Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 2 दिसंबर 2025
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत मंगल 2 दिसंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। मंगल 2 दिसंबर क्यों?
प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़व्रत का पारण
मोक्षदा एकादशी
2 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 2 दिसंबर
- 04:01–04:45ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:28 से
-
05:53–07:20अमृत कालअश्विनी में
- 10:24–12:02लाभ चौघड़िया
- 11:36–12:02अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:02–13:40अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:19–16:57शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:36 के बाद
- 19:57–21:19लाभ चौघड़िया
- 22:40–22:57शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:40–00:02 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:02–01:24 बुधअमृत चौघड़िया
-
05:16–06:40 बुधअमृत कालभरणी में
- 04:01–04:45 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:28–07:07रोगअशुभ
- 07:07–08:45उद्वेगअशुभ
- 08:45–10:24चरसामान्य
- 10:24–12:02लाभशुभ
- 12:02–13:40अमृतगुलिक काल में
- 13:40–15:19कालअशुभ
- 15:19–16:57शुभराहु काल में
- 16:57–18:36रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:36–19:57कालअशुभ
- 19:57–21:19लाभशुभ
- 21:19–22:40उद्वेगअशुभ
- 22:40–00:02 बुधशुभ
- 00:02–01:24 बुधअमृतशुभ
- 01:24–02:45 बुधचरसामान्य
- 02:45–04:07 बुधरोगअशुभ
- 04:07–05:28 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 2 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:01–04:45, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:28–07:07
- उद्वेग, अशुभ, 07:07–08:45
- चर, सामान्य, 08:45–10:24
- लाभ, शुभ, 10:24–12:02
- अमृत, शुभ, 12:02–13:40
- काल, अशुभ, 13:40–15:19
- शुभ, 15:19–16:57
- रोग, अशुभ, 16:57–18:36
- काल, अशुभ, 18:36–19:57
- लाभ, शुभ, 19:57–21:19
- उद्वेग, अशुभ, 21:19–22:40
- शुभ, 22:40–00:02 बुध
- अमृत, शुभ, 00:02–01:24 बुध
- चर, सामान्य, 01:24–02:45 बुध
- रोग, अशुभ, 02:45–04:07 बुध
- काल, अशुभ, 04:07–05:28 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:06–08:58, अशुभ
- यमगण्ड, 08:45–10:24, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:36–12:28, शुभ
- गुलिक काल, 12:02–13:40, अशुभ
- राहु काल, 15:19–16:57, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:57–23:40, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:01–04:45 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में प्रदोष व्रत मंगल 2 दिसंबर को क्यों है?
प्रदोष व्रत मंगल 2 दिसंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी मंगल 2 दिसंबर को 07:27 से बुध 3 दिसंबर को 03:56 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रदोष काल (18:36–20:46) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 2 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 142.9° आगे था: शुक्ल द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:28। एकादशी उससे पहले 10:31 सोम पर समाप्त हुई। द्वादशी 07:27 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 20 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
त्रयोदशी क्षय क्यों है?
त्रयोदशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। त्रयोदशी 07:27 को शुरू हुई और 03:56 बुध को समाप्त, 05:28 और 05:28 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को द्वादशी है और बुधवार को चतुर्दशी: त्रयोदशी यहाँ क्षय तिथि है।
मंगल 2 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:01–04:45
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:01–04:45।
सोम 1 दिसंबर की रात सूर्यास्त 18:35 सोम से सूर्योदय 05:28 तक थी, 10 घं 53 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 2 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:36–12:28
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:36–12:28।
मंगल 2 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:06–08:58
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:06–08:58, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:57–23:40।
मंगल 2 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:57–23:40
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:06–08:58, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:57–23:40।
यहाँ दिन, 05:28 से 18:36, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:06–08:58 और 22:57–23:40।
मंगल 2 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:28–07:07 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:28 से 18:36, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:36 से 05:28 बुध, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 2 दिसंबर को राहुकाल कब है? 15:19–16:57
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:19–16:57।
मंगल 2 दिसंबर को यमगंड कब है? 08:45–10:24
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:45–10:24।
मंगल 2 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 12:02–13:40
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:02–13:40।
यहाँ दिन 05:28 से 18:36 तक है, 13 घं 8 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 2 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:28
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:36, 13 घं 8 मि का दिन।
मंगल 2 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:36
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:36, 13 घं 8 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 2 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 9° पर था: अश्विनी, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 6°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 12:21 को निकलेगा, भरणी में।
मंगल 2 दिसंबर को कौन सा योग है? वरीयान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 235.2° थे: वरीयान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 226.2° + 9° = 235.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 12:38 को समाप्त होता है, फिर परिघ।
मंगल 2 दिसंबर को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 142.9° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 21:03 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 138° हुई; बालव 07:27 तक है।
मंगल 2 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:28, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:28 से 05:28 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 2 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 20 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 19 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
मंगल 2 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 20 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।
मंगल 2 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947
विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 07:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 241.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 2 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:15
चंद्रमा यहाँ 16:15 पर उदय होता है।
मंगल 2 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:47 बुध
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:15 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:47 बुध पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:15 पर उदय हुआ; वह फिर 03:47 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।