Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 16 जुलाई 2024
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
16 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 16 जुलाई
- 05:01–05:52ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:43 से
-
08:17–08:57अमृत कालयमगण्ड, दुर्मुहूर्त छोड़कर · विशाखा में
- 10:55–12:19लाभ चौघड़िया
- 11:56–12:19अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:19–13:42अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:06–16:30शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:54 के बाद
- 19:30–21:06लाभ चौघड़िया
- 22:42–23:02शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:53–00:18 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:18–01:55 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:00–05:52 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:43–08:07रोगअशुभ
- 08:07–09:31उद्वेगअशुभ
- 09:31–10:55चरसामान्य
- 10:55–12:19लाभशुभ
- 12:19–13:42अमृतगुलिक काल में
- 13:42–15:06कालअशुभ
- 15:06–16:30शुभराहु काल में
- 16:30–17:54रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:54–19:30कालअशुभ
- 19:30–21:06लाभशुभ
- 21:06–22:42उद्वेगअशुभ
- 22:42–00:18 बुधशुभ
- 00:18–01:55 बुधअमृतशुभ
- 01:55–03:31 बुधचरसामान्य
- 03:31–05:07 बुधरोगअशुभ
- 05:07–06:43 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 16 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:01–05:52, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:43–08:07
- उद्वेग, अशुभ, 08:07–09:31
- चर, सामान्य, 09:31–10:55
- लाभ, शुभ, 10:55–12:19
- अमृत, शुभ, 12:19–13:42
- काल, अशुभ, 13:42–15:06
- शुभ, 15:06–16:30
- रोग, अशुभ, 16:30–17:54
- काल, अशुभ, 17:54–19:30
- लाभ, शुभ, 19:30–21:06
- उद्वेग, अशुभ, 21:06–22:42
- शुभ, 22:42–00:18 बुध
- अमृत, शुभ, 00:18–01:55 बुध
- चर, सामान्य, 01:55–03:31 बुध
- रोग, अशुभ, 03:31–05:07 बुध
- काल, अशुभ, 05:07–06:43 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:57–09:42, अशुभ
- यमगण्ड, 09:31–10:55, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:56–12:41, शुभ
- गुलिक काल, 12:19–13:42, अशुभ
- राहु काल, 15:06–16:30, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:02–23:53, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:00–05:52 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 16 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 117.4° आगे था: शुक्ल दशमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:43। नवमी उससे पहले 10:49 सोम पर समाप्त हुई। दशमी 12:04 को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 5 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 16 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:01–05:52
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:01–05:52।
सोम 15 जुलाई की रात सूर्यास्त 17:54 सोम से सूर्योदय 06:43 तक थी, 12 घं 49 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 16 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:56–12:41
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:56–12:41।
मंगल 16 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:57–09:42
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:57–09:42, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:02–23:53।
मंगल 16 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 23:02–23:53
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:57–09:42, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:02–23:53।
यहाँ दिन, 06:43 से 17:54, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:57–09:42 और 23:02–23:53।
मंगल 16 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:43–08:07 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:43 से 17:54, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:54 से 06:43 बुध, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 16 जुलाई को राहुकाल कब है? 15:06–16:30
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:06–16:30।
मंगल 16 जुलाई को यमगंड कब है? 09:31–10:55
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:31–10:55।
मंगल 16 जुलाई को गुलिक काल कब है? 12:19–13:42
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:19–13:42।
यहाँ दिन 06:43 से 17:54 तक है, 11 घं 11 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 16 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:43
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:43, सूर्यास्त 17:54, 11 घं 11 मि का दिन।
मंगल 16 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:54
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:43, सूर्यास्त 17:54, 11 घं 11 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 16 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा
सूर्योदय पर चंद्रमा 207.6° पर था: विशाखा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 206°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:43 को निकलेगा, अनुराधा में।
मंगल 16 जुलाई को कौन सा योग है? शुभ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 297.8° थे: शुभ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 90.2° + 207.6° = 297.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 22:33 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।
मंगल 16 जुलाई को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 117.4° थी: दशमी का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 23:32 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 114° हुई; गर 12:04 तक है।
मंगल 16 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:43, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:43 से 06:43 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 16 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 5 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 4 अगस्त, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
मंगल 16 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ है।
मंगल 16 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946
विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 15:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 95° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 16 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 13:30
चंद्रमा यहाँ 13:30 पर उदय होता है।
मंगल 16 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:01 बुध
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:30 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:01 बुध पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:30 पर उदय हुआ; वह फिर 03:01 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।