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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 23 मई 2029

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

दशमी

शुक्ल पक्ष · 07:39 तक

फिर एकादशी · 04:40 गुरु तक

यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं कारण जानें

व्रत

मोहिनी एकादशी

पारण समय
09:52⁠–⁠17:45 गुरु
गुरु 24 मई
व्रत आरंभ
06:33

स्मार्त परंपरा में मोहिनी एकादशी बुध 23 मई को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव गुरु 24 मई को व्रत रखते हैं। बुध 23 मई क्यों?

मोहिनी एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:51 06:33 17:45अगला सूर्योदय 06:33 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:33–07:57लाभशुभ
  • 07:57–09:21अमृतयमगण्ड में
  • 09:21–10:45कालअशुभ
  • 10:45–12:09शुभगुलिक काल में
  • 12:09–13:33रोगअशुभ
  • 13:33–14:57उद्वेगअशुभ
  • 14:57–16:21चरसामान्य
  • 16:21–17:45लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:45–19:21उद्वेगअशुभ
  • 19:21–20:57शुभ
  • 20:57–22:33अमृतशुभ
  • 22:33–00:09 गुरुचरसामान्य
  • 00:09–01:45 गुरुरोगअशुभ
  • 01:45–03:21 गुरुकालअशुभ
  • 03:21–04:57 गुरुलाभशुभ
  • 04:57–06:33 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 23 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:51–05:42, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:33–07:57
  • अमृत, शुभ, 07:57–09:21
  • काल, अशुभ, 09:21–10:45
  • शुभ, 10:45–12:09
  • रोग, अशुभ, 12:09–13:33
  • उद्वेग, अशुभ, 13:33–14:57
  • चर, सामान्य, 14:57–16:21
  • लाभ, शुभ, 16:21–17:45
  • उद्वेग, अशुभ, 17:45–19:21
  • शुभ, 19:21–20:57
  • अमृत, शुभ, 20:57–22:33
  • चर, सामान्य, 22:33–00:09 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:09–01:45 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:45–03:21 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:21–04:57 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:57–06:33 गुरु
  • यमगण्ड, 07:57–09:21, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:45–12:09, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:47–12:31, अशुभ
  • राहु काल, 12:09–13:33, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:51–05:42 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में मोहिनी एकादशी बुध 23 मई को क्यों है?

स्मार्त परंपरा में मोहिनी एकादशी बुध 23 मई को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव गुरु 24 मई को व्रत रखते हैं।

दशमी 06:33 07:39 03:00 04:00 05:00 06:00 07:00 बुध 23 मई स्मार्त अरुणोदय 04:57–06:33 एकादशी 07:39 से
दशमी 06:33 07:39 03:00 05:00 बुध 23 मई स्मार्त अरुणोदय 04:57–06:33 एकादशी 07:39 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह बुध 23 मई को 07:39 पर, उस सूर्योदय (06:33) के बाद, लगती है और गुरु 24 मई को 04:40 पर, अगले सूर्योदय (06:33 गुरु) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: बुध 23 मई।

मोहिनी एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

बुध 23 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 119.4° आगे था: शुक्ल दशमी।

सूर्य अमावस्या 0° 119.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 119.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:33। नवमी उससे पहले 10:16 मंगल पर समाप्त हुई। दशमी 07:39 को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 13 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

एकादशी क्षय क्यों है?

एकादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी बुध 23 मई सुबह गुरु 24 मई सुबह Ipameri UTC−3 07:39 04:40 06:33 दशमी 06:33 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी बुध 23 मई सुबह गुरु 24 मई सुबह Ipameri UTC−3 07:39 04:40 06:33 दशमी 06:33 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 07:39 को शुरू हुई और 04:40 गुरु को समाप्त, 06:33 और 06:33 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को दशमी है और गुरुवार को द्वादशी: एकादशी यहाँ क्षय तिथि है।

बुध 23 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:51–05:42

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:51–05:42।

सूर्यास्त 17:45 मंगल सूर्योदय 06:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 22 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:45 मंगल सूर्योदय 06:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 22 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 22 मई की रात सूर्यास्त 17:45 मंगल से सूर्योदय 06:33 तक थी, 12 घं 48 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 23 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 11:47–12:31

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:47–12:31।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:33 से 17:45, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:47–12:31: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 23 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:33–07:57 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:33 से 17:45, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:45 से 06:33 गुरु, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 23 मई को राहुकाल कब है? 12:09–13:33

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:09–13:33।

बुध 23 मई को यमगंड कब है? 07:57–09:21

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:57–09:21।

बुध 23 मई को गुलिक काल कब है? 10:45–12:09

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:45–12:09।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:33 से 17:45 तक है, 11 घं 12 मि। इसे 1 घं 24 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 23 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:33

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:33, सूर्यास्त 17:45, 11 घं 12 मि का दिन।

बुध 23 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:45

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:33, सूर्यास्त 17:45, 11 घं 12 मि का दिन।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:02 गुरु चंद्रोदय 14:13
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:02 गुरु चंद्रोदय 14:13
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 48 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 48 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 23 मई को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 157.7° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराफाल्गुनी चंद्रमा 157.7° अगला: हस्त पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराफाल्गुनी चंद्रमा 157.7° अगला: हस्त पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 156°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 10:25 को निकलेगा, हस्त में।

बुध 23 मई को कौन सा योग है? वज्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 196° थे: वज्र।

सूर्य 38.3° + चंद्रमा 157.7° = 196.0° वज्र 186°40′–200°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 38.3° + चंद्रमा 157.7° = 196.0° वज्र 186°40′–200°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 38.3° + 157.7° = 196°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 186°40′–200°00′ पंद्रहवाँ है, वज्र। यह 12:50 को समाप्त होता है, फिर सिद्धि।

बुध 23 मई को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 119.4° थी: दशमी का दूसरा आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 119.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° गर 114°–120° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 119.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° गर 114°–120° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 21:01 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 114° हुई; गर 07:39 तक है।

बुध 23 मई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:33, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:33 से 06:33 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 23 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख

यह मास 13 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 12 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।

बुध 23 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।

अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त वैशाख कृष्ण शुक्ल बुध 23 मई पूर्णिमा 28 अप्रैल अमावस्या 13 मई पूर्णिमा 27 मई अमावस्या 12 जून
अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त वैशाख कृष्ण शुक्ल बुध 23 मई पूर्णिमा 28 अप्रैल अमावस्या 13 मई पूर्णिमा 27 मई अमावस्या 12 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 मई की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।

बुध 23 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951

विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 15 मार्च 2029 01:19 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 23 मई सूर्य 38.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 15 मार्च 2029 01:19 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 23 मई सूर्य 38.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 01:19 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 67.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 23 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:13

चंद्रमा यहाँ 14:13 पर उदय होता है।

बुध 23 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:02 गुरु

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:02 गुरु चंद्रोदय 14:13
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:02 गुरु चंद्रोदय 14:13
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:13 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:02 गुरु पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:13 पर उदय हुआ; वह फिर 03:02 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।