Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग सोम 9 मई 2022
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
9 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 9 मई
- 04:47–05:38ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:28 से
- 06:28–07:53अमृत चौघड़िया
-
06:53–07:53अमृत कालराहु काल छोड़कर · अश्लेशा में
- 09:18–10:44शुभ चौघड़िया
- 12:09–12:31अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:33–16:24लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 16:24–17:49अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:49 के बाद
- 22:34–00:09 मंगललाभ चौघड़िया
- 01:44–03:19 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:19–04:54 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:47–05:38 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:28–07:53अमृतशुभ
- 07:53–09:18कालअशुभ
- 09:18–10:44शुभ
- 10:44–12:09रोगअशुभ
- 12:09–13:34उद्वेगअशुभ
- 13:34–14:59चरसामान्य
- 14:59–16:24लाभशुभ
- 16:24–17:49अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:49–19:24चरसामान्य
- 19:24–20:59रोगअशुभ
- 20:59–22:34कालअशुभ
- 22:34–00:09 मंगललाभशुभ
- 00:09–01:44 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:44–03:19 मंगलशुभ
- 03:19–04:54 मंगलअमृतशुभ
- 04:54–06:28 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 9 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:47–05:38, शुभ
- अमृत, शुभ, 06:28–07:53
- काल, अशुभ, 07:53–09:18
- शुभ, 09:18–10:44
- रोग, अशुभ, 10:44–12:09
- उद्वेग, अशुभ, 12:09–13:34
- चर, सामान्य, 13:34–14:59
- लाभ, शुभ, 14:59–16:24
- अमृत, शुभ, 16:24–17:49
- चर, सामान्य, 17:49–19:24
- रोग, अशुभ, 19:24–20:59
- काल, अशुभ, 20:59–22:34
- लाभ, शुभ, 22:34–00:09 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:09–01:44 मंगल
- शुभ, 01:44–03:19 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:19–04:54 मंगल
- चर, सामान्य, 04:54–06:28 मंगल
- राहु काल, 07:53–09:18, अशुभ
- यमगण्ड, 10:44–12:09, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:46–12:31, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:31–13:17, अशुभ
- गुलिक काल, 13:34–14:59, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:48–15:33, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:47–05:38 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
सोम 9 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल अष्टमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 94.3° आगे था: शुक्ल अष्टमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 84°–96° आठवीं है, शुक्ल अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:28। सप्तमी उससे पहले 08:30 रवि पर समाप्त हुई। अष्टमी 10:02 को समाप्त होगी, जब बढ़त 96° होगी। बढ़त 30 अप्रैल की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
सोम 9 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:47–05:38
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:47–05:38।
रवि 8 मई की रात सूर्यास्त 17:50 रवि से सूर्योदय 06:28 तक थी, 12 घं 38 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 9 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:46–12:31
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:46–12:31।
सोम 9 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:31–13:17
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:31–13:17 और 14:48–15:33।
सोम 9 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 14:48–15:33
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:31–13:17 और 14:48–15:33।
यहाँ दिन, 06:28 से 17:49, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:31–13:17 और 14:48–15:33।
सोम 9 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:28–07:53 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:28 से 17:49, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:49 से 06:28 मंगल, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 9 मई को राहुकाल कब है? 07:53–09:18
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:53–09:18।
सोम 9 मई को यमगंड कब है? 10:44–12:09
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:44–12:09।
सोम 9 मई को गुलिक काल कब है? 13:34–14:59
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:34–14:59।
यहाँ दिन 06:28 से 17:49 तक है, 11 घं 21 मि। इसे 1 घं 25 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 9 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:28
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 17:49, 11 घं 21 मि का दिन।
सोम 9 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:49
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 17:49, 11 घं 21 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 9 मई को कौन सा नक्षत्र है? अश्लेशा
सूर्योदय पर चंद्रमा 118.9° पर था: अश्लेशा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्लेशा 106°40′–120°00′ तक है; चंद्रमा 116°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:37 को निकलेगा, मघा में।
सोम 9 मई को कौन सा योग है? वृद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 143.5° थे: वृद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 24.6° + 118.9° = 143.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 12:12 को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।
सोम 9 मई को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 94.3° थी: अष्टमी का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 21:21 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 90° हुई; बव 10:02 तक है।
सोम 9 मई को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:28, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:28 से 06:28 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 9 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 30 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 30 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
सोम 9 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 अप्रैल की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।
सोम 9 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2079 · शक 1944
विक्रम संवत 2079 1 अप्रैल 2022 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2022, 03:24 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 37.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2079 गिनता है; शक संवत 1944।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 9 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 13:29
चंद्रमा यहाँ 13:29 पर उदय होता है।
सोम 9 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 01:06 मंगल
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:29 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 01:06 मंगल पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:29 पर उदय हुआ; वह फिर 01:06 मंगल पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।