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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग सोम 26 जनवरी 2060

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:28 05:56 18:53अगला सूर्योदय 05:57 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:56–07:33अमृतशुभ
  • 07:33–09:10कालअशुभ
  • 09:10–10:47शुभ
  • 10:47–12:25रोगअशुभ
  • 12:25–14:02उद्वेगअशुभ
  • 14:02–15:39चरसामान्य
  • 15:39–17:16लाभशुभ
  • 17:16–18:53अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:53–20:16चरसामान्य
  • 20:16–21:39रोगअशुभ
  • 21:39–23:02कालअशुभ
  • 23:02–00:25 मंगललाभशुभ
  • 00:25–01:48 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:48–03:11 मंगलशुभ
  • 03:11–04:34 मंगलअमृतशुभ
  • 04:34–05:57 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 26 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:12, शुभ
  • अमृत, शुभ, 05:56–07:33
  • काल, अशुभ, 07:33–09:10
  • शुभ, 09:10–10:47
  • रोग, अशुभ, 10:47–12:25
  • उद्वेग, अशुभ, 12:25–14:02
  • चर, सामान्य, 14:02–15:39
  • लाभ, शुभ, 15:39–17:16
  • अमृत, शुभ, 17:16–18:53
  • चर, सामान्य, 18:53–20:16
  • रोग, अशुभ, 20:16–21:39
  • काल, अशुभ, 21:39–23:02
  • लाभ, शुभ, 23:02–00:25 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:25–01:48 मंगल
  • शुभ, 01:48–03:11 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:11–04:34 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:34–05:57 मंगल
  • राहु काल, 07:33–09:10, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:47–12:25, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:59–12:51, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:51–13:42, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:02–15:39, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:26–16:18, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:12 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

सोम 26 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण नवमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 276.3° आगे था: कृष्ण नवमी।

सूर्य अमावस्या 0° 276.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल नवमी 276°–288° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 276.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल नवमी 276°–288° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 276°–288° चौबीसवीं है, कृष्ण नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:56। अष्टमी उससे पहले 05:23 पर समाप्त हुई। नवमी 07:15 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 288° होगी। बढ़त 17 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नवमी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

नवमी यहाँ सोम 26 और मंगल 27 जनवरी दोनों के सूर्योदय पर है।

अष्टमी नवमी नवमी दशमी सोम 26 जनवरी सुबह मंगल 27 जनवरी सुबह Ipameri UTC−3 05:23 07:15 05:56 नवमी 05:57 नवमी नवमी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
अष्टमी नवमी नवमी दशमी सोम 26 जनवरी सुबह मंगल 27 जनवरी सुबह Ipameri UTC−3 05:23 07:15 05:56 नवमी 05:57 नवमी नवमी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। नवमी 05:23 को, सूर्योदय 05:56 से पहले, शुरू हुई और 07:15 मंगल को, अगले सूर्योदय 05:57 मंगल के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन नवमी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में अष्टमी क्यों है?

नई दिल्ली में अष्टमी है, Ipameri में नवमी।

अष्टमी नवमी नवमी दशमी सोम 26 जनवरी सुबह मंगल 27 जनवरी सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 13:53 05:23 15:45 07:15 07:12 अष्टमी 07:11 नवमी 05:56 नवमी 05:57 नवमी
अष्टमी नवमी नवमी दशमी सोम 26 जनवरी सुबह मंगल 27 जनवरी सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 13:53 05:23 15:45 07:15 07:12 अष्टमी 07:11 नवमी 05:56 नवमी 05:57 नवमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 07:12, अष्टमी की समाप्ति 13:53 से पहले हुआ: यह दिन अष्टमी है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 05:56, अष्टमी की समाप्ति 05:23 के बाद हुआ: यह दिन नवमी है।

सोम 26 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:28–05:12

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:28–05:12।

सूर्यास्त 18:53 रवि सूर्योदय 05:56 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 25 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:53 रवि सूर्योदय 05:56 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 25 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 25 जनवरी की रात सूर्यास्त 18:53 रवि से सूर्योदय 05:56 तक थी, 11 घं 3 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 26 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:59–12:51

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:59–12:51।

सोम 26 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:51–13:42

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:51–13:42 और 15:26–16:18।

सोम 26 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 15:26–16:18

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:51–13:42 और 15:26–16:18।

सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 05:56 से 18:53, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:51–13:42 और 15:26–16:18।

सोम 26 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:56–07:33 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:56 से 18:53, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:53 से 05:57 मंगल, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 26 जनवरी को राहुकाल कब है? 07:33–09:10

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:33–09:10।

सोम 26 जनवरी को यमगंड कब है? 10:47–12:25

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:47–12:25।

सोम 26 जनवरी को गुलिक काल कब है? 14:02–15:39

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:02–15:39।

सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 05:56 से 18:53 तक है, 12 घं 57 मि। इसे 1 घं 37 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 26 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 05:56

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:56, सूर्यास्त 18:53, 12 घं 57 मि का दिन।

सोम 26 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:53

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:56, सूर्यास्त 18:53, 12 घं 57 मि का दिन।

सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 13:05 चंद्रोदय 00:40 मंगल
सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 13:05 चंद्रोदय 00:40 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 26 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती

सूर्योदय पर चंद्रमा 197.7° पर था: स्वाती, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 197.7° अगला: विशाखा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 197.7° अगला: विशाखा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 196°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 10:31 को निकलेगा, विशाखा में।

सोम 26 जनवरी को कौन सा योग है? शूल

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 479.2° थे, एक चक्कर और 119.2°: शूल।

सूर्य 281.5° + चंद्रमा 197.7° = 479.2° एक चक्कर + 119.2° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 281.5° + चंद्रमा 197.7° = 479.2° एक चक्कर + 119.2° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 281.5° + 197.7° = 479.2°, एक पूरा चक्कर और 119.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 07:29 को समाप्त होता है, फिर गण्ड।

सोम 26 जनवरी को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 276.3° थी: नवमी का पहला आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 276.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल नवमी 276°–288° तैतिल 276°–282° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 276.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल नवमी 276°–288° तैतिल 276°–282° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 18:24 तक है, जब बढ़त 282° होगी; गर 07:15 मंगल तक।

सोम 26 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:56, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:56 से 05:57 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 26 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 3 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 2 फ़रवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

सोम 26 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।

अमान्त माघ पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल सोम 26 जनवरी अमावस्या 3 जन॰ पूर्णिमा 17 जन॰ अमावस्या 2 फ़र॰ पूर्णिमा 16 फ़र॰
अमान्त माघ पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल सोम 26 जनवरी अमावस्या 3 जन॰ पूर्णिमा 17 जन॰ अमावस्या 2 फ़र॰ पूर्णिमा 16 फ़र॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 2 फ़रवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।

सोम 26 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2116 · शक 1981

विक्रम संवत 2116 12 अप्रैल 2059 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 12 अप्रैल 2059 06:29 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 26 जनवरी सूर्य 281.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 12 अप्रैल 2059 06:29 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 26 जनवरी सूर्य 281.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 12 अप्रैल 2059, 06:29 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 283.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2116 गिनता है; शक संवत 1981।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 26 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 00:40 मंगल

चंद्रमा यहाँ 00:40 मंगल पर उदय होता है।

सोम 26 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 13:05

सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 13:05 चंद्रोदय 00:40 मंगल
सूर्योदय 05:56 सूर्यास्त 18:53 सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 13:05 चंद्रोदय 00:40 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 13:05 पर अस्त हुआ; वह फिर 00:40 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 13:05 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 00:40 मंगल पर उदय होगा।