Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग रवि 24 जुलाई 2022
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
कृष्ण पक्ष · 07:46 सोम तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें द्वादशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंव्रत का पारण
कामिका एकादशी
24 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 24 जुलाई
- 04:59–05:51ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:42 से
- 09:30–10:55लाभ चौघड़िया
-
09:54–11:42अमृत कालरोहिणी में
- 10:55–12:19अमृत चौघड़िया
- 11:56–12:19अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 13:43–15:08शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:56 के बाद
- 17:56–19:32शुभ चौघड़िया
- 19:32–21:08अमृत चौघड़िया
- 01:54–03:30 सोमलाभ चौघड़िया
- 05:06–06:41 सोमशुभ चौघड़िया
-
06:39–08:06 सोमअमृत कालराहु काल छोड़कर · मृगशिरा में
- 04:59–05:50 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:42–08:06उद्वेगअशुभ
- 08:06–09:30चरसामान्य
- 09:30–10:55लाभशुभ
- 10:55–12:19अमृतशुभ
- 12:19–13:43कालअशुभ
- 13:43–15:08शुभ
- 15:08–16:32रोगअशुभ
- 16:32–17:56उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:56–19:32शुभ
- 19:32–21:08अमृतशुभ
- 21:08–22:43चरसामान्य
- 22:43–00:19 सोमरोगअशुभ
- 00:19–01:54 सोमकालअशुभ
- 01:54–03:30 सोमलाभशुभ
- 03:30–05:06 सोमउद्वेगअशुभ
- 05:06–06:41 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 24 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:59–05:51, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:42–08:06
- चर, सामान्य, 08:06–09:30
- लाभ, शुभ, 09:30–10:55
- अमृत, शुभ, 10:55–12:19
- काल, अशुभ, 12:19–13:43
- शुभ, 13:43–15:08
- रोग, अशुभ, 15:08–16:32
- उद्वेग, अशुभ, 16:32–17:56
- शुभ, 17:56–19:32
- अमृत, शुभ, 19:32–21:08
- चर, सामान्य, 21:08–22:43
- रोग, अशुभ, 22:43–00:19 सोम
- काल, अशुभ, 00:19–01:54 सोम
- लाभ, शुभ, 01:54–03:30 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:30–05:06 सोम
- शुभ, 05:06–06:41 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:56–12:41, शुभ
- यमगण्ड, 12:19–13:43, अशुभ
- गुलिक काल, 15:08–16:32, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:26–17:11, अशुभ
- राहु काल, 16:32–17:56, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:59–05:50 सोम
हर मान कैसे निकलता है
रवि 24 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 312.6° आगे था: कृष्ण द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:42। एकादशी उससे पहले 05:16 पर समाप्त हुई। द्वादशी 07:46 सोम को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 13 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
द्वादशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
द्वादशी यहाँ रवि 24 और सोम 25 जुलाई दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वादशी 05:16 को, सूर्योदय 06:42 से पहले, शुरू हुई और 07:46 सोम को, अगले सूर्योदय 06:41 सोम के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन द्वादशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में एकादशी क्यों है?
नई दिल्ली में एकादशी है, Ipameri में द्वादशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:38, एकादशी की समाप्ति 13:46 से पहले हुआ: यह दिन एकादशी है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:42, एकादशी की समाप्ति 05:16 के बाद हुआ: यह दिन द्वादशी है।
रवि 24 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:59–05:51
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:59–05:51।
शनि 23 जुलाई की रात सूर्यास्त 17:56 शनि से सूर्योदय 06:42 तक थी, 12 घं 46 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 24 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:56–12:41
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:56–12:41।
रवि 24 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:26–17:11
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:26–17:11।
यहाँ दिन, 06:42 से 17:56, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:26–17:11।
रवि 24 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:42–08:06 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:42 से 17:56, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:56 से 06:41 सोम, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 24 जुलाई को राहुकाल कब है? 16:32–17:56
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:32–17:56।
रवि 24 जुलाई को यमगंड कब है? 12:19–13:43
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:19–13:43।
रवि 24 जुलाई को गुलिक काल कब है? 15:08–16:32
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:08–16:32।
यहाँ दिन 06:42 से 17:56 तक है, 11 घं 14 मि। इसे 1 घं 24 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 24 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:42, सूर्यास्त 17:56, 11 घं 14 मि का दिन।
रवि 24 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:42, सूर्यास्त 17:56, 11 घं 14 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 14 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 14 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 24 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 49.9° पर था: रोहिणी, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 46°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 13:30 को निकलेगा, मृगशिरा में।
रवि 24 जुलाई को कौन सा योग है? ध्रुव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 147.2° थे: ध्रुव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 97.3° + 49.9° = 147.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 06:32 सोम को समाप्त होता है, फिर व्याघात।
रवि 24 जुलाई को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 312.6° थी: द्वादशी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 18:30 तक है, जब बढ़त 318° होगी; तैतिल 07:46 सोम तक।
रवि 24 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:42, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:42 से 06:41 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 24 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 28 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 28 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
रवि 24 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 जुलाई की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।
रवि 24 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2079 · शक 1944
विक्रम संवत 2079 1 अप्रैल 2022 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2022, 03:24 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 110° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2079 गिनता है; शक संवत 1944।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 24 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:14 सोम
चंद्रमा यहाँ 04:14 सोम पर उदय होता है।
रवि 24 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:35
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:35 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:14 सोम पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:35 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:14 सोम पर उदय होगा।