tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 14 नवंबर 2051

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

एकादशी

शुक्ल पक्ष · 15:49 तक

फिर द्वादशी · 12:47 बुध तक

व्रत

देवउठनी एकादशी

पारण समय
05:29⁠–⁠12:47 बुध
बुध 15 नवंबर
व्रत आरंभ
05:29

देवउठनी एकादशी मंगल 14 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। मंगल 14 नवंबर क्यों?

देवउठनी एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:00 05:29 18:25अगला सूर्योदय 05:29 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:29–07:06रोगअशुभ
  • 07:06–08:43उद्वेगअशुभ
  • 08:43–10:20चरसामान्य
  • 10:20–11:57लाभशुभ
  • 11:57–13:34अमृतगुलिक काल में
  • 13:34–15:11कालअशुभ
  • 15:11–16:48शुभराहु काल में
  • 16:48–18:25रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:25–19:48कालअशुभ
  • 19:48–21:11लाभशुभ
  • 21:11–22:34उद्वेगअशुभ
  • 22:34–23:57शुभ
  • 23:57–01:20 बुधअमृतशुभ
  • 01:20–02:43 बुधचरसामान्य
  • 02:43–04:06 बुधरोगअशुभ
  • 04:06–05:29 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 14 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:00–04:45, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:29–07:06
  • उद्वेग, अशुभ, 07:06–08:43
  • चर, सामान्य, 08:43–10:20
  • लाभ, शुभ, 10:20–11:57
  • अमृत, शुभ, 11:57–13:34
  • काल, अशुभ, 13:34–15:11
  • शुभ, 15:11–16:48
  • रोग, अशुभ, 16:48–18:25
  • काल, अशुभ, 18:25–19:48
  • लाभ, शुभ, 19:48–21:11
  • उद्वेग, अशुभ, 21:11–22:34
  • शुभ, 22:34–23:57
  • अमृत, शुभ, 23:57–01:20 बुध
  • चर, सामान्य, 01:20–02:43 बुध
  • रोग, अशुभ, 02:43–04:06 बुध
  • काल, अशुभ, 04:06–05:29 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:04–08:56, अशुभ
  • यमगण्ड, 08:43–10:20, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:31–12:23, शुभ
  • गुलिक काल, 11:57–13:34, अशुभ
  • राहु काल, 15:11–16:48, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 22:50–23:35, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:00–04:44 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में देवउठनी एकादशी मंगल 14 नवंबर को क्यों है?

देवउठनी एकादशी मंगल 14 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

एकादशी 05:29 02:00 03:00 04:00 05:00 06:00 07:00 मंगल 14 नवंबर स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 03:53–05:29
एकादशी 05:29 02:00 04:00 06:00 मंगल 14 नवंबर स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 03:53–05:29
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 14 नवंबर को सूर्योदय पर है, 05:29: मंगल 14 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 18:23 सोम पर, उससे (03:53–05:29) पहले, समाप्त हुई।

देवउठनी एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

मंगल 14 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 126.2° आगे था: शुक्ल एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 126.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 126.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:29। दशमी उससे पहले 18:23 सोम पर समाप्त हुई। एकादशी 15:49 को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 3 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

मंगल 14 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:00–04:45

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:00–04:45।

सूर्यास्त 18:24 सोम सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 13 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:24 सोम सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 13 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 13 नवंबर की रात सूर्यास्त 18:24 सोम से सूर्योदय 05:29 तक थी, 11 घं 5 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 14 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:31–12:23

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:31–12:23।

मंगल 14 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:04–08:56

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:04–08:56, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:50–23:35।

मंगल 14 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:50–23:35

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:04–08:56, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:50–23:35।

सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:25 सूर्योदय 05:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:25 सूर्योदय 05:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:29 से 18:25, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:04–08:56 और 22:50–23:35।

मंगल 14 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:29–07:06 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:25 सूर्योदय 05:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:25 सूर्योदय 05:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:29 से 18:25, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:25 से 05:29 बुध, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 14 नवंबर को राहुकाल कब है? 15:11–16:48

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:11–16:48।

मंगल 14 नवंबर को यमगंड कब है? 08:43–10:20

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:43–10:20।

मंगल 14 नवंबर को गुलिक काल कब है? 11:57–13:34

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:57–13:34।

सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:25 सूर्योदय 05:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:25 सूर्योदय 05:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:29 से 18:25 तक है, 12 घं 56 मि। इसे 1 घं 37 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 14 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:29

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:29, सूर्यास्त 18:25, 12 घं 56 मि का दिन।

मंगल 14 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:25

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:29, सूर्यास्त 18:25, 12 घं 56 मि का दिन।

सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:25 सूर्योदय 05:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:07 बुध चंद्रोदय 14:53
सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:25 सूर्योदय 05:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:07 बुध चंद्रोदय 14:53
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 14 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 333.5° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 333.5° अगला: रेवती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 333.5° अगला: रेवती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 333°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 03:06 बुध को निकलेगा, रेवती में।

मंगल 14 नवंबर को कौन सा योग है? हर्षण

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 540.8° थे, एक चक्कर और 180.8°: हर्षण।

सूर्य 207.3° + चंद्रमा 333.5° = 540.8° एक चक्कर + 180.8° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 207.3° + चंद्रमा 333.5° = 540.8° एक चक्कर + 180.8° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 207.3° + 333.5° = 540.8°, एक पूरा चक्कर और 180.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 14:30 को समाप्त होता है, फिर वज्र।

मंगल 14 नवंबर को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 126.2° थी: एकादशी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 126.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° विष्टि 126°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 126.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° विष्टि 126°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 05:10 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 126° हुई; विष्टि 15:49 तक है।

मंगल 14 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:29, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:25 सूर्योदय 05:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:25 सूर्योदय 05:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:29 से 05:29 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 14 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 3 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 3 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

मंगल 14 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल मंगल 14 नवंबर पूर्णिमा 19 अक्टू॰ अमावस्या 3 नव॰ पूर्णिमा 18 नव॰ अमावस्या 3 दिस॰
अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल मंगल 14 नवंबर पूर्णिमा 19 अक्टू॰ अमावस्या 3 नव॰ पूर्णिमा 18 नव॰ अमावस्या 3 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 3 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।

मंगल 14 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2108 · शक 1973

विक्रम संवत 2108 10 अप्रैल 2051 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 10 अप्रैल 2051 22:59 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 14 नवंबर सूर्य 207.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 10 अप्रैल 2051 22:59 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 14 नवंबर सूर्य 207.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 10 अप्रैल 2051, 22:59 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 210.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2108 गिनता है; शक संवत 1973।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 14 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:53

चंद्रमा यहाँ 14:53 पर उदय होता है।

मंगल 14 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:07 बुध

सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:25 सूर्योदय 05:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:07 बुध चंद्रोदय 14:53
सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:25 सूर्योदय 05:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:07 बुध चंद्रोदय 14:53
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:53 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:07 बुध पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:53 पर उदय हुआ; वह फिर 03:07 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।