tithika
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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 2 दिसंबर 2021

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 11:56 तक

फिर चतुर्दशी · 08:26 शुक्र तक

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
23:40⁠–⁠00:24 शुक्र
निशीथ काल 23:40⁠–⁠00:24 शुक्र

मासिक शिवरात्रि गुरु 2 दिसंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। गुरु 2 दिसंबर क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:01 05:28 18:35अगला सूर्योदय 05:28 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:28–07:07शुभयमगण्ड में
  • 07:07–08:45रोगअशुभ
  • 08:45–10:23उद्वेगअशुभ
  • 10:23–12:02चरसामान्य
  • 12:02–13:40लाभशुभ
  • 13:40–15:19अमृतराहु काल में
  • 15:19–16:57कालअशुभ
  • 16:57–18:35शुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:35–19:57अमृतशुभ
  • 19:57–21:19चरसामान्य
  • 21:19–22:40रोगअशुभ
  • 22:40–00:02 शुक्रकालअशुभ
  • 00:02–01:24 शुक्रलाभशुभ
  • 01:24–02:45 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 02:45–04:07 शुक्रशुभ
  • 04:07–05:28 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 2 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:01–04:45, शुभ
  • शुभ, 05:28–07:07
  • रोग, अशुभ, 07:07–08:45
  • उद्वेग, अशुभ, 08:45–10:23
  • चर, सामान्य, 10:23–12:02
  • लाभ, शुभ, 12:02–13:40
  • अमृत, शुभ, 13:40–15:19
  • काल, अशुभ, 15:19–16:57
  • शुभ, 16:57–18:35
  • अमृत, शुभ, 18:35–19:57
  • चर, सामान्य, 19:57–21:19
  • रोग, अशुभ, 21:19–22:40
  • काल, अशुभ, 22:40–00:02 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:02–01:24 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:24–02:45 शुक्र
  • शुभ, 02:45–04:07 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:07–05:28 शुक्र
  • यमगण्ड, 05:28–07:07, अशुभ
  • गुलिक काल, 08:45–10:23, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:51–10:43, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:36–12:28, शुभ
  • राहु काल, 13:40–15:19, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:06–15:58, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:01–04:45 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में मासिक शिवरात्रि गुरु 2 दिसंबर को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि गुरु 2 दिसंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।

त्रयोदशी 22:00 23:00 00:00 01:00 02:00 बुध 1 दिसंबर निशीथ काल 23:40–00:23 गुरु
त्रयोदशी 22:00 23:00 00:00 01:00 02:00 बुध 1 दिसंबर निशीथ काल 23:40–00:23 गुरु
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी गुरु 2 दिसंबर को 11:56 से शुक्र 3 दिसंबर को 08:26 तक है, इसलिए केवल गुरुवार की रात का निशीथ काल (23:40–00:24 शुक्र) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

गुरु 2 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 332.2° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 332.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 332.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:28। द्वादशी उससे पहले 15:05 बुध पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 11:56 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 19 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

गुरु 2 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:01–04:45

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:01–04:45।

सूर्यास्त 18:35 बुध सूर्योदय 05:28 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 1 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:35 बुध सूर्योदय 05:28 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 1 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 1 दिसंबर की रात सूर्यास्त 18:35 बुध से सूर्योदय 05:28 तक थी, 10 घं 53 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 2 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:36–12:28

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:36–12:28।

गुरु 2 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:51–10:43

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:51–10:43 और 15:06–15:58।

गुरु 2 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:06–15:58

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:51–10:43 और 15:06–15:58।

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 05:28 से 18:35, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:51–10:43 और 15:06–15:58।

गुरु 2 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:28–07:07 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:28 से 18:35, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:35 से 05:28 शुक्र, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 2 दिसंबर को राहुकाल कब है? 13:40–15:19

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:40–15:19।

गुरु 2 दिसंबर को यमगंड कब है? 05:28–07:07

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:28–07:07।

गुरु 2 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 08:45–10:23

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:45–10:23।

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 05:28 से 18:35 तक है, 13 घं 7 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 2 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:28

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:35, 13 घं 7 मि का दिन।

गुरु 2 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:35

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:35, 13 घं 7 मि का दिन।

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:56 चंद्रोदय 04:38 शुक्र
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:56 चंद्रोदय 04:38 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 2 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती

सूर्योदय पर चंद्रमा 198.5° पर था: स्वाती, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 198.5° अगला: विशाखा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 198.5° अगला: विशाखा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 196°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 07:57 को निकलेगा, विशाखा में।

गुरु 2 दिसंबर को कौन सा योग है? शोभन

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 424.7° थे, एक चक्कर और 64.7°: शोभन।

सूर्य 226.2° + चंद्रमा 198.5° = 424.7° एक चक्कर + 64.7° शोभन 53°20′–66°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 226.2° + चंद्रमा 198.5° = 424.7° एक चक्कर + 64.7° शोभन 53°20′–66°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 226.2° + 198.5° = 424.7°, एक पूरा चक्कर और 64.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 08:29 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।

गुरु 2 दिसंबर को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 332.2° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 332.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 332.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 01:34 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 11:56 तक है।

गुरु 2 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:28, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:28 से 05:28 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 2 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 4 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 4 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

गुरु 2 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कार्तिक कृष्ण शुक्ल गुरु 2 दिसंबर अमावस्या 4 नव॰ पूर्णिमा 19 नव॰ अमावस्या 4 दिस॰ पूर्णिमा 19 दिस॰
अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कार्तिक कृष्ण शुक्ल गुरु 2 दिसंबर अमावस्या 4 नव॰ पूर्णिमा 19 नव॰ अमावस्या 4 दिस॰ पूर्णिमा 19 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।

गुरु 2 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2078 · शक 1943

विक्रम संवत 2078 11 अप्रैल 2021 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 11 अप्रैल 2021 23:30 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 2 दिसंबर सूर्य 226.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 11 अप्रैल 2021 23:30 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 2 दिसंबर सूर्य 226.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 11 अप्रैल 2021, 23:30 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 227.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2078 गिनता है; शक संवत 1943।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 2 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:38 शुक्र

चंद्रमा यहाँ 04:38 शुक्र पर उदय होता है।

गुरु 2 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:56

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:56 चंद्रोदय 04:38 शुक्र
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:56 चंद्रोदय 04:38 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:56 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:38 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:56 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:38 शुक्र पर उदय होगा।