tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 10 अक्टूबर 2023

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

एकादशी

कृष्ण पक्ष · 06:39 तक

फिर द्वादशी · 09:07 बुध तक

एकादशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें

व्रत

इंदिरा एकादशी

पारण समय
05:47⁠–⁠09:07 बुध
बुध 11 अक्टूबर
व्रत आरंभ
05:47

इंदिरा एकादशी मंगल 10 अक्टूबर को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है। मंगल 10 अक्टूबर क्यों?

इंदिरा एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:15 05:47 18:12अगला सूर्योदय 05:47 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:47–07:20रोगअशुभ
  • 07:20–08:53उद्वेगअशुभ
  • 08:53–10:26चरसामान्य
  • 10:26–11:59लाभशुभ
  • 11:59–13:32अमृतगुलिक काल में
  • 13:32–15:05कालअशुभ
  • 15:05–16:38शुभराहु काल में
  • 16:38–18:12रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:12–19:38कालअशुभ
  • 19:38–21:05लाभशुभ
  • 21:05–22:32उद्वेगअशुभ
  • 22:32–23:59शुभ
  • 23:59–01:26 बुधअमृतशुभ
  • 01:26–02:53 बुधचरसामान्य
  • 02:53–04:20 बुधरोगअशुभ
  • 04:20–05:47 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 10 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:15–05:01, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:47–07:20
  • उद्वेग, अशुभ, 07:20–08:53
  • चर, सामान्य, 08:53–10:26
  • लाभ, शुभ, 10:26–11:59
  • अमृत, शुभ, 11:59–13:32
  • काल, अशुभ, 13:32–15:05
  • शुभ, 15:05–16:38
  • रोग, अशुभ, 16:38–18:12
  • काल, अशुभ, 18:12–19:38
  • लाभ, शुभ, 19:38–21:05
  • उद्वेग, अशुभ, 21:05–22:32
  • शुभ, 22:32–23:59
  • अमृत, शुभ, 23:59–01:26 बुध
  • चर, सामान्य, 01:26–02:53 बुध
  • रोग, अशुभ, 02:53–04:20 बुध
  • काल, अशुभ, 04:20–05:47 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:16–09:06, अशुभ
  • यमगण्ड, 08:53–10:26, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:35–12:24, शुभ
  • गुलिक काल, 11:59–13:32, अशुभ
  • राहु काल, 15:05–16:38, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 22:50–23:36, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:14–05:00 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में इंदिरा एकादशी मंगल 10 अक्टूबर को क्यों है?

इंदिरा एकादशी मंगल 10 अक्टूबर को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है।

दशमी एकादशी 05:48 04:07 03:00 05:00 06:00 07:00 सोम 9 अक्टूबर अरुणोदय 04:12–05:48
दशमी एकादशी 05:48 04:07 03:00 05:00 06:00 07:00 सोम 9 अक्टूबर अरुणोदय 04:12–05:48
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह दोनों सूर्योदयों पर है, सोम 9 अक्टूबर को 05:48 और मंगल 10 अक्टूबर को 05:47। एकादशी (सोम 9 अक्टूबर 04:07 से मंगल 10 अक्टूबर 06:39 तक) और द्वादशी (मंगल 10 अक्टूबर 06:39 से बुध 11 अक्टूबर 09:07 तक) दोनों अपने दिन से लंबी हैं; दोनों बढ़ें तो स्मार्त बाद का दिन लेते हैं: मंगल 10 अक्टूबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दो सूर्योदयों पर हो तो वे भी दूसरे दिन व्रत रखते हैं।

इंदिरा एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

मंगल 10 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 311.6° आगे था: कृष्ण एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 311.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 311.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:47। दशमी उससे पहले 04:07 सोम पर समाप्त हुई। एकादशी 06:39 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 29 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

एकादशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

एकादशी यहाँ सोम 9 और मंगल 10 अक्टूबर दोनों के सूर्योदय पर है।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी सोम 9 अक्टूबर सुबह मंगल 10 अक्टूबर सुबह Ipameri UTC−3 04:07 06:39 05:48 एकादशी 05:47 एकादशी एकादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी सोम 9 अक्टूबर सुबह मंगल 10 अक्टूबर सुबह Ipameri UTC−3 04:07 06:39 05:48 एकादशी 05:47 एकादशी एकादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 04:07 सोम को, सूर्योदय 05:48 सोम से पहले, शुरू हुई और 06:39 को, अगले सूर्योदय 05:47 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन एकादशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

