Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग सोम 3 दिसंबर 2040
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
व्रत
अमावस्या
अमावस्या सोम 3 दिसंबर को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। सोम 3 दिसंबर क्यों?
अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़3 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 3 दिसंबर
- 04:01–04:45ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:29 से
- 05:29–07:07अमृत चौघड़िया
- 08:45–10:24शुभ चौघड़िया
- 12:02–12:29अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:59–16:58लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
16:03–17:33अमृत कालअनुराधा में
- 16:58–18:36अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:36 के बाद
- 22:41–00:03 मंगललाभ चौघड़िया
- 01:24–02:46 मंगलशुभ चौघड़िया
- 02:46–04:07 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:02–04:45 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:29–07:07अमृतशुभ
- 07:07–08:45कालअशुभ
- 08:45–10:24शुभ
- 10:24–12:02रोगअशुभ
- 12:02–13:41उद्वेगअशुभ
- 13:41–15:19चरसामान्य
- 15:19–16:58लाभशुभ
- 16:58–18:36अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:36–19:58चरसामान्य
- 19:58–21:19रोगअशुभ
- 21:19–22:41कालअशुभ
- 22:41–00:03 मंगललाभशुभ
- 00:03–01:24 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:24–02:46 मंगलशुभ
- 02:46–04:07 मंगलअमृतशुभ
- 04:07–05:29 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 3 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:01–04:45, शुभ
- अमृत, शुभ, 05:29–07:07
- काल, अशुभ, 07:07–08:45
- शुभ, 08:45–10:24
- रोग, अशुभ, 10:24–12:02
- उद्वेग, अशुभ, 12:02–13:41
- चर, सामान्य, 13:41–15:19
- लाभ, शुभ, 15:19–16:58
- अमृत, शुभ, 16:58–18:36
- चर, सामान्य, 18:36–19:58
- रोग, अशुभ, 19:58–21:19
- काल, अशुभ, 21:19–22:41
- लाभ, शुभ, 22:41–00:03 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:03–01:24 मंगल
- शुभ, 01:24–02:46 मंगल
- अमृत, शुभ, 02:46–04:07 मंगल
- चर, सामान्य, 04:07–05:29 मंगल
- राहु काल, 07:07–08:45, अशुभ
- यमगण्ड, 10:24–12:02, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:36–12:29, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:29–13:21, अशुभ
- गुलिक काल, 13:41–15:19, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:06–15:59, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:02–04:45 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में अमावस्या सोम 3 दिसंबर को क्यों है?
अमावस्या सोम 3 दिसंबर को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या सोम 3 दिसंबर को 06:52 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और मंगल 4 दिसंबर को 04:33 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: सोम 3 दिसंबर। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
सोम 3 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 347.2° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:29। त्रयोदशी उससे पहले 08:41 रवि पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 06:52 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 18 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
अमावस्या क्षय क्यों है?
अमावस्या एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 06:52 को शुरू हुई और 04:33 मंगल को समाप्त, 05:29 और 05:29 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को चतुर्दशी है और मंगलवार को प्रतिपदा: अमावस्या यहाँ क्षय तिथि है।
सोम 3 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:01–04:45
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:01–04:45।
रवि 2 दिसंबर की रात सूर्यास्त 18:36 रवि से सूर्योदय 05:29 तक थी, 10 घं 53 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 3 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:36–12:29
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:36–12:29।
सोम 3 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:29–13:21
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:29–13:21 और 15:06–15:59।
सोम 3 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:06–15:59
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:29–13:21 और 15:06–15:59।
यहाँ दिन, 05:29 से 18:36, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:29–13:21 और 15:06–15:59।
सोम 3 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:29–07:07 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:29 से 18:36, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:36 से 05:29 मंगल, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 3 दिसंबर को राहुकाल कब है? 07:07–08:45
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:07–08:45।
सोम 3 दिसंबर को यमगंड कब है? 10:24–12:02
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:24–12:02।
सोम 3 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 13:41–15:19
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:41–15:19।
यहाँ दिन 05:29 से 18:36 तक है, 13 घं 7 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 3 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:29
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:29, सूर्यास्त 18:36, 13 घं 7 मि का दिन।
सोम 3 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:36
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:29, सूर्यास्त 18:36, 13 घं 7 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 3 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा
सूर्योदय पर चंद्रमा 214.6° पर था: अनुराधा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 213°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:46 मंगल को निकलेगा, ज्येष्ठा में।
सोम 3 दिसंबर को कौन सा योग है? सुकर्मा
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 442° थे, एक चक्कर और 82°: सुकर्मा।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 227.4° + 214.6° = 442°, एक पूरा चक्कर और 82°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 23:21 को समाप्त होता है, फिर धृति।
सोम 3 दिसंबर को कौन सा करण है? शकुनि
सूर्योदय पर बढ़त 347.2° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 19:51 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 06:52 तक है।
सोम 3 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:29, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:29 से 05:29 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 3 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 4 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 4 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
सोम 3 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
सोम 3 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2097 · शक 1962
विक्रम संवत 2097 11 अप्रैल 2040 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 11 अप्रैल 2040, 11:00 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 229.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2097 गिनता है; शक संवत 1962।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 3 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:07
चंद्रमा यहाँ 18:07 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 18:07 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।