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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 19 अक्टूबर 2066

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

प्रतिपदा

शुक्ल पक्ष · 20:45 तक

फिर द्वितीया · 18:30 बुध तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

त्योहार

गोवर्धन पूजा

गोवर्धन पूजा मुहूर्त
05:41⁠–⁠08:11
प्रातःकाल 05:41⁠–⁠08:11

गोवर्धन पूजा मंगल 19 अक्टूबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं। मंगल 19 अक्टूबर क्यों?

गोवर्धन पूजा: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:09 05:41 18:14अगला सूर्योदय 05:40 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:41–07:15रोगअशुभ
  • 07:15–08:49उद्वेगअशुभ
  • 08:49–10:23चरसामान्य
  • 10:23–11:57लाभशुभ
  • 11:57–13:31अमृतगुलिक काल में
  • 13:31–15:06कालअशुभ
  • 15:06–16:40शुभराहु काल में
  • 16:40–18:14रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:14–19:40कालअशुभ
  • 19:40–21:06लाभशुभ
  • 21:06–22:31उद्वेगअशुभ
  • 22:31–23:57शुभ
  • 23:57–01:23 बुधअमृतशुभ
  • 01:23–02:48 बुधचरसामान्य
  • 02:48–04:14 बुधरोगअशुभ
  • 04:14–05:40 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 19 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:09–04:55, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:41–07:15
  • उद्वेग, अशुभ, 07:15–08:49
  • चर, सामान्य, 08:49–10:23
  • लाभ, शुभ, 10:23–11:57
  • अमृत, शुभ, 11:57–13:31
  • काल, अशुभ, 13:31–15:06
  • शुभ, 15:06–16:40
  • रोग, अशुभ, 16:40–18:14
  • काल, अशुभ, 18:14–19:40
  • लाभ, शुभ, 19:40–21:06
  • उद्वेग, अशुभ, 21:06–22:31
  • शुभ, 22:31–23:57
  • अमृत, शुभ, 23:57–01:23 बुध
  • चर, सामान्य, 01:23–02:48 बुध
  • रोग, अशुभ, 02:48–04:14 बुध
  • काल, अशुभ, 04:14–05:40 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:11–09:01, अशुभ
  • यमगण्ड, 08:49–10:23, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:32–12:22, शुभ
  • गुलिक काल, 11:57–13:31, अशुभ
  • राहु काल, 15:06–16:40, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 22:48–23:34, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:08–04:54 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में गोवर्धन पूजा मंगल 19 अक्टूबर को क्यों है?

गोवर्धन पूजा मंगल 19 अक्टूबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं।

प्रतिपदा 05:41 04:00 06:00 08:00 10:00 मंगल 19 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 05:41–08:11
प्रतिपदा 05:41 04:00 06:00 08:00 10:00 मंगल 19 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 05:41–08:11
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

गोवर्धन पूजा प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा सोम 18 अक्टूबर को 22:43 से मंगल 19 अक्टूबर को 20:45 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रातःकाल (05:41–08:11) उसके भीतर है। गोवर्धन पूजा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।

गोवर्धन पूजा: Ipameri में हर तारीख़

मंगल 19 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 3.8° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 3.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 3.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:41। अमावस्या उससे पहले 22:43 सोम पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 20:45 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 18 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?

नई दिल्ली में अमावस्या है, Ipameri में प्रतिपदा।

अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया मंगल 19 अक्टूबर सुबह बुध 20 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 07:13 22:43 05:15 20:45 06:24 अमावस्या 06:25 द्वितीया 05:41 प्रतिपदा 05:40 द्वितीया
अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया मंगल 19 अक्टूबर सुबह बुध 20 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 07:13 22:43 05:15 20:45 06:24 अमावस्या 06:25 द्वितीया 05:41 प्रतिपदा 05:40 द्वितीया
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:24, अमावस्या की समाप्ति 07:13 से पहले हुआ: यह दिन अमावस्या है। प्रतिपदा अगले सूर्योदय से पहले, 05:15 बुध को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता: वह क्षय है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 05:41, अमावस्या की समाप्ति 22:43 सोम के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।

मंगल 19 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:09–04:55

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:09–04:55।

सूर्यास्त 18:14 सोम सूर्योदय 05:41 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 18 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:14 सोम सूर्योदय 05:41 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 18 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 18 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:14 सोम से सूर्योदय 05:41 तक थी, 11 घं 27 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 19 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:32–12:22

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:32–12:22।

मंगल 19 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:11–09:01

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:11–09:01, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:48–23:34।

मंगल 19 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:48–23:34

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:11–09:01, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:48–23:34।

सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:40 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:40 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:41 से 18:14, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:11–09:01 और 22:48–23:34।

मंगल 19 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:41–07:15 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:40 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:40 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:41 से 18:14, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:14 से 05:40 बुध, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 19 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 15:06–16:40

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:06–16:40।

मंगल 19 अक्टूबर को यमगंड कब है? 08:49–10:23

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:49–10:23।

मंगल 19 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 11:57–13:31

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:57–13:31।

सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:40 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:40 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:41 से 18:14 तक है, 12 घं 33 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 19 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:41

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:41, सूर्यास्त 18:14, 12 घं 33 मि का दिन।

मंगल 19 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:14

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:41, सूर्यास्त 18:14, 12 घं 33 मि का दिन।

सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:40 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:57 चंद्रोदय 05:45
सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:40 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:57 चंद्रोदय 05:45
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 19 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 185.3° पर था: चित्रा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 185.3° अगला: स्वाती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 185.3° अगला: स्वाती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 183°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:05 को निकलेगा, स्वाती में।

मंगल 19 अक्टूबर को कौन सा योग है? विष्कम्भ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 366.8° थे, एक चक्कर और 6.8°: विष्कम्भ।

सूर्य 181.5° + चंद्रमा 185.3° = 366.8° एक चक्कर + 6.8° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 181.5° + चंद्रमा 185.3° = 366.8° एक चक्कर + 6.8° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 181.5° + 185.3° = 366.8°, एक पूरा चक्कर और 6.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 16:09 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।

मंगल 19 अक्टूबर को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न

सूर्योदय पर बढ़त 3.8° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।

सूर्य अमावस्या 0° 3.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 3.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 09:47 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 20:45 तक।

मंगल 19 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:41, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:40 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:40 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:41 से 05:40 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 19 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 18 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 17 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

मंगल 19 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक कार्तिक कृष्ण शुक्ल मंगल 19 अक्टूबर पूर्णिमा 3 अक्टू॰ अमावस्या 18 अक्टू॰ पूर्णिमा 1 नव॰ अमावस्या 17 नव॰
अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक कार्तिक कृष्ण शुक्ल मंगल 19 अक्टूबर पूर्णिमा 3 अक्टू॰ अमावस्या 18 अक्टू॰ पूर्णिमा 1 नव॰ अमावस्या 17 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।

मंगल 19 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2123 · शक 1988

विक्रम संवत 2123 25 मार्च 2066 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 2066 19:14 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 19 अक्टूबर सूर्य 181.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 2066 19:14 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 19 अक्टूबर सूर्य 181.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 2066, 19:14 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 200.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2123 गिनता है; शक संवत 1988।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 19 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:45

चंद्रमा यहाँ 05:45 पर उदय होता है।

मंगल 19 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:57

सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:40 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:57 चंद्रोदय 05:45
सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:40 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:57 चंद्रोदय 05:45
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 05:45 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 18:57 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 05:45 पर उदय हुआ; वह फिर 18:57 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।