tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 27 फ़रवरी 2029

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

चतुर्दशी

शुक्ल पक्ष · 17:35 तक

फिर पूर्णिमा · 14:10 बुध तक

त्योहार

होलिका दहन

होलिका दहन मुहूर्त
00:16⁠–⁠01:18 बुध
भद्रा पुच्छ 00:16⁠–⁠01:18 बुध

होलिका दहन मंगल 27 फ़रवरी को है, भद्रा पुच्छ में, 00:16 बुध⁠–⁠01:18 बुध। मंगल 27 फ़रवरी क्यों?

होलिका दहन: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:39 06:11 18:39अगला सूर्योदय 06:11 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:11–07:44रोगअशुभ
  • 07:44–09:18उद्वेगअशुभ
  • 09:18–10:51चरसामान्य
  • 10:51–12:25लाभशुभ
  • 12:25–13:58अमृतगुलिक काल में
  • 13:58–15:32कालअशुभ
  • 15:32–17:05शुभराहु काल में
  • 17:05–18:39रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:39–20:05कालअशुभ
  • 20:05–21:32लाभशुभ
  • 21:32–22:58उद्वेगअशुभ
  • 22:58–00:25 बुधशुभ
  • 00:25–01:52 बुधअमृतशुभ
  • 01:52–03:18 बुधचरसामान्य
  • 03:18–04:45 बुधरोगअशुभ
  • 04:45–06:11 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 27 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:39–05:25, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:11–07:44
  • उद्वेग, अशुभ, 07:44–09:18
  • चर, सामान्य, 09:18–10:51
  • लाभ, शुभ, 10:51–12:25
  • अमृत, शुभ, 12:25–13:58
  • काल, अशुभ, 13:58–15:32
  • शुभ, 15:32–17:05
  • रोग, अशुभ, 17:05–18:39
  • काल, अशुभ, 18:39–20:05
  • लाभ, शुभ, 20:05–21:32
  • उद्वेग, अशुभ, 21:32–22:58
  • शुभ, 22:58–00:25 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:25–01:52 बुध
  • चर, सामान्य, 01:52–03:18 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:18–04:45 बुध
  • काल, अशुभ, 04:45–06:11 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:40–09:30, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:18–10:51, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:00–12:50, शुभ
  • गुलिक काल, 12:25–13:58, अशुभ
  • राहु काल, 15:32–17:05, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:16–00:02 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:39–05:25 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में होलिका दहन मंगल 27 फ़रवरी को क्यों है?

होलिका दहन मंगल 27 फ़रवरी को है, भद्रा पुच्छ में, 00:16 बुध–01:18 बुध।

पूर्णिमा 17:35 19:00 20:00 21:00 22:00 मंगल 27 फ़रवरी स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 18:39–20:57 चतुर्दशी 17:35 तक
पूर्णिमा 17:35 19:00 21:00 मंगल 27 फ़रवरी स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 18:39–20:57 चतुर्दशी 17:35 तक
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

होलिका दहन प्रदोष काल में, भद्रा के बाहर, होता है: सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। पूर्णिमा मंगल 27 फ़रवरी को 17:35 से बुध 28 फ़रवरी को 14:10 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रदोष काल (18:39–20:57) उसके भीतर है। भद्रा 03:55 बुध तक, निशीथ काल के बाद तक, है, इसलिए धर्मसिंधु उसकी पूँछ, भद्रा पुच्छ, में विधि की अनुमति देता है। Tithika पुच्छ को 00:16 बुध–01:18 बुध पर रखता है, उसकी घटियों के अनुपात में: Tithika की परिपाटी।

होलिका दहन मुहूर्त: भद्रा पुच्छ, 00:16 बुध–01:18 बुध।

होलिका दहन: Ipameri में हर तारीख़

मंगल 27 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 161.5° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 161.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 161.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:11। त्रयोदशी उससे पहले 20:35 सोम पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 17:35 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 13 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

