Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 14 फ़रवरी 2023
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
14 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 14 फ़रवरी
- 04:35–05:21ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:06 से
-
07:22–08:38अमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · अनुराधा में
- 10:51–12:26लाभ चौघड़िया
- 12:01–12:26अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:26–14:01अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:37–17:12शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:47 के बाद
- 20:12–21:37लाभ चौघड़िया
- 23:02–23:19शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:04–00:27 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:27–01:51 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:36–05:21 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:06–07:41रोगअशुभ
- 07:41–09:16उद्वेगअशुभ
- 09:16–10:51चरसामान्य
- 10:51–12:26लाभशुभ
- 12:26–14:01अमृतगुलिक काल में
- 14:01–15:37कालअशुभ
- 15:37–17:12शुभराहु काल में
- 17:12–18:47रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:47–20:12कालअशुभ
- 20:12–21:37लाभशुभ
- 21:37–23:02उद्वेगअशुभ
- 23:02–00:27 बुधशुभ
- 00:27–01:51 बुधअमृतशुभ
- 01:51–03:16 बुधचरसामान्य
- 03:16–04:41 बुधरोगअशुभ
- 04:41–06:06 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 14 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:35–05:21, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:06–07:41
- उद्वेग, अशुभ, 07:41–09:16
- चर, सामान्य, 09:16–10:51
- लाभ, शुभ, 10:51–12:26
- अमृत, शुभ, 12:26–14:01
- काल, अशुभ, 14:01–15:37
- शुभ, 15:37–17:12
- रोग, अशुभ, 17:12–18:47
- काल, अशुभ, 18:47–20:12
- लाभ, शुभ, 20:12–21:37
- उद्वेग, अशुभ, 21:37–23:02
- शुभ, 23:02–00:27 बुध
- अमृत, शुभ, 00:27–01:51 बुध
- चर, सामान्य, 01:51–03:16 बुध
- रोग, अशुभ, 03:16–04:41 बुध
- काल, अशुभ, 04:41–06:06 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:38–09:29, अशुभ
- यमगण्ड, 09:16–10:51, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:01–12:52, शुभ
- गुलिक काल, 12:26–14:01, अशुभ
- राहु काल, 15:37–17:12, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:19–00:04 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:36–05:21 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 14 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण नवमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 278.9° आगे था: कृष्ण नवमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 276°–288° चौबीसवीं है, कृष्ण नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:06। अष्टमी उससे पहले 00:34 पर समाप्त हुई। नवमी 23:09 को समाप्त होगी, जब बढ़त 288° होगी। बढ़त 5 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में अष्टमी क्यों है?
नई दिल्ली में अष्टमी है, Ipameri में नवमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:00, अष्टमी की समाप्ति 09:04 से पहले हुआ: यह दिन अष्टमी है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:06, अष्टमी की समाप्ति 00:34 के बाद हुआ: यह दिन नवमी है।
मंगल 14 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:35–05:21
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:35–05:21।
सोम 13 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 18:47 सोम से सूर्योदय 06:06 तक थी, 11 घं 19 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 14 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:01–12:52
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:01–12:52।
मंगल 14 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 08:38–09:29
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:38–09:29, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:19–00:04 बुध।
मंगल 14 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 23:19–00:04 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:38–09:29, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:19–00:04 बुध।
यहाँ दिन, 06:06 से 18:47, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:38–09:29 और 23:19–00:04 बुध।
मंगल 14 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:06–07:41 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:06 से 18:47, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:47 से 06:06 बुध, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 14 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 15:37–17:12
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:37–17:12।
मंगल 14 फ़रवरी को यमगंड कब है? 09:16–10:51
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:16–10:51।
मंगल 14 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 12:26–14:01
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:26–14:01।
यहाँ दिन 06:06 से 18:47 तक है, 12 घं 41 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 14 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:06
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 18:47, 12 घं 41 मि का दिन।
मंगल 14 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:47
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 18:47, 12 घं 41 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 41 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 41 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 14 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा
सूर्योदय पर चंद्रमा 220.1° पर था: अनुराधा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 220° पर उसके पद 3 में आया। वह 17:31 को निकलेगा, ज्येष्ठा में।
मंगल 14 फ़रवरी को कौन सा योग है? व्याघात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 521.3° थे, एक चक्कर और 161.3°: व्याघात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 301.2° + 220.1° = 521.3°, एक पूरा चक्कर और 161.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 01:30 बुध को समाप्त होता है, फिर हर्षण।
मंगल 14 फ़रवरी को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 278.9° थी: नवमी का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 11:57 तक है, जब बढ़त 282° होगी; गर 23:09 तक।
मंगल 14 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:06, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:06 से 06:06 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 14 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 21 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 20 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
मंगल 14 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 20 फ़रवरी की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।
मंगल 14 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2079 · शक 1944
विक्रम संवत 2079 1 अप्रैल 2022 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2022, 03:24 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 313.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2079 गिनता है; शक संवत 1944।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 14 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 00:52 बुध
चंद्रमा यहाँ 00:52 बुध पर उदय होता है।
मंगल 14 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 13:33
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 13:33 पर अस्त हुआ; वह फिर 00:52 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 13:33 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 00:52 बुध पर उदय होगा।