Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शनि 7 अप्रैल 2029
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
कृष्ण पक्ष · 07:16 रवि तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें दशमी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें7 अप्रैल का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 7 अप्रैल
- 04:42–05:31ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:20 से
- 07:54–09:17शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:51–12:38अभिजीत मुहूर्त
- 13:43–15:11लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:11–16:40अमृत चौघड़िया
-
17:32–19:16अमृत कालश्रवण में
- सूर्यास्त 18:09 के बाद
- 18:09–19:40लाभ चौघड़िया
- 21:11–22:43शुभ चौघड़िया
- 22:43–00:14 रविअमृत चौघड़िया
- 04:49–06:20 रविलाभ चौघड़िया
- 04:43–05:31 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:20–07:48कालअशुभ
- 07:48–09:17शुभ
- 09:17–10:46रोगअशुभ
- 10:46–12:14उद्वेगअशुभ
- 12:14–13:43चरसामान्य
- 13:43–15:11लाभयमगण्ड में
- 15:11–16:40अमृतशुभ
- 16:40–18:09कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:09–19:40लाभशुभ
- 19:40–21:11उद्वेगअशुभ
- 21:11–22:43शुभ
- 22:43–00:14 रविअमृतशुभ
- 00:14–01:46 रविचरसामान्य
- 01:46–03:17 रविरोगअशुभ
- 03:17–04:49 रविकालअशुभ
- 04:49–06:20 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 7 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:31, शुभ
- काल, अशुभ, 06:20–07:48
- शुभ, 07:48–09:17
- रोग, अशुभ, 09:17–10:46
- उद्वेग, अशुभ, 10:46–12:14
- चर, सामान्य, 12:14–13:43
- लाभ, शुभ, 13:43–15:11
- अमृत, शुभ, 15:11–16:40
- काल, अशुभ, 16:40–18:09
- लाभ, शुभ, 18:09–19:40
- उद्वेग, अशुभ, 19:40–21:11
- शुभ, 21:11–22:43
- अमृत, शुभ, 22:43–00:14 रवि
- चर, सामान्य, 00:14–01:46 रवि
- रोग, अशुभ, 01:46–03:17 रवि
- काल, अशुभ, 03:17–04:49 रवि
- लाभ, शुभ, 04:49–06:20 रवि
- गुलिक काल, 06:20–07:48, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:20–07:07, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:07–07:54, अशुभ
- राहु काल, 09:17–10:46, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:51–12:38, शुभ
- यमगण्ड, 13:43–15:11, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:31 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 7 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण दशमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 288.2° आगे था: कृष्ण दशमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 288°–300° पच्चीसवीं है, कृष्ण दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:20। नवमी उससे पहले 05:50 पर समाप्त हुई। दशमी 07:16 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 300° होगी। बढ़त 29 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
दशमी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
दशमी यहाँ शनि 7 और रवि 8 अप्रैल दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। दशमी 05:50 को, सूर्योदय 06:20 से पहले, शुरू हुई और 07:16 रवि को, अगले सूर्योदय 06:20 रवि के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन दशमी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में नवमी क्यों है?
नई दिल्ली में नवमी है, Ipameri में दशमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:04, नवमी की समाप्ति 14:20 से पहले हुआ: यह दिन नवमी है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:20, नवमी की समाप्ति 05:50 के बाद हुआ: यह दिन दशमी है।
शनि 7 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:42–05:31
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:42–05:31।
शुक्र 6 अप्रैल की रात सूर्यास्त 18:09 शुक्र से सूर्योदय 06:20 तक थी, 12 घं 11 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 7 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:51–12:38
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:51–12:38।
शनि 7 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 06:20–07:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:20–07:07 और 07:07–07:54।
शनि 7 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 07:07–07:54
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:20–07:07 और 07:07–07:54।
यहाँ दिन, 06:20 से 18:09, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:20–07:07 और 07:07–07:54।
शनि 7 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:20–07:48 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:20 से 18:09, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:09 से 06:20 रवि, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 7 अप्रैल को राहुकाल कब है? 09:17–10:46
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:17–10:46।
शनि 7 अप्रैल को यमगंड कब है? 13:43–15:11
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:43–15:11।
शनि 7 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 06:20–07:48
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:20–07:48।
यहाँ दिन 06:20 से 18:09 तक है, 11 घं 49 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 7 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:20
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 18:09, 11 घं 49 मि का दिन।
शनि 7 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:09
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 18:09, 11 घं 49 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 7 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण
सूर्योदय पर चंद्रमा 281.8° पर था: श्रवण, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 280° पर उसके पद 1 में आया। वह 04:47 रवि को निकलेगा, धनिष्ठा में।
शनि 7 अप्रैल को कौन सा योग है? सिद्ध
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 635.4° थे, एक चक्कर और 275.4°: सिद्ध।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 353.6° + 281.8° = 635.4°, एक पूरा चक्कर और 275.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 266°40′–280°00′ इक्कीसवाँ है, सिद्ध। यह 14:37 को समाप्त होता है, फिर साध्य।
शनि 7 अप्रैल को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 288.2° थी: दशमी का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 18:29 तक है, जब बढ़त 294° होगी; विष्टि 07:16 रवि तक।
शनि 7 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:20, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:20 से 06:20 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 7 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र (अधिक)
15 मार्च और 13 अप्रैल की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक चैत्र।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 मार्च 01:19 गुरु से 13 अप्रैल 18:40 शुक्र तक सूर्य मीन में रहा; मेष में वह अमावस्या के बाद 13 अप्रैल 19:24 शुक्र को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक चैत्र है, जो चैत्र से पहले आता है।
शनि 7 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र (अधिक) है, और अमान्त गणना में चैत्र (अधिक)।
शनि 7 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951
विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 01:19 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 23° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 7 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:00 रवि
चंद्रमा यहाँ 02:00 रवि पर उदय होता है।
शनि 7 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:14
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:14 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:00 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:14 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:00 रवि पर उदय होगा।