Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शनि 6 मई 2056
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
6 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 6 मई
- 04:46–05:37ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:27 से
- 07:58–09:18शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:46–12:32अभिजीत मुहूर्त
- 13:34–15:00लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:00–16:25अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:50 के बाद
- 17:50–19:25लाभ चौघड़िया
- 21:00–22:34शुभ चौघड़िया
- 22:34–00:09 रविअमृत चौघड़िया
-
03:13–04:55 रविअमृत कालधनिष्ठा में
- 04:53–06:28 रविलाभ चौघड़िया
- 04:47–05:37 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:27–07:53कालअशुभ
- 07:53–09:18शुभ
- 09:18–10:43रोगअशुभ
- 10:43–12:09उद्वेगअशुभ
- 12:09–13:34चरसामान्य
- 13:34–15:00लाभयमगण्ड में
- 15:00–16:25अमृतशुभ
- 16:25–17:50कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:50–19:25लाभशुभ
- 19:25–21:00उद्वेगअशुभ
- 21:00–22:34शुभ
- 22:34–00:09 रविअमृतशुभ
- 00:09–01:44 रविचरसामान्य
- 01:44–03:18 रविरोगअशुभ
- 03:18–04:53 रविकालअशुभ
- 04:53–06:28 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 6 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:46–05:37, शुभ
- काल, अशुभ, 06:27–07:53
- शुभ, 07:53–09:18
- रोग, अशुभ, 09:18–10:43
- उद्वेग, अशुभ, 10:43–12:09
- चर, सामान्य, 12:09–13:34
- लाभ, शुभ, 13:34–15:00
- अमृत, शुभ, 15:00–16:25
- काल, अशुभ, 16:25–17:50
- लाभ, शुभ, 17:50–19:25
- उद्वेग, अशुभ, 19:25–21:00
- शुभ, 21:00–22:34
- अमृत, शुभ, 22:34–00:09 रवि
- चर, सामान्य, 00:09–01:44 रवि
- रोग, अशुभ, 01:44–03:18 रवि
- काल, अशुभ, 03:18–04:53 रवि
- लाभ, शुभ, 04:53–06:28 रवि
- गुलिक काल, 06:27–07:53, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:27–07:13, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:13–07:58, अशुभ
- राहु काल, 09:18–10:43, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:46–12:32, शुभ
- यमगण्ड, 13:34–15:00, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:47–05:37 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 6 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण अष्टमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 268° आगे था: कृष्ण अष्टमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 264°–276° तेईसवीं है, कृष्ण अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:27। सप्तमी उससे पहले 22:24 शुक्र पर समाप्त हुई। अष्टमी 22:48 को समाप्त होगी, जब बढ़त 276° होगी। बढ़त 29 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में सप्तमी क्यों है?
नई दिल्ली में सप्तमी है, Ipameri में अष्टमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:36, सप्तमी की समाप्ति 06:54 से पहले हुआ: यह दिन सप्तमी है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:27, सप्तमी की समाप्ति 22:24 शुक्र के बाद हुआ: यह दिन अष्टमी है।
शनि 6 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:46–05:37
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:46–05:37।
शुक्र 5 मई की रात सूर्यास्त 17:51 शुक्र से सूर्योदय 06:27 तक थी, 12 घं 36 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 6 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:46–12:32
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:46–12:32।
शनि 6 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:27–07:13
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:27–07:13 और 07:13–07:58।
शनि 6 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 07:13–07:58
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:27–07:13 और 07:13–07:58।
यहाँ दिन, 06:27 से 17:50, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:27–07:13 और 07:13–07:58।
शनि 6 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:27–07:53 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:27 से 17:50, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:50 से 06:28 रवि, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 6 मई को राहुकाल कब है? 09:18–10:43
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:18–10:43।
शनि 6 मई को यमगंड कब है? 13:34–15:00
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:34–15:00।
शनि 6 मई को गुलिक काल कब है? 06:27–07:53
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:27–07:53।
यहाँ दिन 06:27 से 17:50 तक है, 11 घं 23 मि। इसे 1 घं 25 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 6 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:27
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:27, सूर्यास्त 17:50, 11 घं 23 मि का दिन।
शनि 6 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:50
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:27, सूर्यास्त 17:50, 11 घं 23 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 23 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 23 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 6 मई को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण
सूर्योदय पर चंद्रमा 289.9° पर था: श्रवण, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 286°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 12:47 को निकलेगा, धनिष्ठा में।
शनि 6 मई को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 311.9° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 22° + 289.9° = 311.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 20:38 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
शनि 6 मई को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 268° थी: अष्टमी का पहला आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 10:30 तक है, जब बढ़त 270° होगी; कौलव 22:48 तक।
शनि 6 मई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:27, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:27 से 06:28 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 6 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख (अधिक)
14 अप्रैल और 14 मई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक वैशाख।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 14 अप्रैल 20:50 शुक्र से 14 मई 13:06 रवि तक सूर्य मेष में रहा; वृषभ में वह अमावस्या के बाद 14 मई 14:13 रवि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक वैशाख है, जो वैशाख से पहले आता है।
शनि 6 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 मई की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख (अधिक) है, और अमान्त गणना में वैशाख (अधिक)।
शनि 6 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2113 · शक 1978
विक्रम संवत 2113 16 मार्च 2056 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 16 मार्च 2056, 03:52 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 50.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2113 गिनता है; शक संवत 1978।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 6 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 00:39 रवि
चंद्रमा यहाँ 00:39 रवि पर उदय होता है।
शनि 6 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 12:58
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:58 पर अस्त हुआ; वह फिर 00:39 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:58 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 00:39 रवि पर उदय होगा।