Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शनि 24 जून 2034
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
24 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 24 जून
- 04:59–05:51ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:43 से
- 08:11–09:29शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
11:47–13:34अमृत कालहस्त में
- 11:53–12:37अभिजीत मुहूर्त
- 13:38–15:01लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:01–16:24अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:47 के बाद
- 17:47–19:24लाभ चौघड़िया
- 21:01–22:38शुभ चौघड़िया
- 22:38–00:15 रविअमृत चौघड़िया
- 05:06–06:43 रविलाभ चौघड़िया
- 04:59–05:51 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:43–08:06कालअशुभ
- 08:06–09:29शुभ
- 09:29–10:52रोगअशुभ
- 10:52–12:15उद्वेगअशुभ
- 12:15–13:38चरसामान्य
- 13:38–15:01लाभयमगण्ड में
- 15:01–16:24अमृतशुभ
- 16:24–17:47कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:47–19:24लाभशुभ
- 19:24–21:01उद्वेगअशुभ
- 21:01–22:38शुभ
- 22:38–00:15 रविअमृतशुभ
- 00:15–01:52 रविचरसामान्य
- 01:52–03:29 रविरोगअशुभ
- 03:29–05:06 रविकालअशुभ
- 05:06–06:43 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 24 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:59–05:51, शुभ
- काल, अशुभ, 06:43–08:06
- शुभ, 08:06–09:29
- रोग, अशुभ, 09:29–10:52
- उद्वेग, अशुभ, 10:52–12:15
- चर, सामान्य, 12:15–13:38
- लाभ, शुभ, 13:38–15:01
- अमृत, शुभ, 15:01–16:24
- काल, अशुभ, 16:24–17:47
- लाभ, शुभ, 17:47–19:24
- उद्वेग, अशुभ, 19:24–21:01
- शुभ, 21:01–22:38
- अमृत, शुभ, 22:38–00:15 रवि
- चर, सामान्य, 00:15–01:52 रवि
- रोग, अशुभ, 01:52–03:29 रवि
- काल, अशुभ, 03:29–05:06 रवि
- लाभ, शुभ, 05:06–06:43 रवि
- गुलिक काल, 06:43–08:06, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:43–07:27, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:27–08:11, अशुभ
- राहु काल, 09:29–10:52, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:53–12:37, शुभ
- यमगण्ड, 13:38–15:01, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:59–05:51 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 24 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल नवमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 98.8° आगे था: शुक्ल नवमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 96°–108° नौवीं है, शुक्ल नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:43। अष्टमी उससे पहले 00:32 पर समाप्त हुई। नवमी 02:45 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 108° होगी। बढ़त 16 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में अष्टमी क्यों है?
नई दिल्ली में अष्टमी है, Ipameri में नवमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:24, अष्टमी की समाप्ति 09:02 से पहले हुआ: यह दिन अष्टमी है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:43, अष्टमी की समाप्ति 00:32 के बाद हुआ: यह दिन नवमी है।
शनि 24 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:59–05:51
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:59–05:51।
शुक्र 23 जून की रात सूर्यास्त 17:47 शुक्र से सूर्योदय 06:43 तक थी, 12 घं 56 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 24 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:53–12:37
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:53–12:37।
शनि 24 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 06:43–07:27
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:43–07:27 और 07:27–08:11।
शनि 24 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 07:27–08:11
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:43–07:27 और 07:27–08:11।
यहाँ दिन, 06:43 से 17:47, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:43–07:27 और 07:27–08:11।
शनि 24 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:43–08:06 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:43 से 17:47, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:47 से 06:43 रवि, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 24 जून को राहुकाल कब है? 09:29–10:52
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:29–10:52।
शनि 24 जून को यमगंड कब है? 13:38–15:01
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:38–15:01।
शनि 24 जून को गुलिक काल कब है? 06:43–08:06
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:43–08:06।
यहाँ दिन 06:43 से 17:47 तक है, 11 घं 4 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 24 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 06:43
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:43, सूर्यास्त 17:47, 11 घं 4 मि का दिन।
शनि 24 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:47
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:43, सूर्यास्त 17:47, 11 घं 4 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 24 जून को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 167.5° पर था: हस्त, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 166°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 18:28 को निकलेगा, चित्रा में।
शनि 24 जून को कौन सा योग है? वरीयान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 236.1° थे: वरीयान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 68.6° + 167.5° = 236.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 13:54 को समाप्त होता है, फिर परिघ।
शनि 24 जून को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 98.8° थी: नवमी का पहला आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 13:36 तक है, जब बढ़त 102° होगी; कौलव 02:45 रवि तक।
शनि 24 जून को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:43, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:43 से 06:43 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 24 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़ (अधिक)
16 जून और 15 जुलाई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आषाढ़।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 जून 07:25 शुक्र से 15 जुलाई 15:15 शनि तक सूर्य मिथुन में रहा; कर्क में वह अमावस्या के बाद 16 जुलाई 16:17 रवि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आषाढ़ है, जो आषाढ़ से पहले आता है।
शनि 24 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 जून की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ (अधिक) है।
शनि 24 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2091 · शक 1956
विक्रम संवत 2091 20 मार्च 2034 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2034, 07:14 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 93.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2091 गिनता है; शक संवत 1956।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 24 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 12:53
चंद्रमा यहाँ 12:53 पर उदय होता है।
शनि 24 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 01:28 रवि
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:53 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 01:28 रवि पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:53 पर उदय हुआ; वह फिर 01:28 रवि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।