tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 29 अप्रैल 2025

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

द्वितीया

शुक्ल पक्ष · 09:01 तक

फिर तृतीया · 05:42 बुध तक

यहाँ कोई दिन तृतीया नहीं कारण जानें

त्योहार

अक्षय तृतीया

अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त
06:25⁠–⁠12:09
पूर्वाह्न 06:25⁠–⁠12:09

अक्षय तृतीया मंगल 29 अप्रैल को है: उस सुबह तृतीया पूर्वाह्न को छूती है, और किसी सुबह नहीं। मंगल 29 अप्रैल क्यों?

अक्षय तृतीया: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:45 06:25 17:54अगला सूर्योदय 06:25 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:25–07:51रोगअशुभ
  • 07:51–09:17उद्वेगअशुभ
  • 09:17–10:43चरसामान्य
  • 10:43–12:09लाभशुभ
  • 12:09–13:36अमृतगुलिक काल में
  • 13:36–15:02कालअशुभ
  • 15:02–16:28शुभराहु काल में
  • 16:28–17:54रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:54–19:28कालअशुभ
  • 19:28–21:02लाभशुभ
  • 21:02–22:36उद्वेगअशुभ
  • 22:36–00:10 बुधशुभ
  • 00:10–01:44 बुधअमृतशुभ
  • 01:44–03:17 बुधचरसामान्य
  • 03:17–04:51 बुधरोगअशुभ
  • 04:51–06:25 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 29 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:45–05:35, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:25–07:51
  • उद्वेग, अशुभ, 07:51–09:17
  • चर, सामान्य, 09:17–10:43
  • लाभ, शुभ, 10:43–12:09
  • अमृत, शुभ, 12:09–13:36
  • काल, अशुभ, 13:36–15:02
  • शुभ, 15:02–16:28
  • रोग, अशुभ, 16:28–17:54
  • काल, अशुभ, 17:54–19:28
  • लाभ, शुभ, 19:28–21:02
  • उद्वेग, अशुभ, 21:02–22:36
  • शुभ, 22:36–00:10 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:10–01:44 बुध
  • चर, सामान्य, 01:44–03:17 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:17–04:51 बुध
  • काल, अशुभ, 04:51–06:25 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:43–09:29, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:17–10:43, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:47–12:32, शुभ
  • गुलिक काल, 12:09–13:36, अशुभ
  • राहु काल, 15:02–16:28, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 22:54–23:45, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:45–05:35 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में अक्षय तृतीया मंगल 29 अप्रैल को क्यों है?

अक्षय तृतीया मंगल 29 अप्रैल को है: उस सुबह तृतीया पूर्वाह्न को छूती है, और किसी सुबह नहीं।

द्वितीया तृतीया 06:25 09:01 05:00 07:00 11:00 13:00 मंगल 29 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव पूर्वाह्न 06:25–12:09
द्वितीया तृतीया 06:25 09:01 05:00 11:00 14:00 मंगल 29 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव पूर्वाह्न 06:25–12:09
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: पूर्वाह्न। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

अक्षय तृतीया की पूजा पूर्वाह्न में होती है, दिन का पहला आधा भाग। तृतीया मंगल 29 अप्रैल को 09:01 से बुध 30 अप्रैल को 05:42 तक है, इसलिए वह केवल मंगलवार के पूर्वाह्न (06:25–12:09) को छूती है।

अक्षय तृतीया: Ipameri में हर तारीख़

मंगल 29 अप्रैल को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वितीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 22.5° आगे था: शुक्ल द्वितीया।

सूर्य अमावस्या 0° 22.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 22.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 12°–24° दूसरी है, शुक्ल द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:25। प्रतिपदा उससे पहले 12:41 सोम पर समाप्त हुई। द्वितीया 09:01 को समाप्त होगी, जब बढ़त 24° होगी। बढ़त 27 अप्रैल की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

तृतीया क्षय क्यों है?

