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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग रवि 13 फ़रवरी 2028

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

चतुर्थी

कृष्ण पक्ष · 22:12 तक

फिर पञ्चमी · 19:49 सोम तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
21:04

संकष्टी चतुर्थी रवि 13 फ़रवरी को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। रवि 13 फ़रवरी क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:35 06:05 18:47अगला सूर्योदय 06:06 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:05–07:41उद्वेगअशुभ
  • 07:41–09:16चरसामान्य
  • 09:16–10:51लाभशुभ
  • 10:51–12:26अमृतशुभ
  • 12:26–14:02कालअशुभ
  • 14:02–15:37शुभ
  • 15:37–17:12रोगअशुभ
  • 17:12–18:47उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:47–20:12शुभ
  • 20:12–21:37अमृतशुभ
  • 21:37–23:02चरसामान्य
  • 23:02–00:27 सोमरोगअशुभ
  • 00:27–01:51 सोमकालअशुभ
  • 01:51–03:16 सोमलाभशुभ
  • 03:16–04:41 सोमउद्वेगअशुभ
  • 04:41–06:06 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 13 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:35–05:20, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 06:05–07:41
  • चर, सामान्य, 07:41–09:16
  • लाभ, शुभ, 09:16–10:51
  • अमृत, शुभ, 10:51–12:26
  • काल, अशुभ, 12:26–14:02
  • शुभ, 14:02–15:37
  • रोग, अशुभ, 15:37–17:12
  • उद्वेग, अशुभ, 17:12–18:47
  • शुभ, 18:47–20:12
  • अमृत, शुभ, 20:12–21:37
  • चर, सामान्य, 21:37–23:02
  • रोग, अशुभ, 23:02–00:27 सोम
  • काल, अशुभ, 00:27–01:51 सोम
  • लाभ, शुभ, 01:51–03:16 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 03:16–04:41 सोम
  • शुभ, 04:41–06:06 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:01–12:52, शुभ
  • यमगण्ड, 12:26–14:02, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:37–17:12, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 17:06–17:57, अशुभ
  • राहु काल, 17:12–18:47, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:35–05:21 सोम

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में संकष्टी चतुर्थी रवि 13 फ़रवरी को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी रवि 13 फ़रवरी को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

तृतीया 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 शनि 12 फ़रवरी चंद्रोदय 20:21
तृतीया 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 शनि 12 फ़रवरी चंद्रोदय 20:21
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। गहरी पट्टी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी रवि 13 फ़रवरी को 01:10 से रवि 13 फ़रवरी को 22:12 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल रवि 13 फ़रवरी को है, 21:04 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: Ipameri में हर तारीख़

रवि 13 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 218.8° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।

सूर्य अमावस्या 0° 218.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 218.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:05। तृतीया उससे पहले 01:10 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 22:12 को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 10 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?

नई दिल्ली में तृतीया है, Ipameri में चतुर्थी।

तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी रवि 13 फ़रवरी सुबह सोम 14 फ़रवरी सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 09:40 01:10 06:42 22:12 07:01 तृतीया 07:00 पञ्चमी 06:05 चतुर्थी 06:06 पञ्चमी
तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी रवि 13 फ़रवरी सुबह सोम 14 फ़रवरी सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 09:40 01:10 06:42 22:12 07:01 तृतीया 07:00 पञ्चमी 06:05 चतुर्थी 06:06 पञ्चमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 07:01, तृतीया की समाप्ति 09:40 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है। चतुर्थी अगले सूर्योदय से पहले, 06:42 सोम को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन चतुर्थी नहीं होता: वह क्षय है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:05, तृतीया की समाप्ति 01:10 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।

रवि 13 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:35–05:20

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:35–05:20।

सूर्यास्त 18:48 शनि सूर्योदय 06:05 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 12 फ़रवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:48 शनि सूर्योदय 06:05 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 12 फ़रवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 12 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 18:48 शनि से सूर्योदय 06:05 तक थी, 11 घं 17 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 13 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:01–12:52

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:01–12:52।

रवि 13 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 17:06–17:57

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 17:06–17:57।

सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 06:05 से 18:47, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 17:06–17:57।

रवि 13 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:05–07:41 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:05 से 18:47, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:47 से 06:06 सोम, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 13 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 17:12–18:47

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 17:12–18:47।

रवि 13 फ़रवरी को यमगंड कब है? 12:26–14:02

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:26–14:02।

रवि 13 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 15:37–17:12

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:37–17:12।

सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 06:05 से 18:47 तक है, 12 घं 42 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 13 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:05

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:05, सूर्यास्त 18:47, 12 घं 42 मि का दिन।

रवि 13 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:47

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:05, सूर्यास्त 18:47, 12 घं 42 मि का दिन।

सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:57 चंद्रोदय 21:04
सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:57 चंद्रोदय 21:04
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 13 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 158.8° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराफाल्गुनी चंद्रमा 158.8° अगला: हस्त पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराफाल्गुनी चंद्रमा 158.8° अगला: हस्त पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 156°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:06 को निकलेगा, हस्त में।

रवि 13 फ़रवरी को कौन सा योग है? धृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 458.7° थे, एक चक्कर और 98.7°: धृति।

सूर्य 299.9° + चंद्रमा 158.8° = 458.7° एक चक्कर + 98.7° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 299.9° + चंद्रमा 158.8° = 458.7° एक चक्कर + 98.7° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 299.9° + 158.8° = 458.7°, एक पूरा चक्कर और 98.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 18:17 को समाप्त होता है, फिर शूल।

रवि 13 फ़रवरी को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 218.8° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 218.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° बव 216°–222° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 218.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° बव 216°–222° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 11:37 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 22:12 तक।

रवि 13 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:05, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:05 से 06:06 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 13 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ

यह मास 26 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 25 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।

रवि 13 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।

अमान्त फाल्गुन पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल रवि 13 फ़रवरी अमावस्या 26 जन॰ पूर्णिमा 10 फ़र॰ अमावस्या 25 फ़र॰ पूर्णिमा 10 मार्च
अमान्त फाल्गुन पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल रवि 13 फ़रवरी अमावस्या 26 जन॰ पूर्णिमा 10 फ़र॰ अमावस्या 25 फ़र॰ पूर्णिमा 10 मार्च
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 फ़रवरी की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।

रवि 13 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2084 · शक 1949

विक्रम संवत 2084 6 अप्रैल 2027 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 6 अप्रैल 2027 20:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 13 फ़रवरी सूर्य 299.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 6 अप्रैल 2027 20:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 13 फ़रवरी सूर्य 299.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 6 अप्रैल 2027, 20:51 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 307.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2084 गिनता है; शक संवत 1949।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 13 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:04

चंद्रमा यहाँ 21:04 पर उदय होता है।

रवि 13 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:57

सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:57 चंद्रोदय 21:04
सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:47 सूर्योदय 06:06 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:57 चंद्रोदय 21:04
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:57 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:04 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:57 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:04 पर उदय होगा।