tithika
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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 12 अगस्त 2021

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

चतुर्थी

शुक्ल पक्ष · 06:55 तक

फिर पञ्चमी · 05:13 शुक्र तक

यहाँ कोई दिन पञ्चमी नहीं कारण जानें

त्योहार

नाग पंचमी

नाग पंचमी गुरु 12 अगस्त को है: पञ्चमी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। गुरु 12 अगस्त क्यों?

नाग पंचमी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:53 06:33 18:02अगला सूर्योदय 06:33 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:33–07:59शुभयमगण्ड में
  • 07:59–09:25रोगअशुभ
  • 09:25–10:51उद्वेगअशुभ
  • 10:51–12:17चरसामान्य
  • 12:17–13:43लाभशुभ
  • 13:43–15:10अमृतराहु काल में
  • 15:10–16:36कालअशुभ
  • 16:36–18:02शुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:02–19:36अमृतशुभ
  • 19:36–21:09चरसामान्य
  • 21:09–22:43रोगअशुभ
  • 22:43–00:17 शुक्रकालअशुभ
  • 00:17–01:51 शुक्रलाभशुभ
  • 01:51–03:25 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:25–04:59 शुक्रशुभ
  • 04:59–06:33 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 12 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:53–05:43, शुभ
  • शुभ, 06:33–07:59
  • रोग, अशुभ, 07:59–09:25
  • उद्वेग, अशुभ, 09:25–10:51
  • चर, सामान्य, 10:51–12:17
  • लाभ, शुभ, 12:17–13:43
  • अमृत, शुभ, 13:43–15:10
  • काल, अशुभ, 15:10–16:36
  • शुभ, 16:36–18:02
  • अमृत, शुभ, 18:02–19:36
  • चर, सामान्य, 19:36–21:09
  • रोग, अशुभ, 21:09–22:43
  • काल, अशुभ, 22:43–00:17 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:17–01:51 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:51–03:25 शुक्र
  • शुभ, 03:25–04:59 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:59–06:33 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:33–07:59, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:25–10:51, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:23–11:09, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:54–12:40, शुभ
  • राहु काल, 13:43–15:10, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:58–15:44, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:52–05:42 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में नाग पंचमी गुरु 12 अगस्त को क्यों है?

नाग पंचमी गुरु 12 अगस्त को है: पञ्चमी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।

चतुर्थी पञ्चमी 06:55 05:00 06:00 08:00 गुरु 12 अगस्त स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:33
चतुर्थी पञ्चमी 06:55 05:00 06:00 08:00 गुरु 12 अगस्त स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:33
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

नाग पंचमी सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पञ्चमी गुरु 12 अगस्त को 06:55 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और शुक्र 13 अगस्त को 05:13 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: गुरु 12 अगस्त। नाग पंचमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

नाग पंचमी: Ipameri में हर तारीख़

गुरु 12 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 47.8° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।

सूर्य अमावस्या 0° 47.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 47.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:33। तृतीया उससे पहले 08:24 बुध पर समाप्त हुई। चतुर्थी 06:55 को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 8 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

पञ्चमी क्षय क्यों है?

पञ्चमी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन पञ्चमी नहीं होता।

चतुर्थी पञ्चमी पञ्चमी षष्ठी गुरु 12 अगस्त सुबह शुक्र 13 अगस्त सुबह Ipameri UTC−3 06:55 05:13 06:33 चतुर्थी 06:33 षष्ठी पञ्चमी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
चतुर्थी पञ्चमी पञ्चमी षष्ठी गुरु 12 अगस्त सुबह शुक्र 13 अगस्त सुबह Ipameri UTC−3 06:55 05:13 06:33 चतुर्थी 06:33 षष्ठी पञ्चमी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पञ्चमी 06:55 को शुरू हुई और 05:13 शुक्र को समाप्त, 06:33 और 06:33 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को चतुर्थी है और शुक्रवार को षष्ठी: पञ्चमी यहाँ क्षय तिथि है।

गुरु 12 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:53–05:43

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:53–05:43।

सूर्यास्त 18:01 बुध सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 11 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:01 बुध सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 11 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 11 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:01 बुध से सूर्योदय 06:33 तक थी, 12 घं 32 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 12 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:54–12:40

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:54–12:40।

गुरु 12 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 10:23–11:09

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:23–11:09 और 14:58–15:44।

गुरु 12 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 14:58–15:44

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:23–11:09 और 14:58–15:44।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:33 से 18:02, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:23–11:09 और 14:58–15:44।

गुरु 12 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:33–07:59 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:33 से 18:02, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:02 से 06:33 शुक्र, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 12 अगस्त को राहुकाल कब है? 13:43–15:10

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:43–15:10।

गुरु 12 अगस्त को यमगंड कब है? 06:33–07:59

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:33–07:59।

गुरु 12 अगस्त को गुलिक काल कब है? 09:25–10:51

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:25–10:51।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:33 से 18:02 तक है, 11 घं 29 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 12 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:33

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:33, सूर्यास्त 18:02, 11 घं 29 मि का दिन।

गुरु 12 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:02

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:33, सूर्यास्त 18:02, 11 घं 29 मि का दिन।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:56 चंद्रोदय 09:30
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:56 चंद्रोदय 09:30
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 12 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? हस्त

सूर्योदय पर चंद्रमा 163.6° पर था: हस्त, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 163.6° अगला: चित्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 163.6° अगला: चित्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 163°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 23:29 को निकलेगा, चित्रा में।

गुरु 12 अगस्त को कौन सा योग है? सिद्ध

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 279.3° थे: सिद्ध।

सूर्य 115.7° + चंद्रमा 163.6° = 279.3° सिद्ध 266°40′–280°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 115.7° + चंद्रमा 163.6° = 279.3° सिद्ध 266°40′–280°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 115.7° + 163.6° = 279.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 266°40′–280°00′ इक्कीसवाँ है, सिद्ध। यह 07:41 को समाप्त होता है, फिर साध्य।

गुरु 12 अगस्त को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 47.8° थी: चतुर्थी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 47.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° विष्टि 42°–48° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 47.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° विष्टि 42°–48° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 19:41 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 42° हुई; विष्टि 06:55 तक है।

गुरु 12 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:33, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:33 से 06:33 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 12 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 8 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 6 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

गुरु 12 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल गुरु 12 अगस्त पूर्णिमा 23 जुल॰ अमावस्या 8 अग॰ पूर्णिमा 22 अग॰ अमावस्या 6 सित॰
अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल गुरु 12 अगस्त पूर्णिमा 23 जुल॰ अमावस्या 8 अग॰ पूर्णिमा 22 अग॰ अमावस्या 6 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 8 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।

गुरु 12 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2078 · शक 1943

विक्रम संवत 2078 11 अप्रैल 2021 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 11 अप्रैल 2021 23:30 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 12 अगस्त सूर्य 115.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 11 अप्रैल 2021 23:30 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 12 अगस्त सूर्य 115.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 11 अप्रैल 2021, 23:30 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 117.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2078 गिनता है; शक संवत 1943।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 12 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:30

चंद्रमा यहाँ 09:30 पर उदय होता है।

गुरु 12 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:56

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:56 चंद्रोदय 09:30
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:56 चंद्रोदय 09:30
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:30 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:56 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:30 पर उदय हुआ; वह फिर 21:56 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।