Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 22 सितंबर 2037
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
शुक्ल पक्ष · 06:03 बुध तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें चतुर्दशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंत्योहार
अनंत चतुर्दशी
अनंत चतुर्दशी मंगल 22 सितंबर को है: चतुर्दशी दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है। मंगल 22 सितंबर क्यों?
अनंत चतुर्दशी: Ipameri में हर तारीख़22 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 22 सितंबर
- 04:26–05:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:02 से
- 10:34–12:05लाभ चौघड़िया
- 11:41–12:05अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:05–13:36अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
-
13:36–15:02अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · शतभिषा में
- 15:07–16:38शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:08 के बाद
- 19:37–21:06लाभ चौघड़िया
- 22:36–22:53शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:41–00:05 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:05–01:34 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:26–05:13 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:02–07:32रोगअशुभ
- 07:32–09:03उद्वेगअशुभ
- 09:03–10:34चरसामान्य
- 10:34–12:05लाभशुभ
- 12:05–13:36अमृतगुलिक काल में
- 13:36–15:07कालअशुभ
- 15:07–16:38शुभराहु काल में
- 16:38–18:08रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:08–19:37कालअशुभ
- 19:37–21:06लाभशुभ
- 21:06–22:36उद्वेगअशुभ
- 22:36–00:05 बुधशुभ
- 00:05–01:34 बुधअमृतशुभ
- 01:34–03:03 बुधचरसामान्य
- 03:03–04:32 बुधरोगअशुभ
- 04:32–06:01 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 22 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:26–05:14, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:02–07:32
- उद्वेग, अशुभ, 07:32–09:03
- चर, सामान्य, 09:03–10:34
- लाभ, शुभ, 10:34–12:05
- अमृत, शुभ, 12:05–13:36
- काल, अशुभ, 13:36–15:07
- शुभ, 15:07–16:38
- रोग, अशुभ, 16:38–18:08
- काल, अशुभ, 18:08–19:37
- लाभ, शुभ, 19:37–21:06
- उद्वेग, अशुभ, 21:06–22:36
- शुभ, 22:36–00:05 बुध
- अमृत, शुभ, 00:05–01:34 बुध
- चर, सामान्य, 01:34–03:03 बुध
- रोग, अशुभ, 03:03–04:32 बुध
- काल, अशुभ, 04:32–06:01 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:27–09:15, अशुभ
- यमगण्ड, 09:03–10:34, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:41–12:29, शुभ
- गुलिक काल, 12:05–13:36, अशुभ
- राहु काल, 15:07–16:38, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:53–23:41, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:26–05:13 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में अनंत चतुर्दशी मंगल 22 सितंबर को क्यों है?
अनंत चतुर्दशी मंगल 22 सितंबर को है: चतुर्दशी दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है।
अनंत चतुर्दशी सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। चतुर्दशी दोनों सूर्योदयों पर है, मंगल 22 सितंबर को 06:02 और बुध 23 सितंबर को 06:01। दो सूर्योदयों पर हो तो निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: मंगल 22 सितंबर। अनंत चतुर्दशी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 22 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 157.1° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:02। त्रयोदशी उससे पहले 03:35 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 06:03 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 9 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
चतुर्दशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
चतुर्दशी यहाँ मंगल 22 और बुध 23 सितंबर दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्दशी 03:35 को, सूर्योदय 06:02 से पहले, शुरू हुई और 06:03 बुध को, अगले सूर्योदय 06:01 बुध के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन चतुर्दशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में त्रयोदशी क्यों है?
नई दिल्ली में त्रयोदशी है, Ipameri में चतुर्दशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:09, त्रयोदशी की समाप्ति 12:05 से पहले हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:02, त्रयोदशी की समाप्ति 03:35 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।
मंगल 22 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:26–05:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:26–05:14।
सोम 21 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:08 सोम से सूर्योदय 06:02 तक थी, 11 घं 54 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 22 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:41–12:29
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:41–12:29।
मंगल 22 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:27–09:15
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:27–09:15, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:53–23:41।
मंगल 22 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:53–23:41
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:27–09:15, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:53–23:41।
यहाँ दिन, 06:02 से 18:08, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:27–09:15 और 22:53–23:41।
मंगल 22 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:02–07:32 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:02 से 18:08, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:08 से 06:01 बुध, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 22 सितंबर को राहुकाल कब है? 15:07–16:38
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:07–16:38।
मंगल 22 सितंबर को यमगंड कब है? 09:03–10:34
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:03–10:34।
मंगल 22 सितंबर को गुलिक काल कब है? 12:05–13:36
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:05–13:36।
यहाँ दिन 06:02 से 18:08 तक है, 12 घं 6 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 22 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:02
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 18:08, 12 घं 6 मि का दिन।
मंगल 22 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:08
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 18:08, 12 घं 6 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 22 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? शतभिषा
सूर्योदय पर चंद्रमा 312.4° पर था: शतभिषा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। शतभिषा 306°40′–320°00′ तक है; चंद्रमा 310° पर उसके पद 2 में आया। वह 21:20 को निकलेगा, पूर्व भाद्रपद में।
मंगल 22 सितंबर को कौन सा योग है? शूल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 467.7° थे, एक चक्कर और 107.7°: शूल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 155.3° + 312.4° = 467.7°, एक पूरा चक्कर और 107.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 04:54 बुध को समाप्त होता है, फिर गण्ड।
मंगल 22 सितंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 157.1° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 16:48 तक है, जब बढ़त 162° होगी; वणिज 06:03 बुध तक।
मंगल 22 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:02, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:02 से 06:01 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 22 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 9 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 8 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
मंगल 22 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।
मंगल 22 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2094 · शक 1959
विक्रम संवत 2094 16 मार्च 2037 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 16 मार्च 2037, 20:36 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 183° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2094 गिनता है; शक संवत 1959।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 22 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:51
चंद्रमा यहाँ 16:51 पर उदय होता है।
मंगल 22 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:36 बुध
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:51 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:36 बुध पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:51 पर उदय हुआ; वह फिर 05:36 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।