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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग सोम 19 सितंबर 2039

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:29 06:05 18:08अगला सूर्योदय 06:04 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:05–07:35अमृतशुभ
  • 07:35–09:05कालअशुभ
  • 09:05–10:36शुभ
  • 10:36–12:06रोगअशुभ
  • 12:06–13:37उद्वेगअशुभ
  • 13:37–15:07चरसामान्य
  • 15:07–16:37लाभशुभ
  • 16:37–18:08अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:08–19:37चरसामान्य
  • 19:37–21:07रोगअशुभ
  • 21:07–22:36कालअशुभ
  • 22:36–00:06 मंगललाभशुभ
  • 00:06–01:35 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:35–03:05 मंगलशुभ
  • 03:05–04:34 मंगलअमृतशुभ
  • 04:34–06:04 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 19 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:29–05:17, शुभ
  • अमृत, शुभ, 06:05–07:35
  • काल, अशुभ, 07:35–09:05
  • शुभ, 09:05–10:36
  • रोग, अशुभ, 10:36–12:06
  • उद्वेग, अशुभ, 12:06–13:37
  • चर, सामान्य, 13:37–15:07
  • लाभ, शुभ, 15:07–16:37
  • अमृत, शुभ, 16:37–18:08
  • चर, सामान्य, 18:08–19:37
  • रोग, अशुभ, 19:37–21:07
  • काल, अशुभ, 21:07–22:36
  • लाभ, शुभ, 22:36–00:06 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:06–01:35 मंगल
  • शुभ, 01:35–03:05 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:05–04:34 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:34–06:04 मंगल
  • राहु काल, 07:35–09:05, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:36–12:06, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:42–12:30, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:30–13:19, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:37–15:07, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:55–15:43, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:16 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

सोम 19 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वितीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 13.2° आगे था: शुक्ल द्वितीया।

सूर्य अमावस्या 0° 13.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 13.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 12°–24° दूसरी है, शुक्ल द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:05। प्रतिपदा उससे पहले 03:48 पर समाप्त हुई। द्वितीया 01:53 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 24° होगी। बढ़त 18 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में प्रतिपदा क्यों है?

नई दिल्ली में प्रतिपदा है, Ipameri में द्वितीया।

प्रतिपदा द्वितीया द्वितीया तृतीया सोम 19 सितंबर सुबह मंगल 20 सितंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 12:18 03:48 10:23 01:53 06:07 प्रतिपदा 06:08 द्वितीया 06:05 द्वितीया 06:04 तृतीया
प्रतिपदा द्वितीया द्वितीया तृतीया सोम 19 सितंबर सुबह मंगल 20 सितंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 12:18 03:48 10:23 01:53 06:07 प्रतिपदा 06:08 द्वितीया 06:05 द्वितीया 06:04 तृतीया
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:07, प्रतिपदा की समाप्ति 12:18 से पहले हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:05, प्रतिपदा की समाप्ति 03:48 के बाद हुआ: यह दिन द्वितीया है।

सोम 19 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:29–05:17

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:29–05:17।

सूर्यास्त 18:08 रवि सूर्योदय 06:05 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 18 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:08 रवि सूर्योदय 06:05 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 18 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 18 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:08 रवि से सूर्योदय 06:05 तक थी, 11 घं 57 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 19 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:42–12:30

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:42–12:30।

सोम 19 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:30–13:19

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:30–13:19 और 14:55–15:43।

सोम 19 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:55–15:43

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:30–13:19 और 14:55–15:43।

सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 06:05 से 18:08, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:30–13:19 और 14:55–15:43।

सोम 19 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:05–07:35 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:05 से 18:08, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:08 से 06:04 मंगल, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 19 सितंबर को राहुकाल कब है? 07:35–09:05

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:35–09:05।

सोम 19 सितंबर को यमगंड कब है? 10:36–12:06

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:36–12:06।

सोम 19 सितंबर को गुलिक काल कब है? 13:37–15:07

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:37–15:07।

सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 06:05 से 18:08 तक है, 12 घं 3 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 19 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:05

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:05, सूर्यास्त 18:08, 12 घं 3 मि का दिन।

सोम 19 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:08

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:05, सूर्यास्त 18:08, 12 घं 3 मि का दिन।

सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:31 चंद्रोदय 07:05
सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:31 चंद्रोदय 07:05
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 3 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 3 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 19 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? हस्त

सूर्योदय पर चंद्रमा 165.1° पर था: हस्त, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 165.1° अगला: चित्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 165.1° अगला: चित्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 163°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:08 को निकलेगा, चित्रा में।

सोम 19 सितंबर को कौन सा योग है? शुक्ल

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 317° थे: शुक्ल।

सूर्य 151.9° + चंद्रमा 165.1° = 317.0° शुक्ल 306°40′–320°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 151.9° + चंद्रमा 165.1° = 317.0° शुक्ल 306°40′–320°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 151.9° + 165.1° = 317°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 10:51 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।

सोम 19 सितंबर को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 13.2° थी: द्वितीया का पहला आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 13.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° बालव 12°–18° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 13.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° बालव 12°–18° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 14:52 तक है, जब बढ़त 18° होगी; कौलव 01:53 मंगल तक।

सोम 19 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:05, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:05 से 06:04 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 19 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन (अधिक)

18 सितंबर और 17 अक्टूबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 18 सितंबर 05:23 रवि से 17 अक्टूबर 16:09 सोम तक सूर्य कन्या में रहा; तुला में वह अमावस्या के बाद 17 अक्टूबर 19:25 सोम को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आश्विन है, जो आश्विन से पहले आता है।

सोम 19 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन (अधिक) का है।

अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन (अधिक) आश्विन (अधिक) कृष्ण शुक्ल सोम 19 सितंबर पूर्णिमा 2 सित॰ अमावस्या 18 सित॰ पूर्णिमा 2 अक्टू॰ अमावस्या 17 अक्टू॰
अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन (अधिक) आश्विन (अधिक) कृष्ण शुक्ल सोम 19 सितंबर पूर्णिमा 2 सित॰ अमावस्या 18 सित॰ पूर्णिमा 2 अक्टू॰ अमावस्या 17 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन (अधिक) है।

सोम 19 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2096 · शक 1961

विक्रम संवत 2096 24 मार्च 2039 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 2039 14:59 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 19 सितंबर सूर्य 151.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 2039 14:59 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 19 सितंबर सूर्य 151.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 2039, 14:59 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 172.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2096 गिनता है; शक संवत 1961।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 19 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:05

चंद्रमा यहाँ 07:05 पर उदय होता है।

सोम 19 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:31

सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:31 चंद्रोदय 07:05
सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 06:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:31 चंद्रोदय 07:05
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:05 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 19:31 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:05 पर उदय हुआ; वह फिर 19:31 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।