Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 27 जुलाई 2033
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
शुक्ल पक्ष · 06:58 गुरु तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें द्वितीया यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें27 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 27 जुलाई
- 04:59–05:50ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:41 से
- 06:41–08:05लाभ चौघड़िया
- 08:05–09:30अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:54–12:19शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:33–17:57लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:57 के बाद
-
18:53–20:35अमृत कालअश्लेशा में
- 19:33–21:08शुभ चौघड़िया
- 21:08–22:43अमृत चौघड़िया
- 03:29–05:05 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:58–05:49 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:41–08:05लाभशुभ
- 08:05–09:30अमृतयमगण्ड में
- 09:30–10:54कालअशुभ
- 10:54–12:19शुभगुलिक काल में
- 12:19–13:44रोगअशुभ
- 13:44–15:08उद्वेगअशुभ
- 15:08–16:33चरसामान्य
- 16:33–17:57लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:57–19:33उद्वेगअशुभ
- 19:33–21:08शुभ
- 21:08–22:43अमृतशुभ
- 22:43–00:19 गुरुचरसामान्य
- 00:19–01:54 गुरुरोगअशुभ
- 01:54–03:29 गुरुकालअशुभ
- 03:29–05:05 गुरुलाभशुभ
- 05:05–06:40 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 27 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:59–05:50, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:41–08:05
- अमृत, शुभ, 08:05–09:30
- काल, अशुभ, 09:30–10:54
- शुभ, 10:54–12:19
- रोग, अशुभ, 12:19–13:44
- उद्वेग, अशुभ, 13:44–15:08
- चर, सामान्य, 15:08–16:33
- लाभ, शुभ, 16:33–17:57
- उद्वेग, अशुभ, 17:57–19:33
- शुभ, 19:33–21:08
- अमृत, शुभ, 21:08–22:43
- चर, सामान्य, 22:43–00:19 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:19–01:54 गुरु
- काल, अशुभ, 01:54–03:29 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:29–05:05 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:05–06:40 गुरु
- यमगण्ड, 08:05–09:30, अशुभ
- गुलिक काल, 10:54–12:19, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:56–12:42, अशुभ
- राहु काल, 12:19–13:44, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:58–05:49 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 27 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 12.4° आगे था: शुक्ल द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 12°–24° दूसरी है, शुक्ल द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:41। प्रतिपदा उससे पहले 05:49 पर समाप्त हुई। द्वितीया 06:58 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 24° होगी। बढ़त 26 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
द्वितीया दो सूर्योदयों पर क्यों है?
द्वितीया यहाँ बुध 27 और गुरु 28 जुलाई दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वितीया 05:49 को, सूर्योदय 06:41 से पहले, शुरू हुई और 06:58 गुरु को, अगले सूर्योदय 06:40 गुरु के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन द्वितीया है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में प्रतिपदा क्यों है?
नई दिल्ली में प्रतिपदा है, Ipameri में द्वितीया।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:39, प्रतिपदा की समाप्ति 14:19 से पहले हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:41, प्रतिपदा की समाप्ति 05:49 के बाद हुआ: यह दिन द्वितीया है।
बुध 27 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:59–05:50
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:59–05:50।
मंगल 26 जुलाई की रात सूर्यास्त 17:57 मंगल से सूर्योदय 06:41 तक थी, 12 घं 44 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 27 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 11:56–12:42
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:56–12:42।
यहाँ दिन, 06:41 से 17:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:56–12:42: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 27 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:41–08:05 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:41 से 17:57, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:57 से 06:40 गुरु, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 27 जुलाई को राहुकाल कब है? 12:19–13:44
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:19–13:44।
बुध 27 जुलाई को यमगंड कब है? 08:05–09:30
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:05–09:30।
बुध 27 जुलाई को गुलिक काल कब है? 10:54–12:19
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:54–12:19।
यहाँ दिन 06:41 से 17:57 तक है, 11 घं 16 मि। इसे 1 घं 24 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 27 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:41
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:41, सूर्यास्त 17:57, 11 घं 16 मि का दिन।
बुध 27 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:41, सूर्यास्त 17:57, 11 घं 16 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 27 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? अश्लेशा
सूर्योदय पर चंद्रमा 112.8° पर था: अश्लेशा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्लेशा 106°40′–120°00′ तक है; चंद्रमा 110° पर उसके पद 2 में आया। वह 20:35 को निकलेगा, मघा में।
बुध 27 जुलाई को कौन सा योग है? सिद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 213.2° थे: सिद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 100.4° + 112.8° = 213.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 07:01 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।
बुध 27 जुलाई को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 12.4° थी: द्वितीया का पहला आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 18:19 तक है, जब बढ़त 18° होगी; कौलव 06:58 गुरु तक।
बुध 27 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:41, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:41 से 06:40 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 27 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 26 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 24 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
बुध 27 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 26 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।
बुध 27 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2090 · शक 1955
विक्रम संवत 2090 30 मार्च 2033 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 2033, 14:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 114.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2090 गिनता है; शक संवत 1955।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 27 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:20
चंद्रमा यहाँ 07:20 पर उदय होता है।
बुध 27 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:14
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:20 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 19:14 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:20 पर उदय हुआ; वह फिर 19:14 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।