मंगल 10 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:15–05:01

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:15–05:01।

सूर्यास्त 18:11 सोम सूर्योदय 05:47 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 9 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:11 सोम सूर्योदय 05:47 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 9 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 9 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:11 सोम से सूर्योदय 05:47 तक थी, 11 घं 36 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 10 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:35–12:24

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:35–12:24।

मंगल 10 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:16–09:06

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:16–09:06, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:50–23:36।

मंगल 10 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:50–23:36

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:16–09:06, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:50–23:36।

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 18:12 सूर्योदय 05:47 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 18:12 सूर्योदय 05:47 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:47 से 18:12, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:16–09:06 और 22:50–23:36।

मंगल 10 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:47–07:20 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 18:12 सूर्योदय 05:47 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 18:12 सूर्योदय 05:47 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:47 से 18:12, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:12 से 05:47 बुध, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 10 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 15:05–16:38

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:05–16:38।

मंगल 10 अक्टूबर को यमगंड कब है? 08:53–10:26

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:53–10:26।

मंगल 10 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 11:59–13:32

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:59–13:32।

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 18:12 सूर्योदय 05:47 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 18:12 सूर्योदय 05:47 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:47 से 18:12 तक है, 12 घं 25 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 10 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:47

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:47, सूर्यास्त 18:12, 12 घं 25 मि का दिन।

मंगल 10 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:12

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:47, सूर्यास्त 18:12, 12 घं 25 मि का दिन।

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 18:12 सूर्योदय 05:47 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:03 चंद्रोदय 03:59 बुध
सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 18:12 सूर्योदय 05:47 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:03 चंद्रोदय 03:59 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 25 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 25 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 10 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? मघा

सूर्योदय पर चंद्रमा 124.2° पर था: मघा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° मघा चंद्रमा 124.2° अगला: पूर्वाफाल्गुनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मघा चंद्रमा 124.2° अगला: पूर्वाफाल्गुनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 123°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 00:15 बुध को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।

मंगल 10 अक्टूबर को कौन सा योग है? शुभ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 296.8° थे: शुभ।

सूर्य 172.6° + चंद्रमा 124.2° = 296.8° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 172.6° + चंद्रमा 124.2° = 296.8° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 172.6° + 124.2° = 296.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 00:11 बुध को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।

मंगल 10 अक्टूबर को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 311.6° थी: एकादशी का दूसरा आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 311.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बालव 306°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 311.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बालव 306°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 17:22 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 306° हुई; बालव 06:39 तक है।

मंगल 10 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:47, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 18:12 सूर्योदय 05:47 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 18:12 सूर्योदय 05:47 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:47 से 05:47 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 10 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 14 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 14 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

मंगल 10 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।

अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल मंगल 10 अक्टूबर अमावस्या 14 सित॰ पूर्णिमा 29 सित॰ अमावस्या 14 अक्टू॰ पूर्णिमा 28 अक्टू॰
अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन भाद्रपद कृष्ण शुक्ल मंगल 10 अक्टूबर अमावस्या 14 सित॰ पूर्णिमा 29 सित॰ अमावस्या 14 अक्टू॰ पूर्णिमा 28 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।

मंगल 10 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2080 · शक 1945

विक्रम संवत 2080 21 मार्च 2023 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 2023 14:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 10 अक्टूबर सूर्य 172.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 2023 14:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 10 अक्टूबर सूर्य 172.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2023, 14:23 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 196° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2080 गिनता है; शक संवत 1945।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 10 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:59 बुध

चंद्रमा यहाँ 03:59 बुध पर उदय होता है।

मंगल 10 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:03

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 18:12 सूर्योदय 05:47 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:03 चंद्रोदय 03:59 बुध
सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 18:12 सूर्योदय 05:47 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:03 चंद्रोदय 03:59 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:03 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:59 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:03 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:59 बुध पर उदय होगा।