Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शनि 17 मार्च 2029
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
शुक्ल पक्ष · 08:44 रवि तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें तृतीया यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें17 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 17 मार्च
- 04:41–05:28ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:16 से
- 07:53–09:18शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
10:49–11:49अमृत कालराहु काल छोड़कर · रेवती में
- 11:56–12:45अभिजीत मुहूर्त
- 13:52–15:23लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:23–16:54अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:25 के बाद
- 18:25–19:54लाभ चौघड़िया
- 21:23–22:52शुभ चौघड़िया
- 22:52–00:20 रविअमृत चौघड़िया
- 04:47–06:16 रविलाभ चौघड़िया
- 04:41–05:28 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:16–07:47कालअशुभ
- 07:47–09:18शुभ
- 09:18–10:49रोगअशुभ
- 10:49–12:20उद्वेगअशुभ
- 12:20–13:52चरसामान्य
- 13:52–15:23लाभयमगण्ड में
- 15:23–16:54अमृतशुभ
- 16:54–18:25कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:25–19:54लाभशुभ
- 19:54–21:23उद्वेगअशुभ
- 21:23–22:52शुभ
- 22:52–00:20 रविअमृतशुभ
- 00:20–01:49 रविचरसामान्य
- 01:49–03:18 रविरोगअशुभ
- 03:18–04:47 रविकालअशुभ
- 04:47–06:16 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 17 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:28, शुभ
- काल, अशुभ, 06:16–07:47
- शुभ, 07:47–09:18
- रोग, अशुभ, 09:18–10:49
- उद्वेग, अशुभ, 10:49–12:20
- चर, सामान्य, 12:20–13:52
- लाभ, शुभ, 13:52–15:23
- अमृत, शुभ, 15:23–16:54
- काल, अशुभ, 16:54–18:25
- लाभ, शुभ, 18:25–19:54
- उद्वेग, अशुभ, 19:54–21:23
- शुभ, 21:23–22:52
- अमृत, शुभ, 22:52–00:20 रवि
- चर, सामान्य, 00:20–01:49 रवि
- रोग, अशुभ, 01:49–03:18 रवि
- काल, अशुभ, 03:18–04:47 रवि
- लाभ, शुभ, 04:47–06:16 रवि
- गुलिक काल, 06:16–07:47, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:16–07:04, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:04–07:53, अशुभ
- राहु काल, 09:18–10:49, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:56–12:45, शुभ
- यमगण्ड, 13:52–15:23, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:28 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 17 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 24° आगे था: शुक्ल तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 24°–36° तीसरी है, शुक्ल तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:16। द्वितीया उससे पहले 06:13 पर समाप्त हुई। तृतीया 08:44 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 36° होगी। बढ़त 15 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
तृतीया दो सूर्योदयों पर क्यों है?
तृतीया यहाँ शनि 17 और रवि 18 मार्च दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। तृतीया 06:13 को, सूर्योदय 06:16 से पहले, शुरू हुई और 08:44 रवि को, अगले सूर्योदय 06:16 रवि के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन तृतीया है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में द्वितीया क्यों है?
नई दिल्ली में द्वितीया है, Ipameri में तृतीया।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:28, द्वितीया की समाप्ति 14:43 से पहले हुआ: यह दिन द्वितीया है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:16, द्वितीया की समाप्ति 06:13 के बाद हुआ: यह दिन तृतीया है।
शनि 17 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:41–05:28
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:41–05:28।
शुक्र 16 मार्च की रात सूर्यास्त 18:26 शुक्र से सूर्योदय 06:16 तक थी, 11 घं 50 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 17 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:56–12:45
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:56–12:45।
शनि 17 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 06:16–07:04
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:16–07:04 और 07:04–07:53।
शनि 17 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 07:04–07:53
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:16–07:04 और 07:04–07:53।
यहाँ दिन, 06:16 से 18:25, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:16–07:04 और 07:04–07:53।
शनि 17 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:16–07:47 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:16 से 18:25, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:25 से 06:16 रवि, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 17 मार्च को राहुकाल कब है? 09:18–10:49
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:18–10:49।
शनि 17 मार्च को यमगंड कब है? 13:52–15:23
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:52–15:23।
शनि 17 मार्च को गुलिक काल कब है? 06:16–07:47
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:16–07:47।
यहाँ दिन 06:16 से 18:25 तक है, 12 घं 9 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 17 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:16
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:16, सूर्यास्त 18:25, 12 घं 9 मि का दिन।
शनि 17 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:25
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:16, सूर्यास्त 18:25, 12 घं 9 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 17 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? रेवती
सूर्योदय पर चंद्रमा 356.8° पर था: रेवती, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 356°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 12:43 को निकलेगा, अश्विनी में।
शनि 17 मार्च को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 689.6° थे, एक चक्कर और 329.6°: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 332.8° + 356.8° = 689.6°, एक पूरा चक्कर और 329.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 13:13 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
शनि 17 मार्च को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 24° थी: तृतीया का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 19:29 तक है, जब बढ़त 30° होगी; गर 08:44 रवि तक।
शनि 17 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:16, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:16 से 06:16 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 17 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र (अधिक)
15 मार्च और 13 अप्रैल की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक चैत्र।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 मार्च 01:19 गुरु से 13 अप्रैल 18:40 शुक्र तक सूर्य मीन में रहा; मेष में वह अमावस्या के बाद 13 अप्रैल 19:24 शुक्र को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक चैत्र है, जो चैत्र से पहले आता है।
शनि 17 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र (अधिक) है।
शनि 17 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951
विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 01:19 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 2.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 17 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:02
चंद्रमा यहाँ 08:02 पर उदय होता है।
शनि 17 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:45
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:02 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 19:45 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:02 पर उदय हुआ; वह फिर 19:45 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।