tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 13 फ़रवरी 2030

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

एकादशी

शुक्ल पक्ष · 04:19 गुरु तक

फिर द्वादशी · 05:08 शुक्र तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

जया एकादशी

पारण समय
10:32⁠–⁠18:47 गुरु
गुरु 14 फ़रवरी
व्रत आरंभ
06:06

जया एकादशी बुध 13 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। बुध 13 फ़रवरी क्यों?

जया एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:35 06:06 18:47अगला सूर्योदय 06:06 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:06–07:41लाभशुभ
  • 07:41–09:16अमृतयमगण्ड में
  • 09:16–10:51कालअशुभ
  • 10:51–12:26शुभगुलिक काल में
  • 12:26–14:02रोगअशुभ
  • 14:02–15:37उद्वेगअशुभ
  • 15:37–17:12चरसामान्य
  • 17:12–18:47लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:47–20:12उद्वेगअशुभ
  • 20:12–21:37शुभ
  • 21:37–23:02अमृतशुभ
  • 23:02–00:27 गुरुचरसामान्य
  • 00:27–01:51 गुरुरोगअशुभ
  • 01:51–03:16 गुरुकालअशुभ
  • 03:16–04:41 गुरुलाभशुभ
  • 04:41–06:06 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 13 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:35–05:20, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:06–07:41
  • अमृत, शुभ, 07:41–09:16
  • काल, अशुभ, 09:16–10:51
  • शुभ, 10:51–12:26
  • रोग, अशुभ, 12:26–14:02
  • उद्वेग, अशुभ, 14:02–15:37
  • चर, सामान्य, 15:37–17:12
  • लाभ, शुभ, 17:12–18:47
  • उद्वेग, अशुभ, 18:47–20:12
  • शुभ, 20:12–21:37
  • अमृत, शुभ, 21:37–23:02
  • चर, सामान्य, 23:02–00:27 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:27–01:51 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:51–03:16 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:16–04:41 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:41–06:06 गुरु
  • यमगण्ड, 07:41–09:16, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:51–12:26, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:01–12:52, अशुभ
  • राहु काल, 12:26–14:02, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:35–05:21 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में जया एकादशी बुध 13 फ़रवरी को क्यों है?

जया एकादशी बुध 13 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

दशमी एकादशी 06:06 02:47 04:00 06:00 08:00 बुध 13 फ़रवरी स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 04:30–06:06
एकादशी 06:06 02:47 04:00 06:00 08:00 बुध 13 फ़रवरी स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 04:30–06:06 दशमी 02:47 तक
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल बुध 13 फ़रवरी को सूर्योदय पर है, 06:06: बुध 13 फ़रवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 02:47 पर, उससे (04:30–06:06) पहले, समाप्त हुई।

जया एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

बुध 13 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 121.5° आगे था: शुक्ल एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 121.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 121.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:06। दशमी उससे पहले 02:47 पर समाप्त हुई। एकादशी 04:19 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 2 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में दशमी क्यों है?

नई दिल्ली में दशमी है, Ipameri में एकादशी।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी बुध 13 फ़रवरी सुबह गुरु 14 फ़रवरी सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 11:17 02:47 12:49 04:19 07:01 दशमी 07:00 एकादशी 06:06 एकादशी 06:06 द्वादशी
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी बुध 13 फ़रवरी सुबह गुरु 14 फ़रवरी सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 11:17 02:47 12:49 04:19 07:01 दशमी 07:00 एकादशी 06:06 एकादशी 06:06 द्वादशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 07:01, दशमी की समाप्ति 11:17 से पहले हुआ: यह दिन दशमी है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:06, दशमी की समाप्ति 02:47 के बाद हुआ: यह दिन एकादशी है।

बुध 13 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:35–05:20

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:35–05:20।

सूर्यास्त 18:48 मंगल सूर्योदय 06:06 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 12 फ़रवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:48 मंगल सूर्योदय 06:06 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 12 फ़रवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 12 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 18:48 मंगल से सूर्योदय 06:06 तक थी, 11 घं 18 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 13 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:01–12:52

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:01–12:52।

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:06 से 18:47, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:01–12:52: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 13 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:06–07:41 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:06 से 18:47, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:47 से 06:06 गुरु, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 13 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 12:26–14:02

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:26–14:02।

बुध 13 फ़रवरी को यमगंड कब है? 07:41–09:16

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:41–09:16।

बुध 13 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 10:51–12:26

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:51–12:26।

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:06 से 18:47 तक है, 12 घं 41 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 13 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:06

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 18:47, 12 घं 41 मि का दिन।

बुध 13 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:47

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 18:47, 12 घं 41 मि का दिन।

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:34 गुरु चंद्रोदय 15:12
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:34 गुरु चंद्रोदय 15:12
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 41 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 41 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 13 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा

सूर्योदय पर चंद्रमा 62° पर था: मृगशिरा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 62.0° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 62.0° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 60° पर उसके पद 3 में आया। वह 15:20 को निकलेगा, आर्द्रा में।

बुध 13 फ़रवरी को कौन सा योग है? विष्कम्भ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 362.4° थे, एक चक्कर और 2.4°: विष्कम्भ।

सूर्य 300.4° + चंद्रमा 62.0° = 362.4° एक चक्कर + 2.4° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 300.4° + चंद्रमा 62.0° = 362.4° एक चक्कर + 2.4° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 300.4° + 62° = 362.4°, एक पूरा चक्कर और 2.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 01:51 गुरु को समाप्त होता है, फिर प्रीति।

बुध 13 फ़रवरी को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 121.5° थी: एकादशी का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 121.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° वणिज 120°–126° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 121.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° वणिज 120°–126° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 15:38 तक है, जब बढ़त 126° होगी; विष्टि 04:19 गुरु तक।

बुध 13 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:06, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:06 से 06:06 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 13 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ

यह मास 2 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 4 मार्च, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।

बुध 13 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।

अमान्त माघ पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल बुध 13 फ़रवरी पूर्णिमा 19 जन॰ अमावस्या 2 फ़र॰ पूर्णिमा 18 फ़र॰ अमावस्या 4 मार्च
अमान्त माघ पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल बुध 13 फ़रवरी पूर्णिमा 19 जन॰ अमावस्या 2 फ़र॰ पूर्णिमा 18 फ़र॰ अमावस्या 4 मार्च
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 2 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।

बुध 13 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951

विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 15 मार्च 2029 01:19 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 13 फ़रवरी सूर्य 300.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 15 मार्च 2029 01:19 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 13 फ़रवरी सूर्य 300.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 01:19 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 329.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 13 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:12

चंद्रमा यहाँ 15:12 पर उदय होता है।

बुध 13 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:34 गुरु

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:34 गुरु चंद्रोदय 15:12
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:34 गुरु चंद्रोदय 15:12
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:12 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:34 गुरु पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:12 पर उदय हुआ; वह फिर 02:34 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।