तृतीया एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन तृतीया नहीं होता।

द्वितीया तृतीया तृतीया चतुर्थी मंगल 29 अप्रैल सुबह बुध 30 अप्रैल सुबह Ipameri UTC−3 09:01 05:42 06:25 द्वितीया 06:25 चतुर्थी तृतीया इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
द्वितीया तृतीया तृतीया चतुर्थी मंगल 29 अप्रैल सुबह बुध 30 अप्रैल सुबह Ipameri UTC−3 09:01 05:42 06:25 द्वितीया 06:25 चतुर्थी तृतीया इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। तृतीया 09:01 को शुरू हुई और 05:42 बुध को समाप्त, 06:25 और 06:25 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को द्वितीया है और बुधवार को चतुर्थी: तृतीया यहाँ क्षय तिथि है।

मंगल 29 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:45–05:35

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:45–05:35।

सूर्यास्त 17:54 सोम सूर्योदय 06:25 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 28 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:54 सोम सूर्योदय 06:25 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 28 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 28 अप्रैल की रात सूर्यास्त 17:54 सोम से सूर्योदय 06:25 तक थी, 12 घं 31 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 29 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:47–12:32

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:47–12:32।

मंगल 29 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 08:43–09:29

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:43–09:29, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:54–23:45।

मंगल 29 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 22:54–23:45

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:43–09:29, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:54–23:45।

सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:25 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:25 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:25 से 17:54, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:43–09:29 और 22:54–23:45।

मंगल 29 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:25–07:51 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:25 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:25 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:25 से 17:54, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:54 से 06:25 बुध, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 29 अप्रैल को राहुकाल कब है? 15:02–16:28

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:02–16:28।

मंगल 29 अप्रैल को यमगंड कब है? 09:17–10:43

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:17–10:43।

मंगल 29 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 12:09–13:36

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:09–13:36।

सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:25 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:25 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:25 से 17:54 तक है, 11 घं 29 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 29 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:25

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:25, सूर्यास्त 17:54, 11 घं 29 मि का दिन।

मंगल 29 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:54

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:25, सूर्यास्त 17:54, 11 घं 29 मि का दिन।

सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:25 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:32 चंद्रोदय 08:17
सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:25 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:32 चंद्रोदय 08:17
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 29 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका

सूर्योदय पर चंद्रमा 37.6° पर था: कृत्तिका, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 37.6° अगला: रोहिणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 37.6° अगला: रोहिणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 36°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 10:17 को निकलेगा, रोहिणी में।

मंगल 29 अप्रैल को कौन सा योग है? सौभाग्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 52.7° थे: सौभाग्य।

सूर्य 15.1° + चंद्रमा 37.6° = 52.7° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 15.1° + चंद्रमा 37.6° = 52.7° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 15.1° + 37.6° = 52.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 07:23 को समाप्त होता है, फिर शोभन।

मंगल 29 अप्रैल को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 22.5° थी: द्वितीया का दूसरा आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 22.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° कौलव 18°–24° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 22.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° कौलव 18°–24° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 22:49 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 18° हुई; कौलव 09:01 तक है।

मंगल 29 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:25, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:25 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:25 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:25 से 06:25 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 29 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख

यह मास 27 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 27 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।

मंगल 29 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।

अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख वैशाख कृष्ण शुक्ल मंगल 29 अप्रैल पूर्णिमा 12 अप्रैल अमावस्या 27 अप्रैल पूर्णिमा 12 मई अमावस्या 27 मई
अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख वैशाख कृष्ण शुक्ल मंगल 29 अप्रैल पूर्णिमा 12 अप्रैल अमावस्या 27 अप्रैल पूर्णिमा 12 मई अमावस्या 27 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 27 अप्रैल की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।

मंगल 29 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947

विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 07:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 29 अप्रैल सूर्य 15.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 07:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 29 अप्रैल सूर्य 15.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 07:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 30.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 29 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:17

चंद्रमा यहाँ 08:17 पर उदय होता है।

मंगल 29 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:32

सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:25 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:32 चंद्रोदय 08:17
सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 17:54 सूर्योदय 06:25 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:32 चंद्रोदय 08:17
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:17 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 19:32 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:17 पर उदय हुआ; वह फिर 19:32 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।