Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 30 मार्च 2067
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा बुध 30 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। बुध 30 मार्च क्यों?
पूर्णिमा: Ipameri में हर तारीख़30 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 30 मार्च
- 04:42–05:30ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:18 से
- 06:18–07:48लाभ चौघड़िया
- 07:48–09:17अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:47–12:17शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:45–18:15लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:15 के बाद
- 19:45–21:16शुभ चौघड़िया
- 21:16–22:46अमृत चौघड़िया
-
01:36–03:15 गुरुअमृत कालहस्त में
- 03:18–04:48 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:42–05:30 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:18–07:48लाभशुभ
- 07:48–09:17अमृतयमगण्ड में
- 09:17–10:47कालअशुभ
- 10:47–12:17शुभगुलिक काल में
- 12:17–13:46रोगअशुभ
- 13:46–15:16उद्वेगअशुभ
- 15:16–16:45चरसामान्य
- 16:45–18:15लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:15–19:45उद्वेगअशुभ
- 19:45–21:16शुभ
- 21:16–22:46अमृतशुभ
- 22:46–00:17 गुरुचरसामान्य
- 00:17–01:47 गुरुरोगअशुभ
- 01:47–03:18 गुरुकालअशुभ
- 03:18–04:48 गुरुलाभशुभ
- 04:48–06:18 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 30 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:30, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:18–07:48
- अमृत, शुभ, 07:48–09:17
- काल, अशुभ, 09:17–10:47
- शुभ, 10:47–12:17
- रोग, अशुभ, 12:17–13:46
- उद्वेग, अशुभ, 13:46–15:16
- चर, सामान्य, 15:16–16:45
- लाभ, शुभ, 16:45–18:15
- उद्वेग, अशुभ, 18:15–19:45
- शुभ, 19:45–21:16
- अमृत, शुभ, 21:16–22:46
- चर, सामान्य, 22:46–00:17 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:17–01:47 गुरु
- काल, अशुभ, 01:47–03:18 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:18–04:48 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:48–06:18 गुरु
- यमगण्ड, 07:48–09:17, अशुभ
- गुलिक काल, 10:47–12:17, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:53–12:40, अशुभ
- राहु काल, 12:17–13:46, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:30 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में पूर्णिमा बुध 30 मार्च को क्यों है?
पूर्णिमा बुध 30 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा मंगल 29 मार्च को 16:47 से बुध 30 मार्च को 17:09 तक है, इसलिए वह केवल बुध 30 मार्च के सूर्योदय (06:18) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 30 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 174.6° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:18। चतुर्दशी उससे पहले 16:47 मंगल पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 17:09 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 15 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 30 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:42–05:30
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:42–05:30।
मंगल 29 मार्च की रात सूर्यास्त 18:16 मंगल से सूर्योदय 06:18 तक थी, 12 घं 2 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 30 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 11:53–12:40
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:53–12:40।
यहाँ दिन, 06:18 से 18:15, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:53–12:40: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 30 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:18–07:48 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:18 से 18:15, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:15 से 06:18 गुरु, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 30 मार्च को राहुकाल कब है? 12:17–13:46
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:17–13:46।
बुध 30 मार्च को यमगंड कब है? 07:48–09:17
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:48–09:17।
बुध 30 मार्च को गुलिक काल कब है? 10:47–12:17
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:47–12:17।
यहाँ दिन 06:18 से 18:15 तक है, 11 घं 57 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 30 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:18
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:15, 11 घं 57 मि का दिन।
बुध 30 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:15
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:15, 11 घं 57 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 30 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 159.6° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 156°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 07:04 को निकलेगा, हस्त में।
बुध 30 मार्च को कौन सा योग है? वृद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 504.6° थे, एक चक्कर और 144.6°: वृद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 345° + 159.6° = 504.6°, एक पूरा चक्कर और 144.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 09:58 को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।
बुध 30 मार्च को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 174.6° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 05:02 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 17:09 तक है।
बुध 30 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:18, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:18 से 06:18 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 30 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र (अधिक)
15 मार्च और 13 अप्रैल की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक चैत्र।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 मार्च 05:29 मंगल से 13 अप्रैल 16:24 बुध तक सूर्य मीन में रहा; मेष में वह अमावस्या के बाद 14 अप्रैल 13:01 गुरु को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक चैत्र है, जो चैत्र से पहले आता है।
बुध 30 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र (अधिक) है।
बुध 30 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2124 · शक 1989
विक्रम संवत 2124 15 मार्च 2067 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2067, 05:29 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 15° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2124 गिनता है; शक संवत 1989।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 30 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:00
चंद्रमा यहाँ 18:00 पर उदय होता है।
चंद्रमा 18:00 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।