Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 29 मई 2064
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
29 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 29 मई
- 04:53–05:44ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:35 से
- 06:35–07:59शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:48–12:32अभिजीत मुहूर्त
- 12:10–13:34लाभ चौघड़िया
- 13:34–14:57अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:21–17:44शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:44 के बाद
- 17:44–19:21अमृत चौघड़िया
- 00:10–01:46 शुक्रलाभ चौघड़िया
-
00:38–02:07 शुक्रअमृत कालअनुराधा में
- 03:23–04:59 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:59–06:36 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:53–05:44 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:35–07:59शुभयमगण्ड में
- 07:59–09:23रोगअशुभ
- 09:23–10:46उद्वेगअशुभ
- 10:46–12:10चरसामान्य
- 12:10–13:34लाभशुभ
- 13:34–14:57अमृतराहु काल में
- 14:57–16:21कालअशुभ
- 16:21–17:44शुभ
रात का चौघड़िया
- 17:44–19:21अमृतशुभ
- 19:21–20:57चरसामान्य
- 20:57–22:34रोगअशुभ
- 22:34–00:10 शुक्रकालअशुभ
- 00:10–01:46 शुक्रलाभशुभ
- 01:46–03:23 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:23–04:59 शुक्रशुभ
- 04:59–06:36 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 29 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:53–05:44, शुभ
- शुभ, 06:35–07:59
- रोग, अशुभ, 07:59–09:23
- उद्वेग, अशुभ, 09:23–10:46
- चर, सामान्य, 10:46–12:10
- लाभ, शुभ, 12:10–13:34
- अमृत, शुभ, 13:34–14:57
- काल, अशुभ, 14:57–16:21
- शुभ, 16:21–17:44
- अमृत, शुभ, 17:44–19:21
- चर, सामान्य, 19:21–20:57
- रोग, अशुभ, 20:57–22:34
- काल, अशुभ, 22:34–00:10 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:10–01:46 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:46–03:23 शुक्र
- शुभ, 03:23–04:59 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:59–06:36 शुक्र
- यमगण्ड, 06:35–07:59, अशुभ
- गुलिक काल, 09:23–10:46, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:18–11:03, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:48–12:32, शुभ
- राहु काल, 13:34–14:57, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:46–15:31, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:53–05:44 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
गुरु 29 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 166° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:35। त्रयोदशी उससे पहले 12:55 बुध पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 10:07 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 16 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
गुरु 29 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:53–05:44
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:53–05:44।
बुध 28 मई की रात सूर्यास्त 17:44 बुध से सूर्योदय 06:35 तक थी, 12 घं 51 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 29 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:48–12:32
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:48–12:32।
गुरु 29 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 10:18–11:03
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:18–11:03 और 14:46–15:31।
गुरु 29 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 14:46–15:31
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:18–11:03 और 14:46–15:31।
यहाँ दिन, 06:35 से 17:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:18–11:03 और 14:46–15:31।
गुरु 29 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:35–07:59 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:35 से 17:44, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:44 से 06:36 शुक्र, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 29 मई को राहुकाल कब है? 13:34–14:57
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:34–14:57।
गुरु 29 मई को यमगंड कब है? 06:35–07:59
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:35–07:59।
गुरु 29 मई को गुलिक काल कब है? 09:23–10:46
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:23–10:46।
यहाँ दिन 06:35 से 17:44 तक है, 11 घं 9 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 29 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:35
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:35, सूर्यास्त 17:44, 11 घं 9 मि का दिन।
गुरु 29 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:44
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:35, सूर्यास्त 17:44, 11 घं 9 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 29 मई को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा
सूर्योदय पर चंद्रमा 210.1° पर था: विशाखा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 210° पर उसके पद 4 में आया। वह 11:59 को निकलेगा, अनुराधा में।
गुरु 29 मई को कौन सा योग है? शिव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 254.2° थे: शिव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 44.1° + 210.1° = 254.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 02:08 शुक्र को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।
गुरु 29 मई को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 166° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 23:30 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 10:07 तक है।
गुरु 29 मई को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:35, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:35 से 06:36 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 29 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)
16 मई और 14 जून की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक ज्येष्ठ।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 मई 06:55 शुक्र से 14 जून 19:21 शनि तक सूर्य वृषभ में रहा; मिथुन में वह अमावस्या के बाद 14 जून 22:06 शनि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक ज्येष्ठ है, जो ज्येष्ठ से पहले आता है।
गुरु 29 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ (अधिक) है।
गुरु 29 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2121 · शक 1986
विक्रम संवत 2121 17 मार्च 2064 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2064, 22:45 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 70.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2121 गिनता है; शक संवत 1986।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 29 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:57
चंद्रमा यहाँ 16:57 पर उदय होता है।
चंद्रमा 16:57 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।