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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 24 फ़रवरी 2032

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

चतुर्दशी

शुक्ल पक्ष · 02:26 बुध तक

फिर पूर्णिमा · 04:43 गुरु तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:38 06:10 18:41अगला सूर्योदय 06:10 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:10–07:44रोगअशुभ
  • 07:44–09:18उद्वेगअशुभ
  • 09:18–10:51चरसामान्य
  • 10:51–12:25लाभशुभ
  • 12:25–13:59अमृतगुलिक काल में
  • 13:59–15:33कालअशुभ
  • 15:33–17:07शुभराहु काल में
  • 17:07–18:41रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:41–20:07कालअशुभ
  • 20:07–21:33लाभशुभ
  • 21:33–22:59उद्वेगअशुभ
  • 22:59–00:26 बुधशुभ
  • 00:26–01:52 बुधअमृतशुभ
  • 01:52–03:18 बुधचरसामान्य
  • 03:18–04:44 बुधरोगअशुभ
  • 04:44–06:10 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 24 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:38–05:24, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:10–07:44
  • उद्वेग, अशुभ, 07:44–09:18
  • चर, सामान्य, 09:18–10:51
  • लाभ, शुभ, 10:51–12:25
  • अमृत, शुभ, 12:25–13:59
  • काल, अशुभ, 13:59–15:33
  • शुभ, 15:33–17:07
  • रोग, अशुभ, 17:07–18:41
  • काल, अशुभ, 18:41–20:07
  • लाभ, शुभ, 20:07–21:33
  • उद्वेग, अशुभ, 21:33–22:59
  • शुभ, 22:59–00:26 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:26–01:52 बुध
  • चर, सामान्य, 01:52–03:18 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:18–04:44 बुध
  • काल, अशुभ, 04:44–06:10 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:40–09:30, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:18–10:51, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:00–12:50, शुभ
  • गुलिक काल, 12:25–13:59, अशुभ
  • राहु काल, 15:33–17:07, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:17–00:03 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:38–05:24 बुध

हर मान कैसे निकलता है

मंगल 24 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 158.8° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 158.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 158.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:10। त्रयोदशी उससे पहले 00:00 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 02:26 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 11 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में त्रयोदशी क्यों है?

नई दिल्ली में त्रयोदशी है, Ipameri में चतुर्दशी।

त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी पूर्णिमा मंगल 24 फ़रवरी सुबह बुध 25 फ़रवरी सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 08:30 00:00 10:56 02:26 06:52 त्रयोदशी 06:51 चतुर्दशी 06:10 चतुर्दशी 06:10 पूर्णिमा
त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी पूर्णिमा मंगल 24 फ़रवरी सुबह बुध 25 फ़रवरी सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 08:30 00:00 10:56 02:26 06:52 त्रयोदशी 06:51 चतुर्दशी 06:10 चतुर्दशी 06:10 पूर्णिमा
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:52, त्रयोदशी की समाप्ति 08:30 से पहले हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:10, त्रयोदशी की समाप्ति 00:00 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।

मंगल 24 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:38–05:24

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:38–05:24।

सूर्यास्त 18:42 सोम सूर्योदय 06:10 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 23 फ़रवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:42 सोम सूर्योदय 06:10 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 23 फ़रवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 23 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 18:42 सोम से सूर्योदय 06:10 तक थी, 11 घं 28 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 24 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:00–12:50

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:00–12:50।

मंगल 24 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 08:40–09:30

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:40–09:30, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:17–00:03 बुध।

मंगल 24 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 23:17–00:03 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:40–09:30, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:17–00:03 बुध।

सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:10 से 18:41, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:40–09:30 और 23:17–00:03 बुध।

मंगल 24 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:10–07:44 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:10 से 18:41, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:41 से 06:10 बुध, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 24 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 15:33–17:07

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:33–17:07।

मंगल 24 फ़रवरी को यमगंड कब है? 09:18–10:51

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:18–10:51।

मंगल 24 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 12:25–13:59

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:25–13:59।

सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:10 से 18:41 तक है, 12 घं 31 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 24 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:10

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:10, सूर्यास्त 18:41, 12 घं 31 मि का दिन।

मंगल 24 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:41

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:10, सूर्यास्त 18:41, 12 घं 31 मि का दिन।

सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:27 बुध चंद्रोदय 17:31
सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:27 बुध चंद्रोदय 17:31
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 31 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 31 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 24 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? अश्लेशा

सूर्योदय पर चंद्रमा 109.8° पर था: अश्लेशा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 109.8° अगला: मघा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 109.8° अगला: मघा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्लेशा 106°40′–120°00′ तक है; चंद्रमा 106°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 02:44 बुध को निकलेगा, मघा में।

मंगल 24 फ़रवरी को कौन सा योग है? शोभन

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 420.8° थे, एक चक्कर और 60.8°: शोभन।

सूर्य 311.0° + चंद्रमा 109.8° = 420.8° एक चक्कर + 60.8° शोभन 53°20′–66°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 311.0° + चंद्रमा 109.8° = 420.8° एक चक्कर + 60.8° शोभन 53°20′–66°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 311° + 109.8° = 420.8°, एक पूरा चक्कर और 60.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 17:04 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।

मंगल 24 फ़रवरी को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 158.8° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 158.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° गर 156°–162° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 158.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° गर 156°–162° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 13:14 तक है, जब बढ़त 162° होगी; वणिज 02:26 बुध तक।

मंगल 24 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:10, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:10 से 06:10 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 24 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ

यह मास 11 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 11 मार्च, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।

मंगल 24 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।

अमान्त माघ पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल मंगल 24 फ़रवरी पूर्णिमा 27 जन॰ अमावस्या 11 फ़र॰ पूर्णिमा 26 फ़र॰ अमावस्या 11 मार्च
अमान्त माघ पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल मंगल 24 फ़रवरी पूर्णिमा 27 जन॰ अमावस्या 11 फ़र॰ पूर्णिमा 26 फ़र॰ अमावस्या 11 मार्च
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 11 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।

मंगल 24 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2088 · शक 1953

विक्रम संवत 2088 23 मार्च 2031 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 23 मार्च 2031 00:49 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 24 फ़रवरी सूर्य 311.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 23 मार्च 2031 00:49 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 24 फ़रवरी सूर्य 311.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 2031, 00:49 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 333° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2088 गिनता है; शक संवत 1953।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 24 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:31

चंद्रमा यहाँ 17:31 पर उदय होता है।

मंगल 24 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:27 बुध

सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:27 बुध चंद्रोदय 17:31
सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 06:10 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:27 बुध चंद्रोदय 17:31
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:31 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:27 बुध पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:31 पर उदय हुआ; वह फिर 05:27 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।