tithika
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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 25 सितंबर 2029

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

तृतीया

कृष्ण पक्ष · 20:15 तक

फिर चतुर्थी · 22:50 बुध तक

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
20:39

संकष्टी चतुर्थी मंगल 25 सितंबर को है: चतुर्थी दोनों रात चंद्रोदय को छूती है, और पहला दिन लिया जाता है। मंगल 25 सितंबर क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:24 05:59 18:09अगला सूर्योदय 05:58 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:59–07:30रोगअशुभ
  • 07:30–09:02उद्वेगअशुभ
  • 09:02–10:33चरसामान्य
  • 10:33–12:04लाभशुभ
  • 12:04–13:35अमृतगुलिक काल में
  • 13:35–15:06कालअशुभ
  • 15:06–16:38शुभराहु काल में
  • 16:38–18:09रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:09–19:37कालअशुभ
  • 19:37–21:06लाभशुभ
  • 21:06–22:35उद्वेगअशुभ
  • 22:35–00:04 बुधशुभ
  • 00:04–01:32 बुधअमृतशुभ
  • 01:32–03:01 बुधचरसामान्य
  • 03:01–04:30 बुधरोगअशुभ
  • 04:30–05:58 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 25 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:12, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:59–07:30
  • उद्वेग, अशुभ, 07:30–09:02
  • चर, सामान्य, 09:02–10:33
  • लाभ, शुभ, 10:33–12:04
  • अमृत, शुभ, 12:04–13:35
  • काल, अशुभ, 13:35–15:06
  • शुभ, 15:06–16:38
  • रोग, अशुभ, 16:38–18:09
  • काल, अशुभ, 18:09–19:37
  • लाभ, शुभ, 19:37–21:06
  • उद्वेग, अशुभ, 21:06–22:35
  • शुभ, 22:35–00:04 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:04–01:32 बुध
  • चर, सामान्य, 01:32–03:01 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:01–04:30 बुध
  • काल, अशुभ, 04:30–05:58 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:25–09:14, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:02–10:33, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:40–12:28, शुभ
  • गुलिक काल, 12:04–13:35, अशुभ
  • राहु काल, 15:06–16:38, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 22:53–23:40, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:11 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में संकष्टी चतुर्थी मंगल 25 सितंबर को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी मंगल 25 सितंबर को है: चतुर्थी दोनों रात चंद्रोदय को छूती है, और पहला दिन लिया जाता है।

तृतीया चतुर्थी 20:15 19:00 21:00 22:00 23:00 मंगल 25 सितंबर स्मार्त · वैष्णव चंद्रोदय 20:39
तृतीया चतुर्थी 20:15 19:00 21:00 22:00 23:00 मंगल 25 सितंबर स्मार्त · वैष्णव चंद्रोदय 20:39
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। गहरी पट्टी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी मंगल 25 सितंबर को 20:15 से बुध 26 सितंबर को 22:50 तक है, और दोनों रात चंद्रोदय को छूती है। ऐसे में धर्मसिंधु पहला दिन लेता है: मंगल 25 सितंबर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: Ipameri में हर तारीख़

मंगल 25 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 209.5° आगे था: कृष्ण तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 209.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 209.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:59। द्वितीया उससे पहले 17:46 सोम पर समाप्त हुई। तृतीया 20:15 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 22 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

मंगल 25 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:24–05:12

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:24–05:12।

सूर्यास्त 18:09 सोम सूर्योदय 05:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 24 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:09 सोम सूर्योदय 05:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 24 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 24 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:09 सोम से सूर्योदय 05:59 तक थी, 11 घं 50 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 25 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:40–12:28

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:40–12:28।

मंगल 25 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:25–09:14

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:25–09:14, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:53–23:40।

मंगल 25 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:53–23:40

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:25–09:14, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:53–23:40।

सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:59 से 18:09, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:25–09:14 और 22:53–23:40।

मंगल 25 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:59–07:30 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:59 से 18:09, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:09 से 05:58 बुध, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 25 सितंबर को राहुकाल कब है? 15:06–16:38

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:06–16:38।

मंगल 25 सितंबर को यमगंड कब है? 09:02–10:33

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:02–10:33।

मंगल 25 सितंबर को गुलिक काल कब है? 12:04–13:35

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:04–13:35।

सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:59 से 18:09 तक है, 12 घं 10 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 25 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:59

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:59, सूर्यास्त 18:09, 12 घं 10 मि का दिन।

मंगल 25 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:09

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:59, सूर्यास्त 18:09, 12 घं 10 मि का दिन।

सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:29 चंद्रोदय 20:39
सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:29 चंद्रोदय 20:39
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 25 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 7.9° पर था: अश्विनी, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 7.9° अगला: भरणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 7.9° अगला: भरणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 6°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:06 को निकलेगा, भरणी में।

मंगल 25 सितंबर को कौन सा योग है? व्याघात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 166.2° थे: व्याघात।

सूर्य 158.3° + चंद्रमा 7.9° = 166.2° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 158.3° + चंद्रमा 7.9° = 166.2° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 158.3° + 7.9° = 166.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 19:25 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।

मंगल 25 सितंबर को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 209.5° थी: तृतीया का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 209.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° वणिज 204°–210° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 209.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° वणिज 204°–210° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 06:59 तक है, जब बढ़त 210° होगी; विष्टि 20:15 तक।

मंगल 25 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:59, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:59 से 05:58 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 25 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 8 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 7 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

मंगल 25 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।

अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल मंगल 25 सितंबर अमावस्या 8 सित॰ पूर्णिमा 22 सित॰ अमावस्या 7 अक्टू॰ पूर्णिमा 22 अक्टू॰
अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल मंगल 25 सितंबर अमावस्या 8 सित॰ पूर्णिमा 22 सित॰ अमावस्या 7 अक्टू॰ पूर्णिमा 22 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।

मंगल 25 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951

विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 15 मार्च 2029 01:19 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 25 सितंबर सूर्य 158.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 15 मार्च 2029 01:19 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 25 सितंबर सूर्य 158.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 01:19 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 187.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 25 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:39

चंद्रमा यहाँ 20:39 पर उदय होता है।

मंगल 25 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 07:29

सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:29 चंद्रोदय 20:39
सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:29 चंद्रोदय 20:39
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:29 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:39 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:29 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:39 पर उदय होगा।