 18:53–20:15
  • उद्वेग, अशुभ, 20:15–21:37
  • शुभ, 21:37–22:59
  • अमृत, शुभ, 22:59–00:21 रवि
  • चर, सामान्य, 00:21–01:43 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:43–03:05 रवि
  • काल, अशुभ, 03:05–04:26 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:26–05:48 रवि
  • गुलिक काल, 05:48–07:26, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 05:48–06:40, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:40–07:32, अशुभ
  • राहु काल, 09:04–10:42, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:54–12:47, शुभ
  • यमगण्ड, 13:59–15:37, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:21–05:05 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में षटतिला एकादशी शनि 12 जनवरी को क्यों है?

स्मार्त परंपरा में षटतिला एकादशी शनि 12 जनवरी को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव रवि 13 जनवरी को व्रत रखते हैं।

दशमी 05:48 07:19 03:00 04:00 05:00 06:00 शनि 12 जनवरी स्मार्त अरुणोदय 04:12–05:48 एकादशी 07:19 से
दशमी 05:48 07:19 03:00 05:00 शनि 12 जनवरी स्मार्त अरुणोदय 04:12–05:48 एकादशी 07:19 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह शनि 12 जनवरी को 07:19 पर, उस सूर्योदय (05:48) के बाद, लगती है और रवि 13 जनवरी को 04:32 पर, अगले सूर्योदय (05:48 रवि) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: शनि 12 जनवरी।

षटतिला एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

शनि 12 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण दशमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 299.1° आगे था: कृष्ण दशमी।

सूर्य अमावस्या 0° 299.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 299.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 288°–300° पच्चीसवीं है, कृष्ण दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:48। नवमी उससे पहले 09:41 शुक्र पर समाप्त हुई। दशमी 07:19 को समाप्त होगी, जब बढ़त 300° होगी। बढ़त 2 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

एकादशी क्षय क्यों है?

एकादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी शनि 12 जनवरी सुबह रवि 13 जनवरी सुबह Ipameri UTC−3 07:19 04:32 05:48 दशमी 05:48 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी शनि 12 जनवरी सुबह रवि 13 जनवरी सुबह Ipameri UTC−3 07:19 04:32 05:48 दशमी 05:48 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 07:19 को शुरू हुई और 04:32 रवि को समाप्त, 05:48 और 05:48 रवि के सूर्योदयों के बीच। शनिवार को दशमी है और रविवार को द्वादशी: एकादशी यहाँ क्षय तिथि है।

शनि 12 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:20–05:04

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:20–05:04।

सूर्यास्त 18:53 शुक्र सूर्योदय 05:48 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 11 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:53 शुक्र सूर्योदय 05:48 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 11 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 11 जनवरी की रात सूर्यास्त 18:53 शुक्र से सूर्योदय 05:48 तक थी, 10 घं 55 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 12 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:54–12:47

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:54–12:47।

शनि 12 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 05:48–06:40

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:48–06:40 और 06:40–07:32।

शनि 12 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 06:40–07:32

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:48–06:40 और 06:40–07:32।

सूर्योदय 05:48 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:48 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 05:48 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:48 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 05:48 से 18:53, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:48–06:40 और 06:40–07:32।

शनि 12 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:48–07:26 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:48 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:48 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 05:48 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:48 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:48 से 18:53, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:53 से 05:48 रवि, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 12 जनवरी को राहुकाल कब है? 09:04–10:42

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:04–10:42।

शनि 12 जनवरी को यमगंड कब है? 13:59–15:37

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:59–15:37।

शनि 12 जनवरी को गुलिक काल कब है? 05:48–07:26

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:48–07:26।

सूर्योदय 05:48 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:48 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:48 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:48 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 05:48 से 18:53 तक है, 13 घं 5 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 12 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 05:48

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:48, सूर्यास्त 18:53, 13 घं 5 मि का दिन।

शनि 12 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:53

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:48, सूर्यास्त 18:53, 13 घं 5 मि का दिन।

सूर्योदय 05:48 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:48 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:44 चंद्रोदय 02:30 रवि
सूर्योदय 05:48 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:48 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:44 चंद्रोदय 02:30 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 12 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा

सूर्योदय पर चंद्रमा 206.5° पर था: विशाखा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 206.5° अगला: अनुराधा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 206.5° अगला: अनुराधा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 203°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 17:06 को निकलेगा, अनुराधा में।

शनि 12 जनवरी को कौन सा योग है? शूल

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 473.9° थे, एक चक्कर और 113.9°: शूल।

सूर्य 267.4° + चंद्रमा 206.5° = 473.9° एक चक्कर + 113.9° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 267.4° + चंद्रमा 206.5° = 473.9° एक चक्कर + 113.9° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 267.4° + 206.5° = 473.9°, एक पूरा चक्कर और 113.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 15:18 को समाप्त होता है, फिर गण्ड।

शनि 12 जनवरी को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 299.1° थी: दशमी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 299.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° विष्टि 294°–300° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 299.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° विष्टि 294°–300° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 20:34 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 294° हुई; विष्टि 07:19 तक है।

शनि 12 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:48, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 05:48 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:48 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 05:48 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:48 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:48 से 05:48 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 12 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 18 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 16 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

शनि 12 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।

अमान्त माघ पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल शनि 12 जनवरी अमावस्या 18 दिस॰ पूर्णिमा 2 जन॰ अमावस्या 16 जन॰ पूर्णिमा 1 फ़र॰
अमान्त माघ पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल शनि 12 जनवरी अमावस्या 18 दिस॰ पूर्णिमा 2 जन॰ अमावस्या 16 जन॰ पूर्णिमा 1 फ़र॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।

शनि 12 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2131 · शक 1996

विक्रम संवत 2131 27 मार्च 2074 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 27 मार्च 2074 11:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 12 जनवरी सूर्य 267.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 27 मार्च 2074 11:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 12 जनवरी सूर्य 267.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 27 मार्च 2074, 11:20 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 285° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2131 गिनता है; शक संवत 1996।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 12 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:30 रवि

चंद्रमा यहाँ 02:30 रवि पर उदय होता है।

शनि 12 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:44

सूर्योदय 05:48 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:48 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:44 चंद्रोदय 02:30 रवि
सूर्योदय 05:48 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:48 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:44 चंद्रोदय 02:30 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:44 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:30 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:44 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:30 रवि पर उदय होगा।