tithika
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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शुक्र 31 अगस्त 2035

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

चतुर्दशी

कृष्ण पक्ष · 01:17 शनि तक

फिर अमावस्या · 22:59 शनि तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
23:48⁠–⁠00:37 शनि
निशीथ काल 23:48⁠–⁠00:37 शनि

मासिक शिवरात्रि शुक्र 31 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। शुक्र 31 अगस्त क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:42 06:20 18:05अगला सूर्योदय 06:20 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:20–07:48चरसामान्य
  • 07:48–09:17लाभगुलिक काल में
  • 09:17–10:45अमृतशुभ
  • 10:45–12:13कालअशुभ
  • 12:13–13:41शुभ
  • 13:41–15:09रोगअशुभ
  • 15:09–16:37उद्वेगअशुभ
  • 16:37–18:05चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 18:05–19:37रोगअशुभ
  • 19:37–21:09कालअशुभ
  • 21:09–22:41लाभशुभ
  • 22:41–00:12 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:12–01:44 शनिशुभ
  • 01:44–03:16 शनिअमृतशुभ
  • 03:16–04:48 शनिचरसामान्य
  • 04:48–06:20 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 31 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:31, शुभ
  • चर, सामान्य, 06:20–07:48
  • लाभ, शुभ, 07:48–09:17
  • अमृत, शुभ, 09:17–10:45
  • काल, अशुभ, 10:45–12:13
  • शुभ, 12:13–13:41
  • रोग, अशुभ, 13:41–15:09
  • उद्वेग, अशुभ, 15:09–16:37
  • चर, सामान्य, 16:37–18:05
  • रोग, अशुभ, 18:05–19:37
  • काल, अशुभ, 19:37–21:09
  • लाभ, शुभ, 21:09–22:41
  • उद्वेग, अशुभ, 22:41–00:12 शनि
  • शुभ, 00:12–01:44 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:44–03:16 शनि
  • चर, सामान्य, 03:16–04:48 शनि
  • रोग, अशुभ, 04:48–06:20 शनि
  • गुलिक काल, 07:48–09:17, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:41–09:28, अशुभ
  • राहु काल, 10:45–12:13, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:49–12:36, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:36–13:23, अशुभ
  • यमगण्ड, 15:09–16:37, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:31 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में मासिक शिवरात्रि शुक्र 31 अगस्त को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि शुक्र 31 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।

त्रयोदशी 22:00 23:00 00:00 01:00 02:00 गुरु 30 अगस्त निशीथ काल 23:48–00:37 शुक्र
त्रयोदशी 22:00 23:00 00:00 01:00 02:00 गुरु 30 अगस्त निशीथ काल 23:48–00:37 शुक्र
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी शुक्र 31 अगस्त को 03:52 से शनि 1 सितंबर को 01:17 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार की रात का निशीथ काल (23:48–00:37 शनि) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

शुक्र 31 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 337.4° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 337.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 337.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:20। त्रयोदशी उससे पहले 03:52 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 01:17 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 18 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में त्रयोदशी क्यों है?

नई दिल्ली में त्रयोदशी है, Ipameri में चतुर्दशी।

त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी अमावस्या शुक्र 31 अगस्त सुबह शनि 1 सितंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 12:22 03:52 09:47 01:17 05:58 त्रयोदशी 05:59 चतुर्दशी 06:20 चतुर्दशी 06:20 अमावस्या
त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी अमावस्या शुक्र 31 अगस्त सुबह शनि 1 सितंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 12:22 03:52 09:47 01:17 05:58 त्रयोदशी 05:59 चतुर्दशी 06:20 चतुर्दशी 06:20 अमावस्या
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:58, त्रयोदशी की समाप्ति 12:22 से पहले हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:20, त्रयोदशी की समाप्ति 03:52 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।

शुक्र 31 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:42–05:31

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:42–05:31।

सूर्यास्त 18:05 गुरु सूर्योदय 06:20 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 30 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:05 गुरु सूर्योदय 06:20 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 30 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 30 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:05 गुरु से सूर्योदय 06:20 तक थी, 12 घं 15 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 31 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:49–12:36

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:49–12:36।

शुक्र 31 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:41–09:28

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:41–09:28 और 12:36–13:23।

शुक्र 31 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 12:36–13:23

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:41–09:28 और 12:36–13:23।

सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 06:20 से 18:05, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:41–09:28 और 12:36–13:23।

शुक्र 31 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:20–07:48 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:20 से 18:05, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:05 से 06:20 शनि, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 31 अगस्त को राहुकाल कब है? 10:45–12:13

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:45–12:13।

शुक्र 31 अगस्त को यमगंड कब है? 15:09–16:37

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:09–16:37।

शुक्र 31 अगस्त को गुलिक काल कब है? 07:48–09:17

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:48–09:17।

सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 06:20 से 18:05 तक है, 11 घं 45 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 31 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:20

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 18:05, 11 घं 45 मि का दिन।

शुक्र 31 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:05

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 18:05, 11 घं 45 मि का दिन।

सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:49 चंद्रोदय 05:51 शनि
सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:49 चंद्रोदय 05:51 शनि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 15 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 15 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 31 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? अश्लेशा

सूर्योदय पर चंद्रमा 110.9° पर था: अश्लेशा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 110.9° अगला: मघा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 110.9° अगला: मघा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्लेशा 106°40′–120°00′ तक है; चंद्रमा 110° पर उसके पद 2 में आया। वह 21:33 को निकलेगा, मघा में।

शुक्र 31 अगस्त को कौन सा योग है? परिघ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 244.4° थे: परिघ।

सूर्य 133.5° + चंद्रमा 110.9° = 244.4° परिघ 240°00′–253°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 133.5° + चंद्रमा 110.9° = 244.4° परिघ 240°00′–253°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 133.5° + 110.9° = 244.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 20:22 को समाप्त होता है, फिर शिव।

शुक्र 31 अगस्त को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 337.4° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 337.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° विष्टि 336°–342° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 337.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° विष्टि 336°–342° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 14:33 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 01:17 शनि तक।

शुक्र 31 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:20, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:20 से 06:20 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 31 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 3 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 1 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

शुक्र 31 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद श्रावण कृष्ण शुक्ल शुक्र 31 अगस्त अमावस्या 3 अग॰ पूर्णिमा 18 अग॰ अमावस्या 1 सित॰ पूर्णिमा 17 सित॰
अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद श्रावण कृष्ण शुक्ल शुक्र 31 अगस्त अमावस्या 3 अग॰ पूर्णिमा 18 अग॰ अमावस्या 1 सित॰ पूर्णिमा 17 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।

शुक्र 31 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2092 · शक 1957

विक्रम संवत 2092 8 अप्रैल 2035 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2035 07:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 31 अगस्त सूर्य 133.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2035 07:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 31 अगस्त सूर्य 133.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2035, 07:57 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 139.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2092 गिनता है; शक संवत 1957।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 31 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:51 शनि

चंद्रमा यहाँ 05:51 शनि पर उदय होता है।

शुक्र 31 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:49

सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:49 चंद्रोदय 05:51 शनि
सूर्योदय 06:20 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:20 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:49 चंद्रोदय 05:51 शनि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:49 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:51 शनि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:49 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:51 शनि पर उदय होगा।