Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शुक्र 20 नवंबर 2043
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
20 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 20 नवंबर
- 04:00–04:44ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:28 से
- 07:05–08:43लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 08:56–10:20अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:58–12:24अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 11:58–12:24शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:16–13:35शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 18:28 के बाद
- 21:13–22:35लाभ चौघड़िया
-
22:06–23:34अमृत कालपुनर्वसु में
- 23:58–01:20 शनिशुभ चौघड़िया
- 01:20–02:43 शनिअमृत चौघड़िया
- 04:00–04:44 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:28–07:05चरसामान्य
- 07:05–08:43लाभगुलिक काल में
- 08:43–10:20अमृतशुभ
- 10:20–11:58कालअशुभ
- 11:58–13:35शुभ
- 13:35–15:13रोगअशुभ
- 15:13–16:51उद्वेगअशुभ
- 16:51–18:28चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 18:28–19:51रोगअशुभ
- 19:51–21:13कालअशुभ
- 21:13–22:35लाभशुभ
- 22:35–23:58उद्वेगअशुभ
- 23:58–01:20 शनिशुभ
- 01:20–02:43 शनिअमृतशुभ
- 02:43–04:05 शनिचरसामान्य
- 04:05–05:28 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 20 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:00–04:44, शुभ
- चर, सामान्य, 05:28–07:05
- लाभ, शुभ, 07:05–08:43
- अमृत, शुभ, 08:43–10:20
- काल, अशुभ, 10:20–11:58
- शुभ, 11:58–13:35
- रोग, अशुभ, 13:35–15:13
- उद्वेग, अशुभ, 15:13–16:51
- चर, सामान्य, 16:51–18:28
- रोग, अशुभ, 18:28–19:51
- काल, अशुभ, 19:51–21:13
- लाभ, शुभ, 21:13–22:35
- उद्वेग, अशुभ, 22:35–23:58
- शुभ, 23:58–01:20 शनि
- अमृत, शुभ, 01:20–02:43 शनि
- चर, सामान्य, 02:43–04:05 शनि
- रोग, अशुभ, 04:05–05:28 शनि
- गुलिक काल, 07:05–08:43, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:04–08:56, अशुभ
- राहु काल, 10:20–11:58, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:32–12:24, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:24–13:16, अशुभ
- यमगण्ड, 15:13–16:51, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:00–04:44 शनि
हर मान कैसे निकलता है
शुक्र 20 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण पञ्चमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 228.6° आगे था: कृष्ण पञ्चमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 228°–240° बीसवीं है, कृष्ण पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:28। चतुर्थी उससे पहले 04:27 पर समाप्त हुई। पञ्चमी 01:54 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 240° होगी। बढ़त 16 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में चतुर्थी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्थी है, Ipameri में पञ्चमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:47, चतुर्थी की समाप्ति 12:57 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्थी है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 05:28, चतुर्थी की समाप्ति 04:27 के बाद हुआ: यह दिन पञ्चमी है।
शुक्र 20 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:00–04:44
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:00–04:44।
गुरु 19 नवंबर की रात सूर्यास्त 18:28 गुरु से सूर्योदय 05:28 तक थी, 11 घं 0 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 20 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:32–12:24
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:32–12:24।
शुक्र 20 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:04–08:56
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:04–08:56 और 12:24–13:16।
शुक्र 20 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:24–13:16
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:04–08:56 और 12:24–13:16।
यहाँ दिन, 05:28 से 18:28, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:04–08:56 और 12:24–13:16।
शुक्र 20 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:28–07:05 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:28 से 18:28, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:28 से 05:28 शनि, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 20 नवंबर को राहुकाल कब है? 10:20–11:58
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:20–11:58।
शुक्र 20 नवंबर को यमगंड कब है? 15:13–16:51
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:13–16:51।
शुक्र 20 नवंबर को गुलिक काल कब है? 07:05–08:43
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:05–08:43।
यहाँ दिन 05:28 से 18:28 तक है, 13 घं 0 मि। इसे 1 घं 37 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 20 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:28
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:28, 13 घं 0 मि का दिन।
शुक्र 20 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:28
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:28, 13 घं 0 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 20 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु
सूर्योदय पर चंद्रमा 82° पर था: पुनर्वसु, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 80° पर उसके पद 1 में आया। वह 00:18 शनि को निकलेगा, पुष्य में।
शुक्र 20 नवंबर को कौन सा योग है? शुभ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 295.4° थे: शुभ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 213.4° + 82° = 295.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 22:55 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।
शुक्र 20 नवंबर को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 228.6° थी: पञ्चमी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 15:06 तक है, जब बढ़त 234° होगी; तैतिल 01:54 शनि तक।
शुक्र 20 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:28, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:28 से 05:28 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 20 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 1 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 1 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
शुक्र 20 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
शुक्र 20 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2100 · शक 1965
विक्रम संवत 2100 9 अप्रैल 2043 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 9 अप्रैल 2043, 16:06 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 218° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2100 गिनता है; शक संवत 1965।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 20 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 22:47
चंद्रमा यहाँ 22:47 पर उदय होता है।
शुक्र 20 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:00
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:00 पर अस्त हुआ; वह फिर 22:47 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:00 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 22:47 पर उदय होगा।