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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 15 मार्च 2067

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

प्रतिपदा

शुक्ल पक्ष · 03:01 बुध तक

फिर द्वितीया · 01:04 गुरु तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

त्योहार

नव संवत्सर

नव संवत्सर मंगल 15 मार्च को है: उस दिन विक्रम संवत् 2124 आरंभ होता है। मंगल 15 मार्च क्यों?

नव संवत्सर: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:41 06:15 18:27अगला सूर्योदय 06:15 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:15–07:47रोगअशुभ
  • 07:47–09:18उद्वेगअशुभ
  • 09:18–10:50चरसामान्य
  • 10:50–12:21लाभशुभ
  • 12:21–13:52अमृतगुलिक काल में
  • 13:52–15:24कालअशुभ
  • 15:24–16:55शुभराहु काल में
  • 16:55–18:27रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:27–19:55कालअशुभ
  • 19:55–21:24लाभशुभ
  • 21:24–22:53उद्वेगअशुभ
  • 22:53–00:21 बुधशुभ
  • 00:21–01:50 बुधअमृतशुभ
  • 01:50–03:18 बुधचरसामान्य
  • 03:18–04:47 बुधरोगअशुभ
  • 04:47–06:15 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 15 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:28, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:15–07:47
  • उद्वेग, अशुभ, 07:47–09:18
  • चर, सामान्य, 09:18–10:50
  • लाभ, शुभ, 10:50–12:21
  • अमृत, शुभ, 12:21–13:52
  • काल, अशुभ, 13:52–15:24
  • शुभ, 15:24–16:55
  • रोग, अशुभ, 16:55–18:27
  • काल, अशुभ, 18:27–19:55
  • लाभ, शुभ, 19:55–21:24
  • उद्वेग, अशुभ, 21:24–22:53
  • शुभ, 22:53–00:21 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:21–01:50 बुध
  • चर, सामान्य, 01:50–03:18 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:18–04:47 बुध
  • काल, अशुभ, 04:47–06:15 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:41–09:30, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:18–10:50, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:57–12:45, शुभ
  • गुलिक काल, 12:21–13:52, अशुभ
  • राहु काल, 15:24–16:55, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:10–23:58, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:28 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में नव संवत्सर मंगल 15 मार्च को क्यों है?

नव संवत्सर मंगल 15 मार्च को है: उस दिन विक्रम संवत् 2124 आरंभ होता है।

चतुर्दशी 08:19 05:00 06:00 07:00 सोम 14 मार्च सूर्योदय 06:15 अमावस्या 08:19 से
चतुर्दशी 08:19 05:00 06:00 07:00 सोम 14 मार्च सूर्योदय 06:15 अमावस्या 08:19 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

विक्रम संवत् 2124 उस दिन आरंभ होता है जिस दिन सूर्योदय पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हो: मंगल 15 मार्च, 06:15 पर। प्रतिपदा 03:01 बुध तक है।

नव संवत्सर: Ipameri में हर तारीख़

मंगल 15 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 0.4° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 0.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 0.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:15। अमावस्या उससे पहले 05:29 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 03:01 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 15 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?

नई दिल्ली में अमावस्या है, Ipameri में प्रतिपदा।

अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया मंगल 15 मार्च सुबह बुध 16 मार्च सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 13:59 05:29 11:31 03:01 06:31 अमावस्या 06:30 प्रतिपदा 06:15 प्रतिपदा 06:15 द्वितीया
अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया मंगल 15 मार्च सुबह बुध 16 मार्च सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 13:59 05:29 11:31 03:01 06:31 अमावस्या 06:30 प्रतिपदा 06:15 प्रतिपदा 06:15 द्वितीया
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:31, अमावस्या की समाप्ति 13:59 से पहले हुआ: यह दिन अमावस्या है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:15, अमावस्या की समाप्ति 05:29 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।

मंगल 15 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:41–05:28

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:41–05:28।

सूर्यास्त 18:28 सोम सूर्योदय 06:15 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 14 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:28 सोम सूर्योदय 06:15 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 14 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 14 मार्च की रात सूर्यास्त 18:28 सोम से सूर्योदय 06:15 तक थी, 11 घं 47 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 15 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:57–12:45

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:57–12:45।

मंगल 15 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 08:41–09:30

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:41–09:30, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:10–23:58।

मंगल 15 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 23:10–23:58

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:41–09:30, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:10–23:58।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:27 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:27 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:15 से 18:27, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:41–09:30 और 23:10–23:58।

मंगल 15 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:15–07:47 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:27 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:27 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:15 से 18:27, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:27 से 06:15 बुध, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 15 मार्च को राहुकाल कब है? 15:24–16:55

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:24–16:55।

मंगल 15 मार्च को यमगंड कब है? 09:18–10:50

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:18–10:50।

मंगल 15 मार्च को गुलिक काल कब है? 12:21–13:52

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:21–13:52।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:27 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:27 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:15 से 18:27 तक है, 12 घं 12 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 15 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:15

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:27, 12 घं 12 मि का दिन।

मंगल 15 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:27

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:27, 12 घं 12 मि का दिन।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:27 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:32 चंद्रोदय 06:19
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:27 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:32 चंद्रोदय 06:19
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 48 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 48 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 15 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 330.5° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 330.5° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 330.5° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 330° पर उसके पद 4 में आया। वह 10:57 को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।

मंगल 15 मार्च को कौन सा योग है? शुभ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 660.6° थे, एक चक्कर और 300.6°: शुभ।

सूर्य 330.1° + चंद्रमा 330.5° = 660.6° एक चक्कर + 300.6° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 330.1° + चंद्रमा 330.5° = 660.6° एक चक्कर + 300.6° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 330.1° + 330.5° = 660.6°, एक पूरा चक्कर और 300.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 15:44 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।

मंगल 15 मार्च को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न

सूर्योदय पर बढ़त 0.4° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।

सूर्य अमावस्या 0° 0.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 0.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 16:12 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 03:01 बुध तक।

मंगल 15 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:15, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:27 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:27 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:15 से 06:15 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 15 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र (अधिक)

15 मार्च और 13 अप्रैल की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 मार्च 05:29 से 13 अप्रैल 16:24 बुध तक सूर्य मीन में रहा; मेष में वह अमावस्या के बाद 14 अप्रैल 13:01 गुरु को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक चैत्र है, जो चैत्र से पहले आता है।

मंगल 15 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र (अधिक) का है।

अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र (अधिक) चैत्र (अधिक) कृष्ण शुक्ल मंगल 15 मार्च पूर्णिमा 1 मार्च अमावस्या 15 मार्च पूर्णिमा 30 मार्च अमावस्या 13 अप्रैल
अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र (अधिक) चैत्र (अधिक) कृष्ण शुक्ल मंगल 15 मार्च पूर्णिमा 1 मार्च अमावस्या 15 मार्च पूर्णिमा 30 मार्च अमावस्या 13 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र (अधिक) है।

मंगल 15 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2124 · शक 1989

विक्रम संवत 2124 15 मार्च 2067 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 15 मार्च 2067 05:29 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 15 मार्च सूर्य 330.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 15 मार्च 2067 05:29 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 15 मार्च सूर्य 330.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2067, 05:29। तब से सूर्य तारों के बीच 0.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2124 गिनता है; शक संवत 1989।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 15 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:19

चंद्रमा यहाँ 06:19 पर उदय होता है।

मंगल 15 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:32

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:27 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:32 चंद्रोदय 06:19
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:27 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:32 चंद्रोदय 06:19
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:19 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 18:32 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:19 पर उदय हुआ; वह फिर 18:32 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।