tithika
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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शुक्र 5 दिसंबर 2036

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

द्वितीया

कृष्ण पक्ष · 06:51 तक

फिर तृतीया · 04:26 शनि तक

यहाँ कोई दिन तृतीया नहीं कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:02 05:29 18:38अगला सूर्योदय 05:29 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:29–07:08चरसामान्य
  • 07:08–08:46लाभगुलिक काल में
  • 08:46–10:25अमृतशुभ
  • 10:25–12:03कालअशुभ
  • 12:03–13:42शुभ
  • 13:42–15:20रोगअशुभ
  • 15:20–16:59उद्वेगअशुभ
  • 16:59–18:38चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 18:38–19:59रोगअशुभ
  • 19:59–21:20कालअशुभ
  • 21:20–22:42लाभशुभ
  • 22:42–00:03 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:03–01:25 शनिशुभ
  • 01:25–02:46 शनिअमृतशुभ
  • 02:46–04:08 शनिचरसामान्य
  • 04:08–05:29 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 5 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:02–04:45, शुभ
  • चर, सामान्य, 05:29–07:08
  • लाभ, शुभ, 07:08–08:46
  • अमृत, शुभ, 08:46–10:25
  • काल, अशुभ, 10:25–12:03
  • शुभ, 12:03–13:42
  • रोग, अशुभ, 13:42–15:20
  • उद्वेग, अशुभ, 15:20–16:59
  • चर, सामान्य, 16:59–18:38
  • रोग, अशुभ, 18:38–19:59
  • काल, अशुभ, 19:59–21:20
  • लाभ, शुभ, 21:20–22:42
  • उद्वेग, अशुभ, 22:42–00:03 शनि
  • शुभ, 00:03–01:25 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:25–02:46 शनि
  • चर, सामान्य, 02:46–04:08 शनि
  • रोग, अशुभ, 04:08–05:29 शनि
  • गुलिक काल, 07:08–08:46, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:07–08:59, अशुभ
  • राहु काल, 10:25–12:03, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:37–12:30, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:30–13:22, अशुभ
  • यमगण्ड, 15:20–16:59, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:02–04:46 शनि

हर मान कैसे निकलता है

शुक्र 5 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वितीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 203.2° आगे था: कृष्ण द्वितीया।

सूर्य अमावस्या 0° 203.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 203.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 192°–204° सत्रहवीं है, कृष्ण द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:29। प्रतिपदा उससे पहले 09:08 गुरु पर समाप्त हुई। द्वितीया 06:51 को समाप्त होगी, जब बढ़त 204° होगी। बढ़त 3 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

तृतीया क्षय क्यों है?

तृतीया एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन तृतीया नहीं होता।

द्वितीया तृतीया तृतीया चतुर्थी शुक्र 5 दिसंबर सुबह शनि 6 दिसंबर सुबह Ipameri UTC−3 06:51 04:26 05:29 द्वितीया 05:29 चतुर्थी तृतीया इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
द्वितीया तृतीया तृतीया चतुर्थी शुक्र 5 दिसंबर सुबह शनि 6 दिसंबर सुबह Ipameri UTC−3 06:51 04:26 05:29 द्वितीया 05:29 चतुर्थी तृतीया इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। तृतीया 06:51 को शुरू हुई और 04:26 शनि को समाप्त, 05:29 और 05:29 शनि के सूर्योदयों के बीच। शुक्रवार को द्वितीया है और शनिवार को चतुर्थी: तृतीया यहाँ क्षय तिथि है।

शुक्र 5 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:02–04:45

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:02–04:45।

सूर्यास्त 18:37 गुरु सूर्योदय 05:29 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 4 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:37 गुरु सूर्योदय 05:29 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 4 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 4 दिसंबर की रात सूर्यास्त 18:37 गुरु से सूर्योदय 05:29 तक थी, 10 घं 52 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 5 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:37–12:30

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:37–12:30।

शुक्र 5 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:07–08:59

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:07–08:59 और 12:30–13:22।

शुक्र 5 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:30–13:22

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:07–08:59 और 12:30–13:22।

सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:29 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:29 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 05:29 से 18:38, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:07–08:59 और 12:30–13:22।

शुक्र 5 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:29–07:08 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:29 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:29 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:29 से 18:38, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:38 से 05:29 शनि, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 5 दिसंबर को राहुकाल कब है? 10:25–12:03

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:25–12:03।

शुक्र 5 दिसंबर को यमगंड कब है? 15:20–16:59

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:20–16:59।

शुक्र 5 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 07:08–08:46

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:08–08:46।

सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:29 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:29 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 05:29 से 18:38 तक है, 13 घं 9 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 5 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:29

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:29, सूर्यास्त 18:38, 13 घं 9 मि का दिन।

शुक्र 5 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:38

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:29, सूर्यास्त 18:38, 13 घं 9 मि का दिन।

सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:29 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:20 चंद्रोदय 20:48
सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:29 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:20 चंद्रोदय 20:48
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 5 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 72.7° पर था: आर्द्रा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 72.7° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 72.7° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 70° पर उसके पद 2 में आया। वह 17:46 को निकलेगा, पुनर्वसु में।

शुक्र 5 दिसंबर को कौन सा योग है? शुभ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 302.1° थे: शुभ।

सूर्य 229.4° + चंद्रमा 72.7° = 302.1° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 229.4° + चंद्रमा 72.7° = 302.1° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 229.4° + 72.7° = 302.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 12:40 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।

शुक्र 5 दिसंबर को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 203.2° थी: द्वितीया का दूसरा आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 203.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° गर 198°–204° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 203.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° गर 198°–204° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 20:01 गुरु पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 198° हुई; गर 06:51 तक है।

शुक्र 5 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:29, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:29 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:29 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:29 से 05:29 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 5 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 17 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 17 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

शुक्र 5 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।

अमान्त पौष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल शुक्र 5 दिसंबर अमावस्या 17 नव॰ पूर्णिमा 3 दिस॰ अमावस्या 17 दिस॰ पूर्णिमा 1 जन॰
अमान्त पौष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल शुक्र 5 दिसंबर अमावस्या 17 नव॰ पूर्णिमा 3 दिस॰ अमावस्या 17 दिस॰ पूर्णिमा 1 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।

शुक्र 5 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2093 · शक 1958

विक्रम संवत 2093 27 मार्च 2036 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 27 मार्च 2036 17:56 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 5 दिसंबर सूर्य 229.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 27 मार्च 2036 17:56 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 5 दिसंबर सूर्य 229.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 27 मार्च 2036, 17:56 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 246° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2093 गिनता है; शक संवत 1958।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 5 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:48

चंद्रमा यहाँ 20:48 पर उदय होता है।

शुक्र 5 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 07:20

सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:29 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:20 चंद्रोदय 20:48
सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:29 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:20 चंद्रोदय 20:48
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:20 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:48 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:20 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:48 पर उदय होगा।