Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 3 फ़रवरी 2033
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
त्योहार
वसंत पंचमी
वसंत पंचमी गुरु 3 फ़रवरी को है: उस सुबह पूरे पूर्वाह्न में पञ्चमी है, और किसी सुबह नहीं। गुरु 3 फ़रवरी क्यों?
वसंत पंचमी: Ipameri में हर तारीख़3 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 3 फ़रवरी
- 04:32–05:16ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:01 से
- 06:01–07:37शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 12:00–12:52अभिजीत मुहूर्त
- 12:26–14:02लाभ चौघड़िया
- 14:02–15:39अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 17:15–18:51शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:51 के बाद
- 18:51–20:15अमृत चौघड़िया
- 00:26–01:50 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 03:14–04:38 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:38–06:01 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:32–05:17 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:01–07:37शुभयमगण्ड में
- 07:37–09:13रोगअशुभ
- 09:13–10:50उद्वेगअशुभ
- 10:50–12:26चरसामान्य
- 12:26–14:02लाभशुभ
- 14:02–15:39अमृतराहु काल में
- 15:39–17:15कालअशुभ
- 17:15–18:51शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:51–20:15अमृतशुभ
- 20:15–21:39चरसामान्य
- 21:39–23:02रोगअशुभ
- 23:02–00:26 शुक्रकालअशुभ
- 00:26–01:50 शुक्रलाभशुभ
- 01:50–03:14 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:14–04:38 शुक्रशुभ
- 04:38–06:01 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 3 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:32–05:16, शुभ
- शुभ, 06:01–07:37
- रोग, अशुभ, 07:37–09:13
- उद्वेग, अशुभ, 09:13–10:50
- चर, सामान्य, 10:50–12:26
- लाभ, शुभ, 12:26–14:02
- अमृत, शुभ, 14:02–15:39
- काल, अशुभ, 15:39–17:15
- शुभ, 17:15–18:51
- अमृत, शुभ, 18:51–20:15
- चर, सामान्य, 20:15–21:39
- रोग, अशुभ, 21:39–23:02
- काल, अशुभ, 23:02–00:26 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:26–01:50 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:50–03:14 शुक्र
- शुभ, 03:14–04:38 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:38–06:01 शुक्र
- यमगण्ड, 06:01–07:37, अशुभ
- गुलिक काल, 09:13–10:50, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:18–11:09, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:00–12:52, शुभ
- राहु काल, 14:02–15:39, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:26–16:17, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:32–05:17 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में वसंत पंचमी गुरु 3 फ़रवरी को क्यों है?
वसंत पंचमी गुरु 3 फ़रवरी को है: उस सुबह पूरे पूर्वाह्न में पञ्चमी है, और किसी सुबह नहीं।
सरस्वती पूजा पूर्वाह्न में होती है, दिन का पहला आधा भाग। पञ्चमी गुरु 3 फ़रवरी को 05:41 से शुक्र 4 फ़रवरी को 03:00 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का पूर्वाह्न (06:01–12:26) उसके भीतर है। वसंत पंचमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; पूर्वाह्न Tithika की परिपाटी है।
गुरु 3 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल पञ्चमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 48.2° आगे था: शुक्ल पञ्चमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 48°–60° पाँचवीं है, शुक्ल पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:01। चतुर्थी उससे पहले 05:41 पर समाप्त हुई। पञ्चमी 03:00 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 60° होगी। बढ़त 30 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में चतुर्थी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्थी है, Ipameri में पञ्चमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:08, चतुर्थी की समाप्ति 14:11 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्थी है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:01, चतुर्थी की समाप्ति 05:41 के बाद हुआ: यह दिन पञ्चमी है।
गुरु 3 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:32–05:16
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:32–05:16।
बुध 2 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 18:51 बुध से सूर्योदय 06:01 तक थी, 11 घं 10 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 3 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:00–12:52
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:00–12:52।
गुरु 3 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 10:18–11:09
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:18–11:09 और 15:26–16:17।
गुरु 3 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 15:26–16:17
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:18–11:09 और 15:26–16:17।
यहाँ दिन, 06:01 से 18:51, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:18–11:09 और 15:26–16:17।
गुरु 3 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:01–07:37 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:01 से 18:51, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:51 से 06:01 शुक्र, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 3 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 14:02–15:39
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:02–15:39।
गुरु 3 फ़रवरी को यमगंड कब है? 06:01–07:37
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:01–07:37।
गुरु 3 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 09:13–10:50
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:13–10:50।
यहाँ दिन 06:01 से 18:51 तक है, 12 घं 50 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 3 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:01
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 18:51, 12 घं 50 मि का दिन।
गुरु 3 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:51
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 18:51, 12 घं 50 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 3 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 338.7° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 336°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 19:07 को निकलेगा, रेवती में।
गुरु 3 फ़रवरी को कौन सा योग है? सिद्ध
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 629.2° थे, एक चक्कर और 269.2°: सिद्ध।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 290.5° + 338.7° = 629.2°, एक पूरा चक्कर और 269.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 266°40′–280°00′ इक्कीसवाँ है, सिद्ध। यह 22:37 को समाप्त होता है, फिर साध्य।
गुरु 3 फ़रवरी को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 48.2° थी: पञ्चमी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 16:17 तक है, जब बढ़त 54° होगी; बालव 03:00 शुक्र तक।
गुरु 3 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:01, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:01 से 06:01 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 3 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 30 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 1 मार्च, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
गुरु 3 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।
गुरु 3 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2089 · शक 1954
विक्रम संवत 2089 9 अप्रैल 2032 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 9 अप्रैल 2032, 23:39 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 294° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2089 गिनता है; शक संवत 1954।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 3 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:38
चंद्रमा यहाँ 09:38 पर उदय होता है।
गुरु 3 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:51
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:38 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:51 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:38 पर उदय हुआ; वह फिर 21:51 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।