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English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 6 जून 2030

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:55 06:38 17:44अगला सूर्योदय 06:38 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:38–08:01शुभयमगण्ड में
  • 08:01–09:24रोगअशुभ
  • 09:24–10:48उद्वेगअशुभ
  • 10:48–12:11चरसामान्य
  • 12:11–13:34लाभशुभ
  • 13:34–14:58अमृतराहु काल में
  • 14:58–16:21कालअशुभ
  • 16:21–17:44शुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:44–19:21अमृतशुभ
  • 19:21–20:58चरसामान्य
  • 20:58–22:34रोगअशुभ
  • 22:34–00:11 शुक्रकालअशुभ
  • 00:11–01:48 शुक्रलाभशुभ
  • 01:48–03:25 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:25–05:01 शुक्रशुभ
  • 05:01–06:38 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 6 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:55–05:46, शुभ
  • शुभ, 06:38–08:01
  • रोग, अशुभ, 08:01–09:24
  • उद्वेग, अशुभ, 09:24–10:48
  • चर, सामान्य, 10:48–12:11
  • लाभ, शुभ, 12:11–13:34
  • अमृत, शुभ, 13:34–14:58
  • काल, अशुभ, 14:58–16:21
  • शुभ, 16:21–17:44
  • अमृत, शुभ, 17:44–19:21
  • चर, सामान्य, 19:21–20:58
  • रोग, अशुभ, 20:58–22:34
  • काल, अशुभ, 22:34–00:11 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:11–01:48 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:48–03:25 शुक्र
  • शुभ, 03:25–05:01 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:01–06:38 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:38–08:01, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:24–10:48, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:20–11:04, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:49–12:33, शुभ
  • राहु काल, 13:34–14:58, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:47–15:31, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:55–05:47 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 6 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल पञ्चमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 57.1° आगे था: शुक्ल पञ्चमी।

सूर्य अमावस्या 0° 57.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 57.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 48°–60° पाँचवीं है, शुक्ल पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:38। चतुर्थी उससे पहले 11:40 बुध पर समाप्त हुई। पञ्चमी 12:43 को समाप्त होगी, जब बढ़त 60° होगी। बढ़त 1 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

गुरु 6 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:55–05:46

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:55–05:46।

सूर्यास्त 17:44 बुध सूर्योदय 06:38 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 5 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:44 बुध सूर्योदय 06:38 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 5 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 5 जून की रात सूर्यास्त 17:44 बुध से सूर्योदय 06:38 तक थी, 12 घं 54 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 6 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:49–12:33

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:49–12:33।

गुरु 6 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 10:20–11:04

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:20–11:04 और 14:47–15:31।

गुरु 6 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 14:47–15:31

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:20–11:04 और 14:47–15:31।

सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 06:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 06:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:38 से 17:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:20–11:04 और 14:47–15:31।

गुरु 6 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:38–08:01 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 06:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 06:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:38 से 17:44, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:44 से 06:38 शुक्र, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 6 जून को राहुकाल कब है? 13:34–14:58

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:34–14:58।

गुरु 6 जून को यमगंड कब है? 06:38–08:01

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:38–08:01।

गुरु 6 जून को गुलिक काल कब है? 09:24–10:48

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:24–10:48।

सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 06:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 06:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:38 से 17:44 तक है, 11 घं 6 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 6 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 06:38

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 17:44, 11 घं 6 मि का दिन।

गुरु 6 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 17:44, 11 घं 6 मि का दिन।

सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 06:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:25 चंद्रोदय 10:32
सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 06:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:25 चंद्रोदय 10:32
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 6 जून को कौन सा नक्षत्र है? अश्लेशा

सूर्योदय पर चंद्रमा 108.5° पर था: अश्लेशा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 108.5° अगला: मघा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 108.5° अगला: मघा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्लेशा 106°40′–120°00′ तक है; चंद्रमा 106°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 04:24 शुक्र को निकलेगा, मघा में।

गुरु 6 जून को कौन सा योग है? ध्रुव

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 159.9° थे: ध्रुव।

सूर्य 51.4° + चंद्रमा 108.5° = 159.9° ध्रुव 146°40′–160°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 51.4° + चंद्रमा 108.5° = 159.9° ध्रुव 146°40′–160°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 51.4° + 108.5° = 159.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 06:38 को समाप्त होता है, फिर व्याघात।

गुरु 6 जून को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 57.1° थी: पञ्चमी का दूसरा आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 57.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° बालव 54°–60° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 57.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° बालव 54°–60° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 00:15 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 54° हुई; बालव 12:43 तक है।

गुरु 6 जून को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:38, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 06:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 06:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:38 से 06:38 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 6 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ

यह मास 1 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 30 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।

गुरु 6 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।

अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल गुरु 6 जून पूर्णिमा 17 मई अमावस्या 1 जून पूर्णिमा 15 जून अमावस्या 30 जून
अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल गुरु 6 जून पूर्णिमा 17 मई अमावस्या 1 जून पूर्णिमा 15 जून अमावस्या 30 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 जून की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।

गुरु 6 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952

विक्रम संवत 2087 2 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 2 अप्रैल 2030 19:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 6 जून सूर्य 51.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 2 अप्रैल 2030 19:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 6 जून सूर्य 51.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 2 अप्रैल 2030, 19:02 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 62.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 6 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 10:32

चंद्रमा यहाँ 10:32 पर उदय होता है।

गुरु 6 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 22:25

सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 06:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:25 चंद्रोदय 10:32
सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 06:38 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:25 चंद्रोदय 10:32
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:32 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 22:25 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:32 पर उदय हुआ; वह फिर 22:25 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।