tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 15 जनवरी 2048

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 08:32 तक

फिर प्रतिपदा · 06:15 गुरु तक

त्योहार

मकर संक्रांति

पुण्य काल
05:49⁠–⁠13:59

मकर संक्रांति बुध 15 जनवरी को है: सूर्य रात में, 21:59 मंगल पर, मकर में प्रवेश करता है। बुध 15 जनवरी क्यों?

मकर संक्रांति: Ipameri में हर तारीख़

त्योहार

मौनी अमावस्या

मौनी अमावस्या बुध 15 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। बुध 15 जनवरी क्यों?

मौनी अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़

व्रत

अमावस्या

अमावस्या बुध 15 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। बुध 15 जनवरी क्यों?

अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:22 05:49 18:54अगला सूर्योदय 05:50 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:49–07:27लाभशुभ
  • 07:27–09:05अमृतयमगण्ड में
  • 09:05–10:43कालअशुभ
  • 10:43–12:22शुभगुलिक काल में
  • 12:22–14:00रोगअशुभ
  • 14:00–15:38उद्वेगअशुभ
  • 15:38–17:16चरसामान्य
  • 17:16–18:54लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:54–20:16उद्वेगअशुभ
  • 20:16–21:38शुभ
  • 21:38–23:00अमृतशुभ
  • 23:00–00:22 गुरुचरसामान्य
  • 00:22–01:44 गुरुरोगअशुभ
  • 01:44–03:06 गुरुकालअशुभ
  • 03:06–04:28 गुरुलाभशुभ
  • 04:28–05:50 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 15 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:22–05:06, शुभ
  • लाभ, शुभ, 05:49–07:27
  • अमृत, शुभ, 07:27–09:05
  • काल, अशुभ, 09:05–10:43
  • शुभ, 10:43–12:22
  • रोग, अशुभ, 12:22–14:00
  • उद्वेग, अशुभ, 14:00–15:38
  • चर, सामान्य, 15:38–17:16
  • लाभ, शुभ, 17:16–18:54
  • उद्वेग, अशुभ, 18:54–20:16
  • शुभ, 20:16–21:38
  • अमृत, शुभ, 21:38–23:00
  • चर, सामान्य, 23:00–00:22 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:22–01:44 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:44–03:06 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:06–04:28 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:28–05:50 गुरु
  • यमगण्ड, 07:27–09:05, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:43–12:22, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:55–12:48, अशुभ
  • राहु काल, 12:22–14:00, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:22–05:06 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में मकर संक्रांति बुध 15 जनवरी को क्यों है?

मकर संक्रांति बुध 15 जनवरी को है: सूर्य रात में, 21:59 मंगल पर, मकर में प्रवेश करता है।

1 2 3 4 5 6 7 8 धनु मकर 11 12 0° 270° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 धनु मकर 11 12 0° 270° पृथ्वी
वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी; तारे स्थिर (निरयन, लाहिड़ी)। पास से: एक ही घड़ी पर (UTC−3) सूर्य का पथ: ऊपर उसकी राशि, नीचे दिन और रात। सूर्य: हर सूर्योदय पर, अपने भोगांश के साथ, और जहाँ वह प्रवेश करता है। खाना: पुण्य काल।

सूर्य 21:59 मंगल पर, सूर्यास्त (18:54 मंगल) के बाद रात में, मकर में प्रवेश करता है। तब धर्मसिंधु पुण्य काल अगले दिन रखता है: बुध 15 जनवरी।

मकर संक्रांति: Ipameri में हर तारीख़

Ipameri में मौनी अमावस्या बुध 15 जनवरी को क्यों है?

मौनी अमावस्या बुध 15 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी 04:00 05:00 06:00 07:00 मंगल 14 जनवरी सूर्योदय 05:49
चतुर्दशी 04:00 05:00 06:00 07:00 मंगल 14 जनवरी सूर्योदय 05:49
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

मौनी अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 14 जनवरी को 11:09 से बुध 15 जनवरी को 08:32 तक है, इसलिए वह केवल बुध 15 जनवरी के सूर्योदय (05:49) पर है। मौनी अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

मौनी अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़

Ipameri में अमावस्या बुध 15 जनवरी को क्यों है?