मंगल 27 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:39–05:25

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:39–05:25।

सूर्यास्त 18:39 सोम सूर्योदय 06:11 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 26 फ़रवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:39 सोम सूर्योदय 06:11 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 26 फ़रवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 26 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 18:39 सोम से सूर्योदय 06:11 तक थी, 11 घं 32 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 27 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:00–12:50

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:00–12:50।

मंगल 27 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 08:40–09:30

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:40–09:30, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:16–00:02 बुध।

मंगल 27 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 23:16–00:02 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:40–09:30, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:16–00:02 बुध।

सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:39 सूर्योदय 06:11 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:39 सूर्योदय 06:11 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:11 से 18:39, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:40–09:30 और 23:16–00:02 बुध।

मंगल 27 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:11–07:44 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:39 सूर्योदय 06:11 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:39 सूर्योदय 06:11 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:11 से 18:39, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:39 से 06:11 बुध, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 27 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 15:32–17:05

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:32–17:05।

मंगल 27 फ़रवरी को यमगंड कब है? 09:18–10:51

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:18–10:51।

मंगल 27 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 12:25–13:58

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:25–13:58।

सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:39 सूर्योदय 06:11 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:39 सूर्योदय 06:11 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:11 से 18:39 तक है, 12 घं 28 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 27 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:11

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:11, सूर्यास्त 18:39, 12 घं 28 मि का दिन।

मंगल 27 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:39

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:11, सूर्यास्त 18:39, 12 घं 28 मि का दिन।

सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:39 सूर्योदय 06:11 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:52 बुध चंद्रोदय 17:47
सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:39 सूर्योदय 06:11 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:52 बुध चंद्रोदय 17:47
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 32 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 32 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 27 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? अश्लेशा

सूर्योदय पर चंद्रमा 116.2° पर था: अश्लेशा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 116.2° अगला: मघा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 116.2° अगला: मघा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्लेशा 106°40′–120°00′ तक है; चंद्रमा 113°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 12:17 को निकलेगा, मघा में।

मंगल 27 फ़रवरी को कौन सा योग है? अतिगण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 431° थे, एक चक्कर और 71°: अतिगण्ड।

सूर्य 314.8° + चंद्रमा 116.2° = 431.0° एक चक्कर + 71.0° अतिगण्ड 66°40′–80°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 314.8° + चंद्रमा 116.2° = 431.0° एक चक्कर + 71.0° अतिगण्ड 66°40′–80°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 314.8° + 116.2° = 431°, एक पूरा चक्कर और 71°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 19:47 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।

मंगल 27 फ़रवरी को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 161.5° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 161.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° गर 156°–162° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 161.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° गर 156°–162° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 07:08 तक है, जब बढ़त 162° होगी; वणिज 17:35 तक।

मंगल 27 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:11, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:39 सूर्योदय 06:11 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:39 सूर्योदय 06:11 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:11 से 06:11 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 27 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन

यह मास 13 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 15 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।

मंगल 27 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष फाल्गुन का है।

अमान्त फाल्गुन पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल मंगल 27 फ़रवरी पूर्णिमा 30 जन॰ अमावस्या 13 फ़र॰ पूर्णिमा 28 फ़र॰ अमावस्या 15 मार्च
अमान्त फाल्गुन पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल मंगल 27 फ़रवरी पूर्णिमा 30 जन॰ अमावस्या 13 फ़र॰ पूर्णिमा 28 फ़र॰ अमावस्या 15 मार्च
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में फाल्गुन है।

मंगल 27 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2085 · शक 1950

विक्रम संवत 2085 26 मार्च 2028 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 2028 01:31 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 27 फ़रवरी सूर्य 314.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 2028 01:31 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 27 फ़रवरी सूर्य 314.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2028, 01:31 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 333° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2085 गिनता है; शक संवत 1950।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 27 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:47

चंद्रमा यहाँ 17:47 पर उदय होता है।

मंगल 27 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:52 बुध

सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:39 सूर्योदय 06:11 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:52 बुध चंद्रोदय 17:47
सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 18:39 सूर्योदय 06:11 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:52 बुध चंद्रोदय 17:47
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:47 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:52 बुध पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:47 पर उदय हुआ; वह फिर 05:52 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।