tithika
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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 18 दिसंबर 2024

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

चतुर्थी

कृष्ण पक्ष · 01:33 गुरु तक

फिर पञ्चमी · 02:19 शुक्र तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
21:57

संकष्टी चतुर्थी बुध 18 दिसंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। बुध 18 दिसंबर क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:07 05:33 18:45अगला सूर्योदय 05:34 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:33–07:12लाभशुभ
  • 07:12–08:51अमृतयमगण्ड में
  • 08:51–10:30कालअशुभ
  • 10:30–12:09शुभगुलिक काल में
  • 12:09–13:48रोगअशुभ
  • 13:48–15:27उद्वेगअशुभ
  • 15:27–17:06चरसामान्य
  • 17:06–18:45लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:45–20:06उद्वेगअशुभ
  • 20:06–21:27शुभ
  • 21:27–22:48अमृतशुभ
  • 22:48–00:09 गुरुचरसामान्य
  • 00:09–01:31 गुरुरोगअशुभ
  • 01:31–02:52 गुरुकालअशुभ
  • 02:52–04:13 गुरुलाभशुभ
  • 04:13–05:34 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 18 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:07–04:50, शुभ
  • लाभ, शुभ, 05:33–07:12
  • अमृत, शुभ, 07:12–08:51
  • काल, अशुभ, 08:51–10:30
  • शुभ, 10:30–12:09
  • रोग, अशुभ, 12:09–13:48
  • उद्वेग, अशुभ, 13:48–15:27
  • चर, सामान्य, 15:27–17:06
  • लाभ, शुभ, 17:06–18:45
  • उद्वेग, अशुभ, 18:45–20:06
  • शुभ, 20:06–21:27
  • अमृत, शुभ, 21:27–22:48
  • चर, सामान्य, 22:48–00:09 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:09–01:31 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:31–02:52 गुरु
  • लाभ, शुभ, 02:52–04:13 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:13–05:34 गुरु
  • यमगण्ड, 07:12–08:51, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:30–12:09, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:43–12:36, अशुभ
  • राहु काल, 12:09–13:48, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:07–04:51 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में संकष्टी चतुर्थी बुध 18 दिसंबर को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी बुध 18 दिसंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

तृतीया 20:00 21:00 22:00 23:00 मंगल 17 दिसंबर चंद्रोदय 21:12
तृतीया 20:00 21:00 22:00 23:00 मंगल 17 दिसंबर चंद्रोदय 21:12
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। गहरी पट्टी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी बुध 18 दिसंबर को 01:36 से गुरु 19 दिसंबर को 01:33 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल बुध 18 दिसंबर को है, 21:57 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: Ipameri में हर तारीख़

बुध 18 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 218° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।

सूर्य अमावस्या 0° 218.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 218.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:33। तृतीया उससे पहले 01:36 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 01:33 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 15 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?

नई दिल्ली में तृतीया है, Ipameri में चतुर्थी।

तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी बुध 18 दिसंबर सुबह गुरु 19 दिसंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 10:06 01:36 10:03 01:33 07:08 तृतीया 07:08 चतुर्थी 05:33 चतुर्थी 05:34 पञ्चमी
तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी बुध 18 दिसंबर सुबह गुरु 19 दिसंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 10:06 01:36 10:03 01:33 07:08 तृतीया 07:08 चतुर्थी 05:33 चतुर्थी 05:34 पञ्चमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 07:08, तृतीया की समाप्ति 10:06 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 05:33, तृतीया की समाप्ति 01:36 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।

बुध 18 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:07–04:50

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:07–04:50।

सूर्यास्त 18:44 मंगल सूर्योदय 05:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 17 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:44 मंगल सूर्योदय 05:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 17 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 17 दिसंबर की रात सूर्यास्त 18:44 मंगल से सूर्योदय 05:33 तक थी, 10 घं 49 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 18 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:43–12:36

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:43–12:36।

सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 05:34 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 05:34 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:33 से 18:45, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:43–12:36: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 18 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:33–07:12 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 05:34 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 05:34 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:33 से 18:45, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:45 से 05:34 गुरु, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 18 दिसंबर को राहुकाल कब है? 12:09–13:48

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:09–13:48।

बुध 18 दिसंबर को यमगंड कब है? 07:12–08:51

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:12–08:51।

बुध 18 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 10:30–12:09

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:30–12:09।

सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 05:34 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 05:34 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 05:33 से 18:45 तक है, 13 घं 12 मि। इसे 1 घं 39 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 18 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:33

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:33, सूर्यास्त 18:45, 13 घं 12 मि का दिन।

बुध 18 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:45

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:33, सूर्यास्त 18:45, 13 घं 12 मि का दिन।

सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 05:34 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:31 चंद्रोदय 21:57
सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 05:34 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:31 चंद्रोदय 21:57
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 18 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? पुष्य

सूर्योदय पर चंद्रमा 100.7° पर था: पुष्य, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° पुष्य चंद्रमा 100.7° अगला: अश्लेशा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुष्य चंद्रमा 100.7° अगला: अश्लेशा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुष्य 93°20′–106°40′ तक है; चंद्रमा 100° पर उसके पद 3 में आया। वह 16:28 को निकलेगा, अश्लेशा में।

बुध 18 दिसंबर को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 343.4° थे: इन्द्र।

सूर्य 242.7° + चंद्रमा 100.7° = 343.4° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 242.7° + चंद्रमा 100.7° = 343.4° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 242.7° + 100.7° = 343.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 11:03 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

बुध 18 दिसंबर को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 218° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 218.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° बव 216°–222° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 218.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° बव 216°–222° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 13:28 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 01:33 गुरु तक।

बुध 18 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:33, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 05:34 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 05:34 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:33 से 05:34 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 18 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 1 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 30 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

बुध 18 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।

अमान्त पौष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल बुध 18 दिसंबर अमावस्या 1 दिस॰ पूर्णिमा 15 दिस॰ अमावस्या 30 दिस॰ पूर्णिमा 13 जन॰
अमान्त पौष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल बुध 18 दिसंबर अमावस्या 1 दिस॰ पूर्णिमा 15 दिस॰ अमावस्या 30 दिस॰ पूर्णिमा 13 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।

बुध 18 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946

विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 15:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 18 दिसंबर सूर्य 242.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 15:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 18 दिसंबर सूर्य 242.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 15:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 247.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 18 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:57

चंद्रमा यहाँ 21:57 पर उदय होता है।

बुध 18 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:31

सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 05:34 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:31 चंद्रोदय 21:57
सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 05:34 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:31 चंद्रोदय 21:57
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:31 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:57 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:31 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:57 पर उदय होगा।