tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग सोम 20 अक्टूबर 2036

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

प्रतिपदा

शुक्ल पक्ष · 06:50 तक

फिर द्वितीया · 05:23 मंगल तक

यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं कारण जानें

त्योहार

भाई दूज

भाई दूज तिलक मुहूर्त
13:13⁠–⁠15:44
अपराह्न 13:13⁠–⁠15:44

भाई दूज सोम 20 अक्टूबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में द्वितीया है, और किसी दिन नहीं। सोम 20 अक्टूबर क्यों?

भाई दूज: Ipameri में हर तारीख़

त्योहार

गोवर्धन पूजा

गोवर्धन पूजा मुहूर्त
05:40⁠–⁠08:11
प्रातःकाल 05:40⁠–⁠08:11

गोवर्धन पूजा सोम 20 अक्टूबर को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं। सोम 20 अक्टूबर क्यों?

गोवर्धन पूजा: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:08 05:40 18:14अगला सूर्योदय 05:39 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:40–07:14अमृतशुभ
  • 07:14–08:48कालअशुभ
  • 08:48–10:23शुभ
  • 10:23–11:57रोगअशुभ
  • 11:57–13:31उद्वेगअशुभ
  • 13:31–15:06चरसामान्य
  • 15:06–16:40लाभशुभ
  • 16:40–18:14अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:14–19:40चरसामान्य
  • 19:40–21:06रोगअशुभ
  • 21:06–22:31कालअशुभ
  • 22:31–23:57लाभशुभ
  • 23:57–01:22 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:22–02:48 मंगलशुभ
  • 02:48–04:14 मंगलअमृतशुभ
  • 04:14–05:39 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 20 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:08–04:54, शुभ
  • अमृत, शुभ, 05:40–07:14
  • काल, अशुभ, 07:14–08:48
  • शुभ, 08:48–10:23
  • रोग, अशुभ, 10:23–11:57
  • उद्वेग, अशुभ, 11:57–13:31
  • चर, सामान्य, 13:31–15:06
  • लाभ, शुभ, 15:06–16:40
  • अमृत, शुभ, 16:40–18:14
  • चर, सामान्य, 18:14–19:40
  • रोग, अशुभ, 19:40–21:06
  • काल, अशुभ, 21:06–22:31
  • लाभ, शुभ, 22:31–23:57
  • उद्वेग, अशुभ, 23:57–01:22 मंगल
  • शुभ, 01:22–02:48 मंगल
  • अमृत, शुभ, 02:48–04:14 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:14–05:39 मंगल
  • राहु काल, 07:14–08:48, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:23–11:57, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:32–12:22, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:22–13:13, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:31–15:06, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:53–15:44, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:08–04:53 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में भाई दूज सोम 20 अक्टूबर को क्यों है?

भाई दूज सोम 20 अक्टूबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में द्वितीया है, और किसी दिन नहीं।

द्वितीया 12:00 13:00 14:00 15:00 16:00 17:00 सोम 20 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव अपराह्न 13:13–15:44
द्वितीया 12:00 14:00 16:00 सोम 20 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव अपराह्न 13:13–15:44
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अपराह्न। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

तिलक अपराह्न में होता है, दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। द्वितीया सोम 20 अक्टूबर को 06:50 से मंगल 21 अक्टूबर को 05:23 तक है, इसलिए केवल सोमवार का अपराह्न (13:13–15:44) उसके भीतर है। भाई दूज का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अपराह्न Tithika की परिपाटी है।

भाई दूज: Ipameri में हर तारीख़

Ipameri में गोवर्धन पूजा सोम 20 अक्टूबर को क्यों है?

गोवर्धन पूजा सोम 20 अक्टूबर को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं।

अमावस्या प्रतिपदा 05:40 08:50 04:00 06:00 08:00 10:00 रवि 19 अक्टूबर प्रातःकाल 05:40–08:11
अमावस्या प्रतिपदा 05:40 08:50 04:00 06:00 रवि 19 अक्टूबर प्रातःकाल 05:40–08:11
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

गोवर्धन पूजा प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा रवि 19 अक्टूबर को 08:50 से सोम 20 अक्टूबर को 06:50 तक है, इसलिए वह केवल सोमवार के प्रातःकाल (05:40–08:11) को छूती है। गोवर्धन पूजा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।

गोवर्धन पूजा: Ipameri में हर तारीख़

सोम 20 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 11.4° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 11.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 11.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:40। अमावस्या उससे पहले 08:50 रवि पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 06:50 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 19 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

द्वितीया क्षय क्यों है?

