Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग सोम 25 दिसंबर 2034
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा सोम 25 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। सोम 25 दिसंबर क्यों?
पूर्णिमा: Ipameri में हर तारीख़25 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 25 दिसंबर
- 04:10–04:53ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:37 से
- 05:37–07:16अमृत चौघड़िया
- 08:55–10:33शुभ चौघड़िया
- 12:12–12:39अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 16:10–17:09लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 17:09–18:48अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:48 के बाद
- 22:52–00:13 मंगललाभ चौघड़िया
- 01:34–02:55 मंगलशुभ चौघड़िया
- 02:55–04:16 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:11–04:54 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:37–07:16अमृतशुभ
- 07:16–08:55कालअशुभ
- 08:55–10:33शुभ
- 10:33–12:12रोगअशुभ
- 12:12–13:51उद्वेगअशुभ
- 13:51–15:30चरसामान्य
- 15:30–17:09लाभशुभ
- 17:09–18:48अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:48–20:09चरसामान्य
- 20:09–21:30रोगअशुभ
- 21:30–22:52कालअशुभ
- 22:52–00:13 मंगललाभशुभ
- 00:13–01:34 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:34–02:55 मंगलशुभ
- 02:55–04:16 मंगलअमृतशुभ
- 04:16–05:37 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 25 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:10–04:53, शुभ
- अमृत, शुभ, 05:37–07:16
- काल, अशुभ, 07:16–08:55
- शुभ, 08:55–10:33
- रोग, अशुभ, 10:33–12:12
- उद्वेग, अशुभ, 12:12–13:51
- चर, सामान्य, 13:51–15:30
- लाभ, शुभ, 15:30–17:09
- अमृत, शुभ, 17:09–18:48
- चर, सामान्य, 18:48–20:09
- रोग, अशुभ, 20:09–21:30
- काल, अशुभ, 21:30–22:52
- लाभ, शुभ, 22:52–00:13 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:13–01:34 मंगल
- शुभ, 01:34–02:55 मंगल
- अमृत, शुभ, 02:55–04:16 मंगल
- चर, सामान्य, 04:16–05:37 मंगल
- राहु काल, 07:16–08:55, अशुभ
- यमगण्ड, 10:33–12:12, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:46–12:39, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:39–13:32, अशुभ
- गुलिक काल, 13:51–15:30, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:17–16:10, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:11–04:54 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में पूर्णिमा सोम 25 दिसंबर को क्यों है?
पूर्णिमा सोम 25 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा रवि 24 दिसंबर को 09:38 से सोम 25 दिसंबर को 05:54 तक है, इसलिए वह केवल सोम 25 दिसंबर के सूर्योदय (05:37) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
सोम 25 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 179.8° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:37। चतुर्दशी उससे पहले 09:38 रवि पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 05:54 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 10 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
प्रतिपदा क्षय क्यों है?
प्रतिपदा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 05:54 को शुरू हुई और 02:22 मंगल को समाप्त, 05:37 और 05:37 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को पूर्णिमा है और मंगलवार को द्वितीया: प्रतिपदा यहाँ क्षय तिथि है।
सोम 25 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:10–04:53
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:10–04:53।
रवि 24 दिसंबर की रात सूर्यास्त 18:48 रवि से सूर्योदय 05:37 तक थी, 10 घं 49 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 25 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:46–12:39
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:46–12:39।
सोम 25 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:39–13:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:39–13:32 और 15:17–16:10।
सोम 25 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:17–16:10
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:39–13:32 और 15:17–16:10।
यहाँ दिन, 05:37 से 18:48, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:39–13:32 और 15:17–16:10।
सोम 25 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:37–07:16 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:37 से 18:48, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:48 से 05:37 मंगल, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 25 दिसंबर को राहुकाल कब है? 07:16–08:55
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:16–08:55।
सोम 25 दिसंबर को यमगंड कब है? 10:33–12:12
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:33–12:12।
सोम 25 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 13:51–15:30
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:51–15:30।
यहाँ दिन 05:37 से 18:48 तक है, 13 घं 11 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 25 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:37
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:37, सूर्यास्त 18:48, 13 घं 11 मि का दिन।
सोम 25 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:48
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:37, सूर्यास्त 18:48, 13 घं 11 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 25 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 69.1° पर था: आर्द्रा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 66°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 22:56 को निकलेगा, पुनर्वसु में।
सोम 25 दिसंबर को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 318.4° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 249.3° + 69.1° = 318.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 08:03 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
सोम 25 दिसंबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 179.8° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 19:45 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 05:54 तक है।
सोम 25 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:37, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:37 से 05:37 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 25 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 10 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 16 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 9 जनवरी, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
सोम 25 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 10 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।
सोम 25 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2091 · शक 1956
विक्रम संवत 2091 20 मार्च 2034 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2034, 07:14 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 273.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2091 गिनता है; शक संवत 1956।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 25 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:10
चंद्रमा यहाँ 19:10 पर उदय होता है।
सोम 25 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:46
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 05:46 पर अस्त हुआ; वह फिर 19:10 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 05:46 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 19:10 पर उदय होगा।