tithika
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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग सोम 5 दिसंबर 2033

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

चतुर्दशी

शुक्ल पक्ष · 07:22 तक

फिर पूर्णिमा · 04:22 मंगल तक

यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं कारण जानें

व्रत

पूर्णिमा

पूर्णिमा सोम 5 दिसंबर को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। सोम 5 दिसंबर क्यों?

पूर्णिमा: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:02 05:29 18:37अगला सूर्योदय 05:29 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:29–07:07अमृतशुभ
  • 07:07–08:46कालअशुभ
  • 08:46–10:25शुभ
  • 10:25–12:03रोगअशुभ
  • 12:03–13:42उद्वेगअशुभ
  • 13:42–15:20चरसामान्य
  • 15:20–16:59लाभशुभ
  • 16:59–18:37अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:37–19:59चरसामान्य
  • 19:59–21:20रोगअशुभ
  • 21:20–22:42कालअशुभ
  • 22:42–00:03 मंगललाभशुभ
  • 00:03–01:25 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:25–02:46 मंगलशुभ
  • 02:46–04:08 मंगलअमृतशुभ
  • 04:08–05:29 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 5 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:02–04:45, शुभ
  • अमृत, शुभ, 05:29–07:07
  • काल, अशुभ, 07:07–08:46
  • शुभ, 08:46–10:25
  • रोग, अशुभ, 10:25–12:03
  • उद्वेग, अशुभ, 12:03–13:42
  • चर, सामान्य, 13:42–15:20
  • लाभ, शुभ, 15:20–16:59
  • अमृत, शुभ, 16:59–18:37
  • चर, सामान्य, 18:37–19:59
  • रोग, अशुभ, 19:59–21:20
  • काल, अशुभ, 21:20–22:42
  • लाभ, शुभ, 22:42–00:03 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:03–01:25 मंगल
  • शुभ, 01:25–02:46 मंगल
  • अमृत, शुभ, 02:46–04:08 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:08–05:29 मंगल
  • राहु काल, 07:07–08:46, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:25–12:03, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:37–12:29, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:29–13:22, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:42–15:20, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:07–16:00, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:02–04:46 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में पूर्णिमा सोम 5 दिसंबर को क्यों है?

पूर्णिमा सोम 5 दिसंबर को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।

चतुर्दशी पूर्णिमा 07:22 04:00 05:00 06:00 सोम 5 दिसंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:29
चतुर्दशी 07:22 04:00 05:00 06:00 सोम 5 दिसंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:29 पूर्णिमा 07:22 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा सोम 5 दिसंबर को 07:22 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और मंगल 6 दिसंबर को 04:22 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: सोम 5 दिसंबर। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

पूर्णिमा: Ipameri में हर तारीख़

सोम 5 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 166.9° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 166.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 166.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:29। त्रयोदशी उससे पहले 10:31 रवि पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 07:22 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 21 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

पूर्णिमा क्षय क्यों है?

पूर्णिमा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं होता।

चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा सोम 5 दिसंबर सुबह मंगल 6 दिसंबर सुबह Ipameri UTC−3 07:22 04:22 05:29 चतुर्दशी 05:29 प्रतिपदा पूर्णिमा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा सोम 5 दिसंबर सुबह मंगल 6 दिसंबर सुबह Ipameri UTC−3 07:22 04:22 05:29 चतुर्दशी 05:29 प्रतिपदा पूर्णिमा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 07:22 को शुरू हुई और 04:22 मंगल को समाप्त, 05:29 और 05:29 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को चतुर्दशी है और मंगलवार को प्रतिपदा: पूर्णिमा यहाँ क्षय तिथि है।

सोम 5 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:02–04:45

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:02–04:45।

सूर्यास्त 18:37 रवि सूर्योदय 05:29 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 4 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:37 रवि सूर्योदय 05:29 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 4 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 4 दिसंबर की रात सूर्यास्त 18:37 रवि से सूर्योदय 05:29 तक थी, 10 घं 52 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 5 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:37–12:29

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:37–12:29।

सोम 5 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:29–13:22

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:29–13:22 और 15:07–16:00।

सोम 5 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:07–16:00

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:29–13:22 और 15:07–16:00।

सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 05:29 से 18:37, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:29–13:22 और 15:07–16:00।

सोम 5 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:29–07:07 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:29 से 18:37, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:37 से 05:29 मंगल, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 5 दिसंबर को राहुकाल कब है? 07:07–08:46

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:07–08:46।

सोम 5 दिसंबर को यमगंड कब है? 10:25–12:03

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:25–12:03।

सोम 5 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 13:42–15:20

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:42–15:20।

सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 05:29 से 18:37 तक है, 13 घं 8 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 5 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:29

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:29, सूर्यास्त 18:37, 13 घं 8 मि का दिन।

सोम 5 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:37

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:29, सूर्यास्त 18:37, 13 घं 8 मि का दिन।

सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:05
सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:05
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 5 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका

सूर्योदय पर चंद्रमा 36.1° पर था: कृत्तिका, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 36.1° अगला: रोहिणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 36.1° अगला: रोहिणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 33°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 11:49 को निकलेगा, रोहिणी में।

सोम 5 दिसंबर को कौन सा योग है? शिव

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 265.3° थे: शिव।

सूर्य 229.2° + चंद्रमा 36.1° = 265.3° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 229.2° + चंद्रमा 36.1° = 265.3° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 229.2° + 36.1° = 265.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 07:36 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।

सोम 5 दिसंबर को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 166.9° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 166.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° वणिज 162°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 166.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° वणिज 162°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 20:56 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 07:22 तक है।

सोम 5 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:29, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:29 से 05:29 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 5 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 21 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 21 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

सोम 5 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल सोम 5 दिसंबर पूर्णिमा 6 नव॰ अमावस्या 21 नव॰ पूर्णिमा 6 दिस॰ अमावस्या 21 दिस॰
अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल सोम 5 दिसंबर पूर्णिमा 6 नव॰ अमावस्या 21 नव॰ पूर्णिमा 6 दिस॰ अमावस्या 21 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।

सोम 5 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2090 · शक 1955

विक्रम संवत 2090 30 मार्च 2033 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 2033 14:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 5 दिसंबर सूर्य 229.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 2033 14:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 5 दिसंबर सूर्य 229.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 2033, 14:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 243.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2090 गिनता है; शक संवत 1955।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 5 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:05

चंद्रमा यहाँ 18:05 पर उदय होता है।

सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:05
सूर्योदय 05:29 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:29 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:05
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा 18:05 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।