tithika
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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 11 दिसंबर 2024

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

एकादशी

शुक्ल पक्ष · 16:39 तक

फिर द्वादशी · 13:56 गुरु तक

त्योहार

गीता जयंती

गीता जयंती बुध 11 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। बुध 11 दिसंबर क्यों?

गीता जयंती: Ipameri में हर तारीख़

व्रत

मोक्षदा एकादशी

पारण समय
05:31⁠–⁠13:56 गुरु
गुरु 12 दिसंबर
व्रत आरंभ
05:31

मोक्षदा एकादशी बुध 11 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। बुध 11 दिसंबर क्यों?

मोक्षदा एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:04 05:31 18:41अगला सूर्योदय 05:31 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:31–07:09लाभशुभ
  • 07:09–08:48अमृतयमगण्ड में
  • 08:48–10:27कालअशुभ
  • 10:27–12:06शुभगुलिक काल में
  • 12:06–13:45रोगअशुभ
  • 13:45–15:23उद्वेगअशुभ
  • 15:23–17:02चरसामान्य
  • 17:02–18:41लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:41–20:02उद्वेगअशुभ
  • 20:02–21:24शुभ
  • 21:24–22:45अमृतशुभ
  • 22:45–00:06 गुरुचरसामान्य
  • 00:06–01:27 गुरुरोगअशुभ
  • 01:27–02:49 गुरुकालअशुभ
  • 02:49–04:10 गुरुलाभशुभ
  • 04:10–05:31 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 11 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:04–04:47, शुभ
  • लाभ, शुभ, 05:31–07:09
  • अमृत, शुभ, 07:09–08:48
  • काल, अशुभ, 08:48–10:27
  • शुभ, 10:27–12:06
  • रोग, अशुभ, 12:06–13:45
  • उद्वेग, अशुभ, 13:45–15:23
  • चर, सामान्य, 15:23–17:02
  • लाभ, शुभ, 17:02–18:41
  • उद्वेग, अशुभ, 18:41–20:02
  • शुभ, 20:02–21:24
  • अमृत, शुभ, 21:24–22:45
  • चर, सामान्य, 22:45–00:06 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:06–01:27 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:27–02:49 गुरु
  • लाभ, शुभ, 02:49–04:10 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:10–05:31 गुरु
  • यमगण्ड, 07:09–08:48, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:27–12:06, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:40–12:32, अशुभ
  • राहु काल, 12:06–13:45, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:04–04:48 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में गीता जयंती बुध 11 दिसंबर को क्यों है?

गीता जयंती बुध 11 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है।

एकादशी 04:00 05:00 06:00 07:00 बुध 11 दिसंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:31
एकादशी 04:00 05:00 06:00 07:00 बुध 11 दिसंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:31
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

गीता जयंती सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। एकादशी मंगल 10 दिसंबर को 19:13 से बुध 11 दिसंबर को 16:39 तक है, इसलिए वह केवल बुध 11 दिसंबर के सूर्योदय (05:31) पर है। गीता जयंती का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

गीता जयंती: Ipameri में हर तारीख़

Ipameri में मोक्षदा एकादशी बुध 11 दिसंबर को क्यों है?

मोक्षदा एकादशी बुध 11 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

एकादशी 05:31 02:00 03:00 04:00 05:00 06:00 07:00 बुध 11 दिसंबर स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 03:55–05:31
एकादशी 05:31 02:00 04:00 06:00 बुध 11 दिसंबर स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 03:55–05:31
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल बुध 11 दिसंबर को सूर्योदय पर है, 05:31: बुध 11 दिसंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 19:13 मंगल पर, उससे (03:55–05:31) पहले, समाप्त हुई।

मोक्षदा एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

बुध 11 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 125.7° आगे था: शुक्ल एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 125.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 125.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:31। दशमी उससे पहले 19:13 मंगल पर समाप्त हुई। एकादशी 16:39 को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 1 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

बुध 11 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:04–04:47

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:04–04:47।

सूर्यास्त 18:40 मंगल सूर्योदय 05:31 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 10 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:40 मंगल सूर्योदय 05:31 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 10 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 10 दिसंबर की रात सूर्यास्त 18:40 मंगल से सूर्योदय 05:31 तक थी, 10 घं 51 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 11 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:40–12:32

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:40–12:32।

सूर्योदय 05:31 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 05:31 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 05:31 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 05:31 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:31 से 18:41, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:40–12:32: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 11 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:31–07:09 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:31 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 05:31 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 05:31 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 05:31 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:31 से 18:41, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:41 से 05:31 गुरु, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 11 दिसंबर को राहुकाल कब है? 12:06–13:45

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:06–13:45।

बुध 11 दिसंबर को यमगंड कब है? 07:09–08:48

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:09–08:48।

बुध 11 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 10:27–12:06

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:27–12:06।

सूर्योदय 05:31 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 05:31 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:31 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 05:31 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 05:31 से 18:41 तक है, 13 घं 10 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 11 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:31

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:31, सूर्यास्त 18:41, 13 घं 10 मि का दिन।

बुध 11 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:41

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:31, सूर्यास्त 18:41, 13 घं 10 मि का दिन।

सूर्योदय 05:31 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 05:31 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:44 गुरु चंद्रोदय 15:01
सूर्योदय 05:31 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 05:31 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:44 गुरु चंद्रोदय 15:01
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 11 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 1.3° पर था: अश्विनी, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 1.3° अगला: भरणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 1.3° अगला: भरणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 0° पर उसके पद 1 में आया। वह 01:22 गुरु को निकलेगा, भरणी में।

बुध 11 दिसंबर को कौन सा योग है? वरीयान्

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 236.9° थे: वरीयान्।

सूर्य 235.6° + चंद्रमा 1.3° = 236.9° वरीयान् 226°40′–240°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 235.6° + चंद्रमा 1.3° = 236.9° वरीयान् 226°40′–240°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 235.6° + 1.3° = 236.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 10:17 को समाप्त होता है, फिर परिघ।

बुध 11 दिसंबर को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 125.7° थी: एकादशी का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 125.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° वणिज 120°–126° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 125.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° वणिज 120°–126° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 05:58 तक है, जब बढ़त 126° होगी; विष्टि 16:39 तक।

बुध 11 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:31, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 05:31 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 05:31 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 05:31 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 05:31 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:31 से 05:31 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 11 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 1 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 30 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

बुध 11 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल बुध 11 दिसंबर पूर्णिमा 15 नव॰ अमावस्या 1 दिस॰ पूर्णिमा 15 दिस॰ अमावस्या 30 दिस॰
अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल बुध 11 दिसंबर पूर्णिमा 15 नव॰ अमावस्या 1 दिस॰ पूर्णिमा 15 दिस॰ अमावस्या 30 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।

बुध 11 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946

विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 15:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 11 दिसंबर सूर्य 235.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 15:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 11 दिसंबर सूर्य 235.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 15:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 240.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 11 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:01

चंद्रमा यहाँ 15:01 पर उदय होता है।

बुध 11 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:44 गुरु

सूर्योदय 05:31 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 05:31 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:44 गुरु चंद्रोदय 15:01
सूर्योदय 05:31 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 05:31 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:44 गुरु चंद्रोदय 15:01
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:01 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:44 गुरु पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:01 पर उदय हुआ; वह फिर 02:44 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।