tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 25 अगस्त 2021

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

तृतीया

कृष्ण पक्ष · 07:49 तक

फिर चतुर्थी · 08:44 गुरु तक

त्योहार

कजरी तीज

कजरी तीज बुध 25 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर तृतीया है। बुध 25 अगस्त क्यों?

कजरी तीज: Ipameri में हर तारीख़

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
21:01

संकष्टी चतुर्थी बुध 25 अगस्त को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। बुध 25 अगस्त क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:46 06:25 18:04अगला सूर्योदय 06:24 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:25–07:52लाभशुभ
  • 07:52–09:19अमृतयमगण्ड में
  • 09:19–10:47कालअशुभ
  • 10:47–12:14शुभगुलिक काल में
  • 12:14–13:42रोगअशुभ
  • 13:42–15:09उद्वेगअशुभ
  • 15:09–16:37चरसामान्य
  • 16:37–18:04लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:04–19:37उद्वेगअशुभ
  • 19:37–21:09शुभ
  • 21:09–22:42अमृतशुभ
  • 22:42–00:14 गुरुचरसामान्य
  • 00:14–01:46 गुरुरोगअशुभ
  • 01:46–03:19 गुरुकालअशुभ
  • 03:19–04:51 गुरुलाभशुभ
  • 04:51–06:24 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 25 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:46–05:35, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:25–07:52
  • अमृत, शुभ, 07:52–09:19
  • काल, अशुभ, 09:19–10:47
  • शुभ, 10:47–12:14
  • रोग, अशुभ, 12:14–13:42
  • उद्वेग, अशुभ, 13:42–15:09
  • चर, सामान्य, 15:09–16:37
  • लाभ, शुभ, 16:37–18:04
  • उद्वेग, अशुभ, 18:04–19:37
  • शुभ, 19:37–21:09
  • अमृत, शुभ, 21:09–22:42
  • चर, सामान्य, 22:42–00:14 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:14–01:46 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:46–03:19 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:19–04:51 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:51–06:24 गुरु
  • यमगण्ड, 07:52–09:19, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:47–12:14, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:51–12:38, अशुभ
  • राहु काल, 12:14–13:42, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:45–05:34 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में कजरी तीज बुध 25 अगस्त को क्यों है?

कजरी तीज बुध 25 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर तृतीया है।

द्वितीया तृतीया 07:35 05:00 06:00 07:00 मंगल 24 अगस्त सूर्योदय 06:25
द्वितीया 07:35 05:00 06:00 07:00 मंगल 24 अगस्त सूर्योदय 06:25 तृतीया 07:35 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

कजरी तीज सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। तृतीया मंगल 24 अगस्त को 07:35 से बुध 25 अगस्त को 07:49 तक है, इसलिए वह केवल बुध 25 अगस्त के सूर्योदय (06:25) पर है। कजरी तीज का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

कजरी तीज: Ipameri में हर तारीख़

Ipameri में संकष्टी चतुर्थी बुध 25 अगस्त को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी बुध 25 अगस्त को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

तृतीया 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 मंगल 24 अगस्त चंद्रोदय 20:10
तृतीया 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 मंगल 24 अगस्त चंद्रोदय 20:10
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। गहरी पट्टी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी बुध 25 अगस्त को 07:49 से गुरु 26 अगस्त को 08:44 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल बुध 25 अगस्त को है, 21:01 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: Ipameri में हर तारीख़

बुध 25 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 215.3° आगे था: कृष्ण तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 215.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 215.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:25। द्वितीया उससे पहले 07:35 मंगल पर समाप्त हुई। तृतीया 07:49 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 22 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

बुध 25 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:46–05:35

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:46–05:35।

सूर्यास्त 18:04 मंगल सूर्योदय 06:25 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 24 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:04 मंगल सूर्योदय 06:25 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 24 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 24 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:04 मंगल से सूर्योदय 06:25 तक थी, 12 घं 21 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 25 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 11:51–12:38

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:51–12:38।

सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:25 से 18:04, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:51–12:38: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 25 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:25–07:52 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:25 से 18:04, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:04 से 06:24 गुरु, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 25 अगस्त को राहुकाल कब है? 12:14–13:42

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:14–13:42।

बुध 25 अगस्त को यमगंड कब है? 07:52–09:19

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:52–09:19।

बुध 25 अगस्त को गुलिक काल कब है? 10:47–12:14

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:47–12:14।

सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:25 से 18:04 तक है, 11 घं 39 मि। इसे 1 घं 27 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 25 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:25

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:25, सूर्यास्त 18:04, 11 घं 39 मि का दिन।

बुध 25 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:04

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:25, सूर्यास्त 18:04, 11 घं 39 मि का दिन।

सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:36 चंद्रोदय 21:01
सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:36 चंद्रोदय 21:01
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 25 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 343.6° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 343.6° अगला: रेवती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 343.6° अगला: रेवती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 343°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 12:17 को निकलेगा, रेवती में।

बुध 25 अगस्त को कौन सा योग है? शूल

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 471.8° थे, एक चक्कर और 111.8°: शूल।

सूर्य 128.2° + चंद्रमा 343.6° = 471.8° एक चक्कर + 111.8° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 128.2° + चंद्रमा 343.6° = 471.8° एक चक्कर + 111.8° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 128.2° + 343.6° = 471.8°, एक पूरा चक्कर और 111.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 20:54 को समाप्त होता है, फिर गण्ड।

बुध 25 अगस्त को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 215.3° थी: तृतीया का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 215.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 215.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 19:37 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 210° हुई; विष्टि 07:49 तक है।

बुध 25 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:25, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:25 से 06:24 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 25 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 8 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 6 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

बुध 25 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल बुध 25 अगस्त अमावस्या 8 अग॰ पूर्णिमा 22 अग॰ अमावस्या 6 सित॰ पूर्णिमा 20 सित॰
अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल बुध 25 अगस्त अमावस्या 8 अग॰ पूर्णिमा 22 अग॰ अमावस्या 6 सित॰ पूर्णिमा 20 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।

बुध 25 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2078 · शक 1943

विक्रम संवत 2078 11 अप्रैल 2021 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 11 अप्रैल 2021 23:30 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 25 अगस्त सूर्य 128.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 11 अप्रैल 2021 23:30 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 25 अगस्त सूर्य 128.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 11 अप्रैल 2021, 23:30 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 129.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2078 गिनता है; शक संवत 1943।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 25 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:01

चंद्रमा यहाँ 21:01 पर उदय होता है।

बुध 25 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:36

सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:36 चंद्रोदय 21:01
सूर्योदय 06:25 सूर्यास्त 18:04 सूर्योदय 06:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:36 चंद्रोदय 21:01
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:36 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:01 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:36 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:01 पर उदय होगा।