tithika
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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शनि 30 सितंबर 2073

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

चतुर्दशी

कृष्ण पक्ष · 11:04 तक

फिर अमावस्या · 07:22 रवि तक

त्योहार

सर्व पितृ अमावस्या

श्राद्ध मुहूर्त
13:16⁠–⁠15:43
अपराह्न 13:16⁠–⁠15:43

सर्व पितृ अमावस्या शनि 30 सितंबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में अमावस्या है, और किसी दिन नहीं। शनि 30 सितंबर क्यों?

सर्व पितृ अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:21 05:55 18:10अगला सूर्योदय 05:54 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:55–07:27कालअशुभ
  • 07:27–08:58शुभ
  • 08:58–10:30रोगअशुभ
  • 10:30–12:02उद्वेगअशुभ
  • 12:02–13:34चरसामान्य
  • 13:34–15:06लाभयमगण्ड में
  • 15:06–16:38अमृतशुभ
  • 16:38–18:10कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:10–19:38लाभशुभ
  • 19:38–21:06उद्वेगअशुभ
  • 21:06–22:34शुभ
  • 22:34–00:02 रविअमृतशुभ
  • 00:02–01:30 रविचरसामान्य
  • 01:30–02:58 रविरोगअशुभ
  • 02:58–04:26 रविकालअशुभ
  • 04:26–05:54 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 30 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:21–05:08, शुभ
  • काल, अशुभ, 05:55–07:27
  • शुभ, 07:27–08:58
  • रोग, अशुभ, 08:58–10:30
  • उद्वेग, अशुभ, 10:30–12:02
  • चर, सामान्य, 12:02–13:34
  • लाभ, शुभ, 13:34–15:06
  • अमृत, शुभ, 15:06–16:38
  • काल, अशुभ, 16:38–18:10
  • लाभ, शुभ, 18:10–19:38
  • उद्वेग, अशुभ, 19:38–21:06
  • शुभ, 21:06–22:34
  • अमृत, शुभ, 22:34–00:02 रवि
  • चर, सामान्य, 00:02–01:30 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:30–02:58 रवि
  • काल, अशुभ, 02:58–04:26 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:26–05:54 रवि
  • गुलिक काल, 05:55–07:27, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 05:55–06:44, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:44–07:33, अशुभ
  • राहु काल, 08:58–10:30, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:38–12:27, शुभ
  • यमगण्ड, 13:34–15:06, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:20–05:07 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में सर्व पितृ अमावस्या शनि 30 सितंबर को क्यों है?

सर्व पितृ अमावस्या शनि 30 सितंबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में अमावस्या है, और किसी दिन नहीं।

अमावस्या 11:04 13:00 15:00 17:00 शनि 30 सितंबर स्मार्त · वैष्णव अपराह्न 13:16–15:43 चतुर्दशी 11:04 तक
अमावस्या 11:04 13:00 15:00 17:00 शनि 30 सितंबर स्मार्त · वैष्णव अपराह्न 13:16–15:43 चतुर्दशी 11:04 तक
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अपराह्न। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

सब पितरों का श्राद्ध अपराह्न में होता है, दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। अमावस्या शनि 30 सितंबर को 11:04 से रवि 1 अक्टूबर को 07:22 तक है, इसलिए केवल शनिवार का अपराह्न (13:16–15:43) उसके भीतर है। सर्व पितृ अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अपराह्न Tithika की परिपाटी है।

सर्व पितृ अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़

शनि 30 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 345° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 345.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 345.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:55। त्रयोदशी उससे पहले 14:26 शुक्र पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 11:04 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 16 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

शनि 30 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:21–05:08

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:21–05:08।

सूर्यास्त 18:10 शुक्र सूर्योदय 05:55 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 29 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:10 शुक्र सूर्योदय 05:55 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 29 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 29 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:10 शुक्र से सूर्योदय 05:55 तक थी, 11 घं 45 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 30 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:38–12:27

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:38–12:27।

शनि 30 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 05:55–06:44

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:55–06:44 और 06:44–07:33।

शनि 30 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:44–07:33

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:55–06:44 और 06:44–07:33।

सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:54 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:54 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 05:55 से 18:10, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:55–06:44 और 06:44–07:33।

शनि 30 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:55–07:27 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:54 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:54 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:55 से 18:10, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:10 से 05:54 रवि, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 30 सितंबर को राहुकाल कब है? 08:58–10:30

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:58–10:30।

शनि 30 सितंबर को यमगंड कब है? 13:34–15:06

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:34–15:06।

शनि 30 सितंबर को गुलिक काल कब है? 05:55–07:27

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:55–07:27।

सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:54 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:54 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 05:55 से 18:10 तक है, 12 घं 15 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 30 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:55

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:55, सूर्यास्त 18:10, 12 घं 15 मि का दिन।

शनि 30 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:10

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:55, सूर्यास्त 18:10, 12 घं 15 मि का दिन।

सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:54 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:33
सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:54 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:33
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 15 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 15 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 30 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 147.9° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराफाल्गुनी चंद्रमा 147.9° अगला: हस्त पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराफाल्गुनी चंद्रमा 147.9° अगला: हस्त पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 146°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:05 रवि को निकलेगा, हस्त में।

शनि 30 सितंबर को कौन सा योग है? शुक्ल

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 310.8° थे: शुक्ल।

सूर्य 162.9° + चंद्रमा 147.9° = 310.8° शुक्ल 306°40′–320°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 162.9° + चंद्रमा 147.9° = 310.8° शुक्ल 306°40′–320°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 162.9° + 147.9° = 310.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 19:32 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।

शनि 30 सितंबर को कौन सा करण है? शकुनि

सूर्योदय पर बढ़त 345° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।

सूर्य अमावस्या 0° 345.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° शकुनि 342°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 345.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° शकुनि 342°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 00:48 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 11:04 तक है।

शनि 30 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:55, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:54 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:54 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:55 से 05:54 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 30 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 1 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 1 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

शनि 30 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।

अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन भाद्रपद कृष्ण शुक्ल शनि 30 सितंबर अमावस्या 1 सित॰ पूर्णिमा 16 सित॰ अमावस्या 1 अक्टू॰ पूर्णिमा 15 अक्टू॰
अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन भाद्रपद कृष्ण शुक्ल शनि 30 सितंबर अमावस्या 1 सित॰ पूर्णिमा 16 सित॰ अमावस्या 1 अक्टू॰ पूर्णिमा 15 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।

शनि 30 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2130 · शक 1995

विक्रम संवत 2130 7 अप्रैल 2073 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2073 11:14 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 30 सितंबर सूर्य 162.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2073 11:14 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 30 सितंबर सूर्य 162.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2073, 11:14 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 169.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2130 गिनता है; शक संवत 1995।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 30 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:33

चंद्रमा यहाँ 17:33 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:54 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:33
सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:54 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:33
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 17:33 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।