Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शनि 22 सितंबर 2029
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
त्योहार
पितृ पक्ष आरंभ
पितृ पक्ष आरंभ शनि 22 सितंबर को है: उस दिन प्रतिपदा अपराह्न का रवि 23 सितंबर से अधिक भाग घेरती है। शनि 22 सितंबर क्यों?
पितृ पक्ष आरंभ: Ipameri में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा शनि 22 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। शनि 22 सितंबर क्यों?
पूर्णिमा: Ipameri में हर तारीख़22 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 22 सितंबर
- 04:27–05:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:02 से
- 07:39–09:03शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:41–12:29अभिजीत मुहूर्त
- 13:36–15:07लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:07–16:38अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:08 के बाद
- 18:08–19:37लाभ चौघड़िया
- 21:06–22:36शुभ चौघड़िया
- 22:36–00:05 रविअमृत चौघड़िया
- 04:32–06:01 रविलाभ चौघड़िया
- 04:26–05:13 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:02–07:32कालअशुभ
- 07:32–09:03शुभ
- 09:03–10:34रोगअशुभ
- 10:34–12:05उद्वेगअशुभ
- 12:05–13:36चरसामान्य
- 13:36–15:07लाभयमगण्ड में
- 15:07–16:38अमृतशुभ
- 16:38–18:08कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:08–19:37लाभशुभ
- 19:37–21:06उद्वेगअशुभ
- 21:06–22:36शुभ
- 22:36–00:05 रविअमृतशुभ
- 00:05–01:34 रविचरसामान्य
- 01:34–03:03 रविरोगअशुभ
- 03:03–04:32 रविकालअशुभ
- 04:32–06:01 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 22 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:27–05:14, शुभ
- काल, अशुभ, 06:02–07:32
- शुभ, 07:32–09:03
- रोग, अशुभ, 09:03–10:34
- उद्वेग, अशुभ, 10:34–12:05
- चर, सामान्य, 12:05–13:36
- लाभ, शुभ, 13:36–15:07
- अमृत, शुभ, 15:07–16:38
- काल, अशुभ, 16:38–18:08
- लाभ, शुभ, 18:08–19:37
- उद्वेग, अशुभ, 19:37–21:06
- शुभ, 21:06–22:36
- अमृत, शुभ, 22:36–00:05 रवि
- चर, सामान्य, 00:05–01:34 रवि
- रोग, अशुभ, 01:34–03:03 रवि
- काल, अशुभ, 03:03–04:32 रवि
- लाभ, शुभ, 04:32–06:01 रवि
- गुलिक काल, 06:02–07:32, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:02–06:50, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:50–07:39, अशुभ
- राहु काल, 09:03–10:34, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:41–12:29, शुभ
- यमगण्ड, 13:36–15:07, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:26–05:13 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में पितृ पक्ष आरंभ शनि 22 सितंबर को क्यों है?
पितृ पक्ष आरंभ शनि 22 सितंबर को है: उस दिन प्रतिपदा अपराह्न का रवि 23 सितंबर से अधिक भाग घेरती है।
पितृ पक्ष का पहला श्राद्ध अपराह्न में होता है, दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा शनि 22 सितंबर को 13:29 से रवि 23 सितंबर को 15:29 तक है, और दोनों दिन अपराह्न को छूती है। निर्णयसिंधु वह दिन लेता है जिसका अपराह्न उसमें अधिक है: शनि 22 सितंबर। पितृ पक्ष आरंभ का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अपराह्न Tithika की परिपाटी है।
Ipameri में पूर्णिमा शनि 22 सितंबर को क्यों है?
पूर्णिमा शनि 22 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शुक्र 21 सितंबर को 11:48 से शनि 22 सितंबर को 13:29 तक है, इसलिए वह केवल शनि 22 सितंबर के सूर्योदय (06:02) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 22 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 176.5° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:02। चतुर्दशी उससे पहले 11:48 शुक्र पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 13:29 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 8 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शनि 22 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:27–05:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:27–05:14।
शुक्र 21 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:08 शुक्र से सूर्योदय 06:02 तक थी, 11 घं 54 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 22 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:41–12:29
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:41–12:29।
शनि 22 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:02–06:50
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:02–06:50 और 06:50–07:39।
शनि 22 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:50–07:39
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:02–06:50 और 06:50–07:39।
यहाँ दिन, 06:02 से 18:08, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:02–06:50 और 06:50–07:39।
शनि 22 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:02–07:32 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:02 से 18:08, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:08 से 06:01 रवि, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 22 सितंबर को राहुकाल कब है? 09:03–10:34
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:03–10:34।
शनि 22 सितंबर को यमगंड कब है? 13:36–15:07
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:36–15:07।
शनि 22 सितंबर को गुलिक काल कब है? 06:02–07:32
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:02–07:32।
यहाँ दिन 06:02 से 18:08 तक है, 12 घं 6 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 22 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:02
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 18:08, 12 घं 6 मि का दिन।
शनि 22 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:08
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 18:08, 12 घं 6 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 22 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 331.9° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 330° पर उसके पद 4 में आया। वह 08:51 को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।
शनि 22 सितंबर को कौन सा योग है? गण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 487.3° थे, एक चक्कर और 127.3°: गण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 155.4° + 331.9° = 487.3°, एक पूरा चक्कर और 127.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 17:07 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।
शनि 22 सितंबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 176.5° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 00:36 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 13:29 तक है।
शनि 22 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:02, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:02 से 06:01 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 22 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 8 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 7 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
शनि 22 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 8 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।
शनि 22 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951
विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 01:19 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 184.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 22 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:12
चंद्रमा यहाँ 18:12 पर उदय होता है।
चंद्रमा 18:12 पर, रात में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।