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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग रवि 12 अगस्त 2035

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:33–07:59उद्वेगअशुभ
  • 07:59–09:25चरसामान्य
  • 09:25–10:51लाभशुभ
  • 10:51–12:17अमृतशुभ
  • 12:17–13:44कालअशुभ
  • 13:44–15:10शुभ
  • 15:10–16:36रोगअशुभ
  • 16:36–18:02उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:02–19:36शुभ
  • 19:36–21:09अमृतशुभ
  • 21:09–22:43चरसामान्य
  • 22:43–00:17 सोमरोगअशुभ
  • 00:17–01:51 सोमकालअशुभ
  • 01:51–03:25 सोमलाभशुभ
  • 03:25–04:59 सोमउद्वेगअशुभ
  • 04:59–06:33 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 12 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:53–05:43, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 06:33–07:59
  • चर, सामान्य, 07:59–09:25
  • लाभ, शुभ, 09:25–10:51
  • अमृत, शुभ, 10:51–12:17
  • काल, अशुभ, 12:17–13:44
  • शुभ, 13:44–15:10
  • रोग, अशुभ, 15:10–16:36
  • उद्वेग, अशुभ, 16:36–18:02
  • शुभ, 18:02–19:36
  • अमृत, शुभ, 19:36–21:09
  • चर, सामान्य, 21:09–22:43
  • रोग, अशुभ, 22:43–00:17 सोम
  • काल, अशुभ, 00:17–01:51 सोम
  • लाभ, शुभ, 01:51–03:25 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 03:25–04:59 सोम
  • शुभ, 04:59–06:33 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:55–12:40, शुभ
  • यमगण्ड, 12:17–13:44, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:10–16:36, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:30–17:16, अशुभ
  • राहु काल, 16:36–18:02, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:53–05:43 सोम

हर मान कैसे निकलता है

रवि 12 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल नवमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 106.5° आगे था: शुक्ल नवमी।

सूर्य अमावस्या 0° 106.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 106.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 96°–108° नौवीं है, शुक्ल नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:33। अष्टमी उससे पहले 07:44 शनि पर समाप्त हुई। नवमी 09:47 को समाप्त होगी, जब बढ़त 108° होगी। बढ़त 3 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

रवि 12 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:53–05:43

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:53–05:43।

सूर्यास्त 18:01 शनि सूर्योदय 06:33 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 11 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:01 शनि सूर्योदय 06:33 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 11 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 11 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:01 शनि से सूर्योदय 06:33 तक थी, 12 घं 32 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 12 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:55–12:40

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:55–12:40।

रवि 12 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 16:30–17:16

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:30–17:16।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 06:33 से 18:02, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:30–17:16।

रवि 12 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:33–07:59 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:33 से 18:02, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:02 से 06:33 सोम, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 12 अगस्त को राहुकाल कब है? 16:36–18:02

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:36–18:02।

रवि 12 अगस्त को यमगंड कब है? 12:17–13:44

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:17–13:44।

रवि 12 अगस्त को गुलिक काल कब है? 15:10–16:36

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:10–16:36।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 06:33 से 18:02 तक है, 11 घं 29 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 12 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:33

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:33, सूर्यास्त 18:02, 11 घं 29 मि का दिन।

रवि 12 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:02

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:33, सूर्यास्त 18:02, 11 घं 29 मि का दिन।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:10 सोम चंद्रोदय 13:01
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:10 सोम चंद्रोदय 13:01
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 12 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा

सूर्योदय पर चंद्रमा 221.7° पर था: अनुराधा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° अनुराधा चंद्रमा 221.7° अगला: ज्येष्ठा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अनुराधा चंद्रमा 221.7° अगला: ज्येष्ठा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 220° पर उसके पद 3 में आया। वह 16:31 को निकलेगा, ज्येष्ठा में।

रवि 12 अगस्त को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 336.9° थे: इन्द्र।

सूर्य 115.2° + चंद्रमा 221.7° = 336.9° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 115.2° + चंद्रमा 221.7° = 336.9° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 115.2° + 221.7° = 336.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 00:45 सोम को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

रवि 12 अगस्त को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 106.5° थी: नवमी का दूसरा आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 106.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° कौलव 102°–108° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 106.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° कौलव 102°–108° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 20:42 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 102° हुई; कौलव 09:47 तक है।

रवि 12 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:33, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:33 से 06:33 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 12 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 3 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 1 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

रवि 12 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल रवि 12 अगस्त पूर्णिमा 20 जुल॰ अमावस्या 3 अग॰ पूर्णिमा 18 अग॰ अमावस्या 1 सित॰
अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल रवि 12 अगस्त पूर्णिमा 20 जुल॰ अमावस्या 3 अग॰ पूर्णिमा 18 अग॰ अमावस्या 1 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 3 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।

रवि 12 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2092 · शक 1957

विक्रम संवत 2092 8 अप्रैल 2035 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2035 07:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 12 अगस्त सूर्य 115.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2035 07:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 12 अगस्त सूर्य 115.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2035, 07:57 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 121.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2092 गिनता है; शक संवत 1957।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 12 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 13:01

चंद्रमा यहाँ 13:01 पर उदय होता है।

रवि 12 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:10 सोम

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:10 सोम चंद्रोदय 13:01
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:10 सोम चंद्रोदय 13:01
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:01 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:10 सोम पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:01 पर उदय हुआ; वह फिर 02:10 सोम पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।