Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 28 जनवरी 2037
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत बुध 28 जनवरी को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं। बुध 28 जनवरी क्यों?
प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़व्रत का पारण
जया एकादशी
28 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 28 जनवरी
- 04:29–05:13ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:58 से
- 05:58–07:35लाभ चौघड़िया
- 07:35–09:11अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
-
09:11–09:44अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · मृगशिरा में
- 10:48–12:25शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:16–18:53लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:53 के बाद
- 20:16–21:39शुभ चौघड़िया
- 21:39–23:02अमृत चौघड़िया
- 03:12–04:35 गुरुलाभ चौघड़िया
-
05:25–05:58 गुरुअमृत कालयमगण्ड छोड़कर · आर्द्रा में
- 04:29–05:14 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:58–07:35लाभशुभ
- 07:35–09:11अमृतयमगण्ड में
- 09:11–10:48कालअशुभ
- 10:48–12:25शुभगुलिक काल में
- 12:25–14:02रोगअशुभ
- 14:02–15:39उद्वेगअशुभ
- 15:39–17:16चरसामान्य
- 17:16–18:53लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:53–20:16उद्वेगअशुभ
- 20:16–21:39शुभ
- 21:39–23:02अमृतशुभ
- 23:02–00:25 गुरुचरसामान्य
- 00:25–01:49 गुरुरोगअशुभ
- 01:49–03:12 गुरुकालअशुभ
- 03:12–04:35 गुरुलाभशुभ
- 04:35–05:58 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 28 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:29–05:13, शुभ
- लाभ, शुभ, 05:58–07:35
- अमृत, शुभ, 07:35–09:11
- काल, अशुभ, 09:11–10:48
- शुभ, 10:48–12:25
- रोग, अशुभ, 12:25–14:02
- उद्वेग, अशुभ, 14:02–15:39
- चर, सामान्य, 15:39–17:16
- लाभ, शुभ, 17:16–18:53
- उद्वेग, अशुभ, 18:53–20:16
- शुभ, 20:16–21:39
- अमृत, शुभ, 21:39–23:02
- चर, सामान्य, 23:02–00:25 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:25–01:49 गुरु
- काल, अशुभ, 01:49–03:12 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:12–04:35 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:35–05:58 गुरु
- यमगण्ड, 07:35–09:11, अशुभ
- गुलिक काल, 10:48–12:25, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:59–12:51, अशुभ
- राहु काल, 12:25–14:02, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:29–05:14 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में प्रदोष व्रत बुध 28 जनवरी को क्यों है?
प्रदोष व्रत बुध 28 जनवरी को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 28 जनवरी को 20:29 से गुरु 29 जनवरी को 17:45 तक है, इसलिए वह केवल बुधवार के प्रदोष काल (18:53–21:06) को छूती है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
बुध 28 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 136° आगे था: शुक्ल द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:58। एकादशी उससे पहले 22:35 मंगल पर समाप्त हुई। द्वादशी 20:29 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 16 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 28 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:29–05:13
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:29–05:13।
मंगल 27 जनवरी की रात सूर्यास्त 18:53 मंगल से सूर्योदय 05:58 तक थी, 11 घं 5 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 28 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 11:59–12:51
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:59–12:51।
यहाँ दिन, 05:58 से 18:53, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:59–12:51: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 28 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:58–07:35 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:58 से 18:53, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:53 से 05:58 गुरु, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 28 जनवरी को राहुकाल कब है? 12:25–14:02
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:25–14:02।
बुध 28 जनवरी को यमगंड कब है? 07:35–09:11
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:35–09:11।
बुध 28 जनवरी को गुलिक काल कब है? 10:48–12:25
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:48–12:25।
यहाँ दिन 05:58 से 18:53 तक है, 12 घं 55 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 28 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 05:58
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:53, 12 घं 55 मि का दिन।
बुध 28 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:53
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:53, 12 घं 55 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 28 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा
सूर्योदय पर चंद्रमा 60.4° पर था: मृगशिरा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 60° पर उसके पद 3 में आया। वह 16:33 को निकलेगा, आर्द्रा में।
बुध 28 जनवरी को कौन सा योग है? इन्द्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 344.8° थे: इन्द्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 284.4° + 60.4° = 344.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 08:54 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।
बुध 28 जनवरी को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 136° थी: द्वादशी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 09:37 तक है, जब बढ़त 138° होगी; बालव 20:29 तक।
बुध 28 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:58, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:58 से 05:58 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 28 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 16 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 15 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
बुध 28 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।
बुध 28 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2093 · शक 1958
विक्रम संवत 2093 27 मार्च 2036 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 27 मार्च 2036, 17:56 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 301° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2093 गिनता है; शक संवत 1958।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 28 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:10
चंद्रमा यहाँ 16:10 पर उदय होता है।
बुध 28 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:42 गुरु
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:10 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:42 गुरु पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:10 पर उदय हुआ; वह फिर 03:42 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।