द्वितीया एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं होता।

प्रतिपदा द्वितीया द्वितीया तृतीया सोम 20 अक्टूबर सुबह मंगल 21 अक्टूबर सुबह Ipameri UTC−3 06:50 05:23 05:40 प्रतिपदा 05:39 तृतीया द्वितीया इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
प्रतिपदा द्वितीया द्वितीया तृतीया सोम 20 अक्टूबर सुबह मंगल 21 अक्टूबर सुबह Ipameri UTC−3 06:50 05:23 05:40 प्रतिपदा 05:39 तृतीया द्वितीया इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वितीया 06:50 को शुरू हुई और 05:23 मंगल को समाप्त, 05:40 और 05:39 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को प्रतिपदा है और मंगलवार को तृतीया: द्वितीया यहाँ क्षय तिथि है।

सोम 20 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:08–04:54

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:08–04:54।

सूर्यास्त 18:14 रवि सूर्योदय 05:40 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 19 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:14 रवि सूर्योदय 05:40 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 19 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 19 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:14 रवि से सूर्योदय 05:40 तक थी, 11 घं 26 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 20 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:32–12:22

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:32–12:22।

सोम 20 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:22–13:13

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:22–13:13 और 14:53–15:44।

सोम 20 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:53–15:44

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:22–13:13 और 14:53–15:44।

सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 05:40 से 18:14, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:22–13:13 और 14:53–15:44।

सोम 20 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:40–07:14 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:40 से 18:14, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:14 से 05:39 मंगल, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 20 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 07:14–08:48

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:14–08:48।

सोम 20 अक्टूबर को यमगंड कब है? 10:23–11:57

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:23–11:57।

सोम 20 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 13:31–15:06

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:31–15:06।

सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 05:40 से 18:14 तक है, 12 घं 34 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 20 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:40

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:40, सूर्यास्त 18:14, 12 घं 34 मि का दिन।

सोम 20 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:14

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:40, सूर्यास्त 18:14, 12 घं 34 मि का दिन।

सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:31 चंद्रोदय 06:37
सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:31 चंद्रोदय 06:37
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 20 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती

सूर्योदय पर चंद्रमा 194.5° पर था: स्वाती, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 194.5° अगला: विशाखा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 194.5° अगला: विशाखा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 193°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 15:06 को निकलेगा, विशाखा में।

सोम 20 अक्टूबर को कौन सा योग है? प्रीति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 377.7° थे, एक चक्कर और 17.7°: प्रीति।

सूर्य 183.2° + चंद्रमा 194.5° = 377.7° एक चक्कर + 17.7° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 183.2° + चंद्रमा 194.5° = 377.7° एक चक्कर + 17.7° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 183.2° + 194.5° = 377.7°, एक पूरा चक्कर और 17.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 20:08 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।

सोम 20 अक्टूबर को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 11.4° थी: प्रतिपदा का दूसरा आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 11.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° बव 6°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 11.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° बव 6°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 19:46 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 6° हुई; बव 06:50 तक है।

सोम 20 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:40, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:40 से 05:39 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 20 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 19 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 17 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

सोम 20 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक कार्तिक कृष्ण शुक्ल सोम 20 अक्टूबर पूर्णिमा 5 अक्टू॰ अमावस्या 19 अक्टू॰ पूर्णिमा 3 नव॰ अमावस्या 17 नव॰
अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक कार्तिक कृष्ण शुक्ल सोम 20 अक्टूबर पूर्णिमा 5 अक्टू॰ अमावस्या 19 अक्टू॰ पूर्णिमा 3 नव॰ अमावस्या 17 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 19 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।

सोम 20 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2093 · शक 1958

विक्रम संवत 2093 27 मार्च 2036 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 27 मार्च 2036 17:56 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 20 अक्टूबर सूर्य 183.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 27 मार्च 2036 17:56 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 20 अक्टूबर सूर्य 183.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 27 मार्च 2036, 17:56 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 199.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2093 गिनता है; शक संवत 1958।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 20 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:37

चंद्रमा यहाँ 06:37 पर उदय होता है।

सोम 20 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:31

सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:31 चंद्रोदय 06:37
सूर्योदय 05:40 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 05:39 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:31 चंद्रोदय 06:37
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:37 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 19:31 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:37 पर उदय हुआ; वह फिर 19:31 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।