अमावस्या बुध 15 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी 04:00 05:00 06:00 07:00 मंगल 14 जनवरी सूर्योदय 05:49
चतुर्दशी 04:00 05:00 06:00 07:00 मंगल 14 जनवरी सूर्योदय 05:49
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 14 जनवरी को 11:09 से बुध 15 जनवरी को 08:32 तक है, इसलिए वह केवल बुध 15 जनवरी के सूर्योदय (05:49) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़

बुध 15 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 358.5° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 358.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 358.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:49। चतुर्दशी उससे पहले 11:09 मंगल पर समाप्त हुई। अमावस्या 08:32 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 1 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

बुध 15 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:22–05:06

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:22–05:06।

सूर्यास्त 18:54 मंगल सूर्योदय 05:49 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 14 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:54 मंगल सूर्योदय 05:49 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 14 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 14 जनवरी की रात सूर्यास्त 18:54 मंगल से सूर्योदय 05:49 तक थी, 10 घं 55 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 15 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 11:55–12:48

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:55–12:48।

सूर्योदय 05:49 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:50 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 05:49 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:50 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:49 से 18:54, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:55–12:48: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 15 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:49–07:27 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:49 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:50 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 05:49 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:50 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:49 से 18:54, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:54 से 05:50 गुरु, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 15 जनवरी को राहुकाल कब है? 12:22–14:00

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:22–14:00।

बुध 15 जनवरी को यमगंड कब है? 07:27–09:05

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:27–09:05।

बुध 15 जनवरी को गुलिक काल कब है? 10:43–12:22

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:43–12:22।

सूर्योदय 05:49 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:50 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:49 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:50 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 05:49 से 18:54 तक है, 13 घं 5 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 15 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 05:49

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:49, सूर्यास्त 18:54, 13 घं 5 मि का दिन।

बुध 15 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:54

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:49, सूर्यास्त 18:54, 13 घं 5 मि का दिन।

सूर्योदय 05:49 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:50 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:07
सूर्योदय 05:49 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:50 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:07
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 15 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 268.8° पर था: उत्तराषाढा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 268.8° अगला: श्रवण पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 268.8° अगला: श्रवण पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 266°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 00:33 गुरु को निकलेगा, श्रवण में।

बुध 15 जनवरी को कौन सा योग है? हर्षण

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 539.1° थे, एक चक्कर और 179.1°: हर्षण।

सूर्य 270.3° + चंद्रमा 268.8° = 539.1° एक चक्कर + 179.1° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 270.3° + चंद्रमा 268.8° = 539.1° एक चक्कर + 179.1° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 270.3° + 268.8° = 539.1°, एक पूरा चक्कर और 179.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 17:33 को समाप्त होता है, फिर वज्र।

बुध 15 जनवरी को कौन सा करण है? नाग

सूर्योदय पर बढ़त 358.5° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।

सूर्य अमावस्या 0° 358.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 358.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 21:49 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 08:32 तक है।

बुध 15 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:49, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 05:49 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:50 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 05:49 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:50 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:49 से 05:50 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 15 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 16 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 15 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

बुध 15 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।

अमान्त पूर्णिमान्त माघ पौष कृष्ण शुक्ल बुध 15 जनवरी अमावस्या 16 दिस॰ पूर्णिमा 1 जन॰ अमावस्या 15 जन॰ पूर्णिमा 30 जन॰
अमान्त पूर्णिमान्त माघ पौष कृष्ण शुक्ल बुध 15 जनवरी अमावस्या 16 दिस॰ पूर्णिमा 1 जन॰ अमावस्या 15 जन॰ पूर्णिमा 30 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।

बुध 15 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2104 · शक 1969

विक्रम संवत 2104 26 मार्च 2047 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 2047 08:44 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 15 जनवरी सूर्य 270.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 2047 08:44 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 15 जनवरी सूर्य 270.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2047, 08:44 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 289.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2104 गिनता है; शक संवत 1969।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 15 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:07

चंद्रमा यहाँ 19:07 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 05:49 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:50 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:07
सूर्योदय 05:49 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:50 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:07
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 19:07 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।